क्या भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार से रोजगार और आय में इजाफा होगा?: अजय एस श्रीराम
सारांश
Key Takeaways
- आर्थिक वृद्धि से रोजगार में इजाफा होगा।
- आय बढ़ने से उपभोग में बढ़ोतरी होगी।
- सरकार को टैक्स आय में इजाफा होगा।
- इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ेगा।
- पर्यावरण संरक्षण में उद्योग की जिम्मेदारी बढ़ी है।
नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) की गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन अजय एस श्रीराम ने भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि न केवल उत्साहजनक है, बल्कि इससे आम लोगों को सीधा लाभ मिलने की पूरी संभावना है।
अजय एस. श्रीराम ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि पिछली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी है, जो एक मजबूत और भरोसेमंद संकेत है। उनके अनुसार, यदि आने वाले समय में यह विकास दर 6 से 7 प्रतिशत के बीच बनी रहती है, तो इसका प्रभाव जमीन पर स्पष्ट दिखाई देगा।
उन्होंने कहा, "इससे अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा, आमदनी बढ़ेगी, टैक्स से सरकार की आय में इजाफा होगा, और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च भी बढ़ेगा। ये सभी चीजें मिलकर अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाएंगी।"
उन्होंने यह भी कहा कि जब रोजगार और आय बढ़ती है, तो उपभोग में इजाफा होता है, जिससे उद्योग और व्यापार को गति मिलती है। इससे देश की आर्थिक रफ्तार को लगातार बढ़ावा मिलता है।
जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण पर बात करते हुए अजय एस श्रीराम ने कहा कि यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर सामाजिक जिम्मेदार नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उद्योग जगत को भी आगे आकर पर्यावरण की रक्षा में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने प्रदूषण कम करने और बेहतर पर्यावरण के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके तहत ई-वाहनों को अपनाया गया है और गुजरात स्थित फैक्ट्री में मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया के दौरान नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, राजस्थान की फैक्ट्री के लिए भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने को लेकर समझौता किया गया है।
अजय एस श्रीराम ने कहा कि यह प्रयास लगातार बढ़ाए जा रहे हैं और आने वाले समय में और भी ठोस कदम उठाए जाएंगे। उनके मुताबिक, आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं, बशर्ते सोच और नीयत साफ हो।