ईरान युद्ध के चलते कुकिंग गैस पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार का फोकस घरेलू इंडक्शन हीटर उत्पादन पर

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ईरान युद्ध के चलते कुकिंग गैस पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार का फोकस घरेलू इंडक्शन हीटर उत्पादन पर

सारांश

केंद्र सरकार कुकिंग गैस की खपत घटाने के लिए घरेलू इंडक्शन हीटर के उत्पादन पर जोर दे रही है। ईरान युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति चेन में आई बाधाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

Key Takeaways

  • केंद्र सरकार का घरेलू इंडक्शन हीटर उत्पादन बढ़ाने का निर्णय
  • ईरान युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति चेन में बाधाएं
  • कुकिंग गैस की खपत को कम करने का लक्ष्य
  • तेल और गैस के आयात में विविधता लाना
  • आवश्यक उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना

नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार अब कुकिंग गैस की खपत को कम करने के लिए इंडक्शन हीटर और संबंधित उपकरणों का घरेलू उत्पादन बढ़ाने की योजना बना रही है। इस दिशा में शुक्रवार को उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव, विद्युत सचिव और विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई।

बैठक में ईरान युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं को ध्यान में रखते हुए इंडक्शन हीटर और कुकिंग उपकरणों के उत्पादन को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई, ताकि कुकिंग गैस की खपत कम की जा सके।

पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद से इंडक्शन हीटर और अन्य इलेक्ट्रिक उत्पादों की मांग में काफी वृद्धि देखी गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अगर यह युद्ध लंबे समय तक चलता है, तो भारत को संभावित चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब सरकार लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष की संभावना को देखते हुए आयात पर पड़ने वाले असर का आकलन कर रही है। खासतौर पर तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात में बाधा को लेकर चिंता जताई जा रही है।

सरकार ने पहले ही कई पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आयात शुल्क कम कर दिए हैं, ताकि आपूर्ति बनी रहे और लागत का दबाव कम किया जा सके।

सूत्रों के अनुसार, सरकार का मुख्य ध्यान आवश्यक उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आयात पर निर्भरता घटाना है।

कतर में एक बड़े लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) प्लांट को नुकसान पहुंचने के बाद मध्य पूर्व से तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बंद होने की स्थिति में है, जहां से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति गुजरती है।

भारत ने इस स्थिति से निपटने के लिए अपने तेल आयात स्रोतों में विविधता लाई है और अब रूस के साथ-साथ नाइजीरिया और अंगोला जैसे अफ्रीकी देशों से अधिक कच्चा तेल खरीद रहा है। इसके अलावा, भारतीय कंपनियां अमेरिका से भी गैस की आपूर्ति ले रही हैं।

इस बीच, पश्चिम एशिया में संघर्ष को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को अपने संबोधन में कहा कि अमेरिकी सेना अगले 2-3 हफ्तों तक ईरान पर 'बेहद कड़ा प्रहार' करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान को 'पाषाण युग' (उनकी पुरानी स्थिति जहां वे असल में थे) में पहुंचा देगा।

इसके कुछ घंटों बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "उस समय मध्य पूर्व में न तेल था और न ही गैस का उत्पादन होता था।"

ट्रंप ने यह चेतावनी ऐसे समय दोहराई है जब यह संघर्ष दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैनाती जारी है। वहीं, ईरान ने युद्धविराम और 15-सूत्रीय शांति योजना से जुड़ी खबरों को खारिज करते हुए इसे 'बड़े एकतरफा और अव्यवहारिक' बताया है।

Point of View

बल्कि घरेलू उद्योग को भी मजबूती प्रदान करेगा।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

केंद्र सरकार इंडक्शन हीटर उत्पादन बढ़ाने का कारण क्या है?
केंद्र सरकार का उद्देश्य कुकिंग गैस की खपत को कम करना और वैश्विक आपूर्ति चेन में आई बाधाओं के कारण उत्पन्न समस्याओं का समाधान करना है।
क्या ईरान युद्ध का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ेगा?
हां, ईरान युद्ध के चलते तेल और गैस की आपूर्ति में बाधा आ सकती है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
क्या भारत ने अपने तेल आयात में विविधता लाई है?
जी हां, भारत ने रूस, नाइजीरिया और अंगोला जैसे देशों से कच्चा तेल खरीदने को प्राथमिकता दी है।
इंडक्शन हीटर का उपयोग बढ़ाने से क्या लाभ होगा?
इंडक्शन हीटर का उपयोग बढ़ाने से कुकिंग गैस की खपत कम होगी और इससे पर्यावरण को भी लाभ होगा।
क्या सरकार ने आयात शुल्क में कोई बदलाव किया है?
जी हां, सरकार ने कई पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आयात शुल्क कम किया है ताकि लागत का दबाव कम किया जा सके।
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