सेंसेक्स 249 अंक फिसला, 76,478 पर बंद; IT शेयरों में भारी बिकवाली, मिडकैप-स्मॉलकैप चमके
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स मंगलवार, 30 जून को 249.70 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,478.67 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 80.50 अंक यानी 0.34 प्रतिशत टूटकर 23,865.75 पर आ गया। लार्जकैप शेयरों में एकतरफा बिकवाली के बीच मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने हरे निशान में कारोबार समाप्त किया।
बाज़ार का मिला-जुला प्रदर्शन
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 230.40 अंक यानी 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 61,797.70 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 190 अंक यानी 1.02 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,863.10 पर रहा। यह विभाजन इस बात का संकेत है कि निवेशकों का रुझान बड़े शेयरों से हटकर छोटे और मझोले शेयरों की ओर बना हुआ है।
सेक्टोरल प्रदर्शन: रक्षा और रियल्टी आगे, IT पिछड़ा
सेक्टोरल सूचकांकों में निफ्टी इंडिया डिफेंस 1.37 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी 1.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहे। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी फार्मा, निफ्टी मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी ऑटो, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी हेल्थकेयर भी हरे निशान में बंद हुए।
दूसरी ओर, निफ्टी आईटी सबसे बड़ा पिछड़ने वाला सेक्टर रहा। निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी सर्विसेज भी लाल निशान में बंद हुए।
मुख्य शेयरों का हाल
सेंसेक्स पैक में मारुति सुजुकी, टाइटन, बजाज फाइनेंस, इटरनल, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, इंडिगो, ट्रेंट, एनटीपीसी और पावर ग्रिड प्रमुख गेनर्स रहे।
वहीं, इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, आईटीसी, एचयूएल, एसबीआई, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, एमएंडएम, कोटक महिंद्रा बैंक, एलएंडटी, सन फार्मा, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक और बीईएल लूजर्स की सूची में रहे।
बाज़ार की धारणा और वैश्विक संकेत
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू बाज़ार फिलहाल कंसोलिडेशन फेज़ में है और सीमित दायरे में मिले-जुले रुझानों के साथ कारोबार कर रहा है। भू-राजनीतिक चिंताएँ कुछ हद तक कम हुई हैं, लेकिन अमेरिका-ईरान शांति समझौते की नाजुक स्थिति अभी भी निवेशकों की धारणा पर दबाव बनाए हुए है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक अमेरिका के आगामी रोज़गार आँकड़ों और नए फेड चेयरमैन के बयानों पर करीबी नज़र रख रहे हैं। महँगाई अभी भी लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, जबकि आर्थिक गतिविधियाँ अच्छी रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं — यह असंतुलन ब्याज दरों की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनाए हुए है। आगे के कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत और घरेलू आर्थिक आँकड़े बाज़ार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे।