क्या केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र में 3.37 लाख मीट्रिक टन अरहर की खरीद को मंजूरी दी?
सारांश
Key Takeaways
- केंद्र सरकार ने 3.37 लाख मीट्रिक टन अरहर की खरीद को मंजूरी दी।
- यह खरीद पीएसएस के तहत होगी।
- कृषि मंत्री ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह निर्णय लिया।
- किसानों से सीधी खरीद से बिचौलियों की भूमिका कम होगी।
- आधुनिक तकनीक का उपयोग करके खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा।
नई दिल्ली, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र में पीएसएस के तहत 3.37 लाख मीट्रिक टन अरहर की खरीद को स्वीकृति दी है। यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा रविवार को साझा की गई।
मंत्रालय के बयान के अनुसार, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में बैठक में यह निर्णय लिया। तूर (अरहर) की यह खरीद, जिसकी एमएसपी राशि लगभग 2696 करोड़ रुपए है, मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत की जाएगी।
सरकार तब पीएसएस के तहत खरीदारी करती है, जब किसी फसल की कीमत एमएसपी से नीचे चली जाती है।
मंत्रालय ने बताया कि बैठक के दौरान चौहान ने राज्य के विपणन मंत्री जयकुमार रावल के साथ खरीद से संबंधित व्यवस्थाओं पर चर्चा की। उन्होंने नेफेड, एन.सी.सी.एफ. और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
चौहान ने कहा कि इस खरीद निर्णय से केंद्र सरकार पर बड़ा वित्तीय बोझ पड़ेगा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सही तरीके से खरीद सुनिश्चित करना आवश्यक है। किसानों से सीधी खरीद के माध्यम से बिचौलियों की सक्रियता कम होगी और लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा।
उन्होंने आगे कहा कि नेफेड और एन.सी.सी.एफ. को राज्य सरकार के समन्वय से खरीद प्रक्रिया संचालित करनी चाहिए, ताकि वास्तविक किसानों को लाभ मिल सके। आधुनिक तकनीक के उपयोग द्वारा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के पंजीकरण के लिए उचित व्यवस्थाएं की जाएं।
साथ ही, अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आवश्यकता पड़ने पर खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि किसान किसी भी असुविधा का सामना न करें और खरीद प्रक्रिया पारदर्शी तथा प्रभावी बनी रहे।
इस उच्चस्तरीय बैठक में जयकुमार रावल, केंद्रीय कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।