एनसीएस पोर्टल पर 6.64 करोड़ से अधिक पंजीकरण, 17.68 लाख सक्रिय वैकेंसी उपलब्ध
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल पर अब तक 6.64 करोड़ से अधिक नौकरी तलाशने वाले पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें से 2.89 करोड़ उपयोगकर्ता अभी भी सक्रिय हैं। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार, 5 अगस्त 2026 को लोकसभा में यह जानकारी साझा की। पोर्टल की स्थापना के बाद से अब तक 10.05 करोड़ से अधिक नौकरियों की जानकारी यहाँ दर्ज की जा चुकी है।
पोर्टल की मौजूदा स्थिति
श्रम मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, 15 जुलाई 2026 तक पोर्टल पर 17.68 लाख सक्रिय वैकेंसी उपलब्ध हैं। मंत्री मांडविया ने सदन को बताया कि NCS अब केवल जॉब-सर्च का मंच नहीं रहा, बल्कि यह एक व्यापक डिजिटल रोजगार हब बन चुका है जहाँ करियर परामर्श, कौशल प्रशिक्षण और सरकारी-निजी दोनों क्षेत्रों की नौकरियाँ एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं।
तकनीकी उन्नयन और नई सुविधाएँ
मंत्रालय के अनुसार, पोर्टल को अब क्लाउड-आधारित और ओपन आर्किटेक्चर में परिवर्तित किया गया है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से उपयोगकर्ता की प्रोफाइल के अनुरूप नौकरी सुझाव, कौशल-अंतर की पहचान और AI इंटरव्यू कोच जैसी सुविधाएँ जोड़ी गई हैं।
बहुभाषिक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए भाषिणी का समर्थन भी शामिल किया गया है। नियोक्ताओं और नौकरी तलाशने वालों दोनों के लिए क्लाउड ऐप और वेरिफिकेशन सिस्टम को भी उन्नत किया गया है।
निजी क्षेत्र और सरकारी पोर्टलों से एकीकरण
रोजगार के अवसर विस्तारित करने के लिए मंत्रालय ने 40 से अधिक कंपनियों और प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी की है। इनमें अपना, स्विगी, रैपिडो, ज़ोमैटो, अमेज़न, TCS iON, क्विकर और फाउंडइट जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं, जिससे युवाओं को निजी क्षेत्र में सीधी नियुक्ति के अवसर मिल रहे हैं।
इसके अतिरिक्त NCS को उद्यम, ई-श्रम, स्किल इंडिया डिजिटल हब, EPFO, ESIC और DigiLocker जैसे सरकारी पोर्टलों से भी जोड़ा गया है। UPSC, SSC, रेलवे भर्ती बोर्ड और ASRB जैसी भर्ती एजेंसियों की जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध है।
ज़मीनी स्तर पर रोजगार सेवाएँ
सरकार ने जमीनी स्तर पर रोजगार सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 407 मॉडल करियर सेंटर स्वीकृत किए हैं। इनमें 370 रोजगार कार्यालय शामिल हैं, जिन्हें उन्नत करियर काउंसलिंग, जॉब फेयर और कॉर्पोरेट संपर्क की सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
आँकड़ों के अनुसार, अब तक 31 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश NCS से जुड़ चुके हैं, जिनमें से 8 राज्य इस प्लेटफॉर्म का प्रत्यक्ष उपयोग कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश में युवा बेरोजगारी और कौशल-अंतर को लेकर बहस तेज है। गौरतलब है कि NCS की पहुँच और तकनीकी क्षमता में यह विस्तार सरकार के डिजिटल रोजगार एकीकरण के व्यापक एजेंडे का हिस्सा है।