क्या जापानी बैंक एमयूएफजी ने भारत के वित्तीय क्षेत्र में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है?
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। जापान की प्रमुख बैंकिंग कंपनी मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप (एमयूएफजी) ने भारत के वित्तीय क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण निवेश किया है। इस बैंकिंग दिग्गज ने घोषणा की है कि उसने श्रीराम फाइनेंस में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है। यह सौदा लगभग 4.4 अरब डॉलर, यानि करीब 39,600 करोड़ रुपए का है। यह निवेश शेयरों के विशेष आवंटन (प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट) के माध्यम से किया गया है।
यह सौदा भारत के वित्तीय सेवा क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) माना जा रहा है। यह दर्शाता है कि विश्व की बड़ी कंपनियों का भारत के लोन और वित्तीय प्रणाली पर विश्वास बढ़ रहा है।
इस समझौते के अंतर्गत, एमयूएफजी को श्रीराम फाइनेंस के बोर्ड में दो निदेशक (डायरेक्टर) नामित करने का अधिकार प्राप्त होगा, जिससे कंपनी के संचालन में एमयूएफजी की भागीदारी बढ़ेगी।
श्रीराम फाइनेंस ने अपनी फाइलिंग में कहा कि कंपनी के बोर्ड ने एमयूएफजी से लगभग 39,618 करोड़ रुपए जुटाने को मंजूरी दे दी है। इसके बदले में कंपनी 47,11,21,055 नए इक्विटी शेयर जारी करेगी, जिनकी कीमत 840.93 रुपए प्रति शेयर निर्धारित की गई है।
यह निवेश भारत के वित्तीय क्षेत्र में पहले हुए कई बड़े सौदों से भी बड़ा है। इससे पहले कई वैश्विक दिग्गज जैसे एनबीडी द्वारा आरबीएल बैंक, सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन द्वारा यस बैंक, इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा सम्मान कैपिटल और वारबर्ग पिंकस और एडीआईए द्वारा आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में निवेश किया गया है। इस कारण इसे एक ऐतिहासिक सौदा माना जा रहा है।
कंपनी ने कहा कि इस नई पूंजी का उपयोग लंबे समय के विकास और लोन कारोबार को बढ़ाने में किया जाएगा। वर्तमान में श्रीराम फाइनेंस का एसेट अंडर मैनेजमेंट 2.81 लाख करोड़ रुपए से अधिक है और देशभर में इसकी 3,225 शाखाएं हैं।
यह सौदा अभी शेयरधारकों की मंजूरी और सरकारी नियमों की स्वीकृति के बाद पूरा होगा।
इस बड़ी घोषणा के बाद श्रीराम फाइनेंस के शेयर दिन के कारोबार में 4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के साथ 913.50 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए, जो कि 52 हफ्ते का भी उच्चतम स्तर है।