मुंबई में मई 2026 में 12,315 प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन, 14 साल का रिकॉर्ड; स्टांप ड्यूटी ₹1,051 करोड़
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के आवासीय रियल एस्टेट बाज़ार ने मई 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन दर्ज किया — बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की सीमाओं के भीतर 12,315 प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन हुए, जो मई महीने के लिए पिछले 14 वर्षों का सर्वोच्च आँकड़ा है। नाइट फ्रैंक इंडिया द्वारा विश्लेषित आँकड़ों के अनुसार यह जानकारी 31 मई 2026 को जारी रिपोर्ट में सामने आई।
पंजीकरण में वार्षिक वृद्धि
नाइट फ्रैंक इंडिया के आँकड़ों के अनुसार, मई 2026 में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में साल-दर-साल आधार पर 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि बाज़ार की बदलती परिस्थितियों के बावजूद घर खरीदारों की निरंतर और गहरी माँग को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि यह लगातार कई महीनों से बनी हुई तेज़ी का विस्तार है।
स्टांप ड्यूटी कलेक्शन में मामूली गिरावट
महाराष्ट्र सरकार ने मई 2026 में स्टांप ड्यूटी के रूप में ₹1,051 करोड़ अर्जित किए। हालाँकि पंजीकरण की संख्या बढ़ी, फिर भी स्टांप ड्यूटी कलेक्शन में मई 2025 की तुलना में 1 प्रतिशत की मामूली कमी आई। नाइट फ्रैंक ने इस गिरावट का कारण लेनदेन के मिश्रण में बदलाव बताया, जो यह संकेत देता है कि पंजीकृत होने वाली संपत्तियों के औसत मूल्य में कुछ नरमी आई है।
महीने-दर-महीने तुलना
माह-दर-माह आधार पर, मई 2026 में प्रॉपर्टी पंजीकरण अप्रैल 2026 के स्तर से 14 प्रतिशत कम रहे, जबकि स्टांप ड्यूटी राजस्व में 9 प्रतिशत की क्रमिक गिरावट आई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसमी उतार-चढ़ाव सामान्य है और वार्षिक वृद्धि की प्रवृत्ति अधिक सटीक तस्वीर पेश करती है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
नाइट फ्रैंक इंडिया के इंटरनेशनल पार्टनर, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल ने कहा कि मुंबई का आवासीय बाज़ार मज़बूत लचीलापन प्रदर्शित कर रहा है और मई 2026 में एक दशक से अधिक समय में इस महीने का सबसे मज़बूत प्रदर्शन दर्ज हुआ है।
बैजल ने कहा, 'पंजीकरण की निरंतर मात्रा अंतिम-उपभोक्ताओं की माँग की गहराई और शहर के आवास बाज़ार में विश्वास को दर्शाती है। हालाँकि स्टांप शुल्क संग्रह में मामूली कमी आई है, जो लेनदेन मूल्यों में कुछ सामान्यीकरण का संकेत देती है, लेकिन स्थिर माँग, बढ़ती सामर्थ्य और खरीदारों के बीच घर के स्वामित्व की निरंतर प्राथमिकता के कारण समग्र बाज़ार के बुनियादी सिद्धांत मज़बूत बने हुए हैं।'
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी आवासीय माँग में तेज़ी देखी जा रही है। मुंबई का यह प्रदर्शन आगामी महीनों में रियल एस्टेट निवेशकों और नीति-निर्माताओं दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक बना रहेगा।