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क्या तेजी से विकसित हो रहा एआई वित्तीय क्षेत्र में उपयोग बढ़ा रहा है? : आशीष चौहान

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क्या तेजी से विकसित हो रहा एआई वित्तीय क्षेत्र में उपयोग बढ़ा रहा है? : आशीष चौहान

सारांश

क्या एआई वास्तव में वित्तीय क्षेत्र में क्रांति ला रहा है? एनएसई के सीईओ आशीष चौहान के अनुसार, एआई की प्रगति न केवल तकनीकी बदलाव ला रही है बल्कि भारत को एआई निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य बना रही है। जानें इस विषय में उनकी विस्तृत राय।

मुख्य बातें

एआई का वित्तीय क्षेत्र में बढ़ता उपयोग भारत को एआई निवेश का प्रमुख गंतव्य बनाता है रूसी निवेशकों के लिए भारतीय शेयर बाजार में सीधे निवेश की सुविधा गूगल का AI हब भारत में स्थापित करना बड़ी टेक कंपनियों का भारत में निवेश

मुंबई, 10 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रबंधक निदेशक और सीईओ आशीष चौहान ने बुधवार को बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तेजी से विकसित हो रहा है और इस क्षेत्र में इसका उपयोग निरंतर बढ़ता जा रहा है।

इंडिया फिन टेक फोरम (आईएफटीए 2025) के साइडलाइन में मीडिया से बातचीत करते हुए एनएसई के सीईओ ने कहा, "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक नई तकनीक है। यह तेज़ी से विकसित हो रही है और इसका उपयोग भी बढ़ रहा है। आने वाले समय में सभी क्षेत्रों में इसका उपयोग होगा।"

उन्होंने आगे बताया, "वित्तीय क्षेत्र में हमेशा नई तकनीकों का इस्तेमाल होता है, और इसीलिए वर्तमान में एआई का उपयोग भारत में सबसे अधिक वित्तीय क्षेत्र में हो रहा है।"

भारत-रूस संबंधों पर चर्चा करते हुए चौहान ने कहा कि दोनों देशों के बीच 80 वर्षों से मजबूत संबंध बने हुए हैं। रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ सम्पन्न हुई हैं और अब वित्तीय क्षेत्र में भी संबंधों की गति तेज हो रही है।

उन्होंने बताया कि रूस की सबसे बड़ी सर्बैंक ने निफ्टी 50 इंडेक्स का ईटीएफ लॉन्च किया है, जिससे रूसी निवेशक सीधे भारतीय शेयर बाजार में निवेश कर सकेंगे। इसके अलावा, इस दौरे के दौरान कृषि क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार मजबूत होगा।

भारत एआई के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और इसे दुनिया के सबसे आकर्षक एआई निवेश स्थलों में से एक माना जा रहा है। दुनिया की तीन प्रमुख टेक कंपनियाँ (अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल) ने मिलकर भारत में कुल 67.5 अरब डॉलर (लगभग 5.6 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करने की योजना की घोषणा की है।

अमेज़न ने कहा कि वह वर्ष 2030 तक भारत में 35 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेगी। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट ने भी 2026 से 2029 के बीच 17.5 अरब डॉलर निवेश करने का वादा किया है।

गूगल ने भी एक बड़ी घोषणा की है कि वह विशाखापत्तनम (विजाग) में एक अत्याधुनिक एआई हब बनाने के लिए 15 अरब डॉलर का निवेश करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता उपयोग न केवल भारतीय वित्तीय क्षेत्र की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि यह वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति को भी सुदृढ़ करता है। भारत की तकनीकी प्रगति और निवेश के अवसर इसे एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी बना रहे हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्या है?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंप्यूटर प्रणाली की वह क्षमता है जो मानव की बुद्धिमत्ता की तरह कार्य कर सकती है।
एआई का वित्तीय क्षेत्र में कैसे उपयोग हो रहा है?
एआई का उपयोग वित्तीय क्षेत्र में डेटा एनालिसिस, जोखिम प्रबंधन, और ग्राहक सेवा में किया जा रहा है।
भारत एआई के क्षेत्र में कैसे प्रगति कर रहा है?
भारत में बड़ी टेक कंपनियों का निवेश और नवाचार भारतीय एआई उद्योग को तेजी से आकार दे रहे हैं।
रूस और भारत के वित्तीय संबंधों में क्या प्रगति हुई है?
रूस की सर्बैंक ने निफ्टी 50 इंडेक्स का ईटीएफ लॉन्च किया है, जिससे निवेशकों को भारतीय बाजार में सीधे निवेश करने का अवसर मिला है।
गूगल ने भारत में एआई हब बनाने का क्या ऐलान किया है?
गूगल ने विशाखापत्तनम में एक अत्याधुनिक एआई हब बनाने के लिए 15 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बनाई है।
राष्ट्र प्रेस
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