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क्या 30.98 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक अब ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हैं?

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क्या 30.98 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक अब ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हैं?

सारांश

असंगठित श्रमिकों के लिए ई-श्रम पोर्टल एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय श्रम मंत्री ने बताया कि अब तक 30.98 करोड़ से अधिक श्रमिक इस पोर्टल पर पंजीकरण करा चुके हैं। जानिए इस योजना के तहत और क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं।

मुख्य बातें

ई-श्रम पोर्टल पर 30.98 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक पंजीकृत हैं।
यह पोर्टल श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और समर्थन प्रदान करता है।
कई केंद्रीय योजनाएं इस पोर्टल के साथ एकीकृत हैं।
राज्य सेवा केंद्रों और सामान्य सेवा केंद्रों की सेवाएं उपलब्ध हैं।
पंजीकरण शिविरों और जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाता है।

नई दिल्ली, 11 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। संसद में केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को जानकारी दी कि ई-श्रम पोर्टल पर 30.98 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण संपन्न हो चुका है। इनमें से 3.37 लाख से अधिक श्रमिक ऐसे हैं, जिन्होंने प्लेटफॉर्म श्रमिक के रूप में पंजीकरण कराया है (3 अगस्त तक)।

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 26 अगस्त, 2021 को आधार से जुड़े असंगठित श्रमिकों का एक व्यापक राष्ट्रीय डेटाबेस (एनडीयूडब्ल्यू) तैयार करने हेतु ई-श्रम पोर्टल की शुरुआत की।

लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, "ई-श्रम पोर्टल का उद्देश्य असंगठित श्रमिकों को स्व-घोषणा के आधार पर एक सार्वभौमिक खाता संख्या (यूएएन) प्रदान करना है, ताकि उनका पंजीकरण और समर्थन किया जा सके।"

ई-श्रम पर पंजीकरण के प्रति श्रमिकों में जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी सहारा लिया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि असंगठित श्रमिकों के सहायता प्राप्त पंजीकरण की सुविधा के लिए राज्य सेवा केंद्रों (एसएसके) और सामान्य सेवा केंद्रों की सेवाएं शामिल की गई हैं।

ई-श्रम योजना के कार्यान्वयन और प्रचार-प्रसार के लिए पंजीकरण शिविर और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाते हैं। ये शिविर समय-समय पर सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी), दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड (डीटीएनबीडब्ल्यूईडी) और राज्य श्रम विभाग के समन्वय से आयोजित किए जाते हैं।

ई-श्रम एक "वन-स्टॉप-सॉल्यूशन" है जो विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को एक ही पोर्टल पर एकीकृत करता है। यह ई-श्रम पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंचने की सुविधा देता है और अब तक उनके द्वारा प्राप्त लाभों को देखने में सक्षम बनाता है।

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएमएसवीएनिधि), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (एनएफबीएस), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीएस), प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) सहित विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की कम से कम 14 योजनाएं पहले से ही ई-श्रम पोर्टल के साथ एकीकृत की जा चुकी हैं। इसके साथ आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) को भी इसमें शामिल किया गया है।

इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी (पीएमएवाई-यू), प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई), प्रधानमंत्री किसान मान धन योजना (पीएम-केएमवाई), वन नेशन वन राशन कार्ड (ओएनओआरसी) और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) भी पोर्टल के साथ एकीकृत किए गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ई-श्रम पोर्टल एक महत्वपूर्ण पहल है जो असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने का कार्य कर रहा है। यह देश के आर्थिक विकास में योगदान देने वाला एक सकारात्मक कदम है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई-श्रम पोर्टल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
ई-श्रम पोर्टल का मुख्य उद्देश्य असंगठित श्रमिकों को एक सार्वभौमिक खाता संख्या प्रदान करके उनका पंजीकरण और समर्थन करना है।
कितने श्रमिक इस पोर्टल पर पंजीकृत हैं?
अब तक 30.98 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक इस पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं।
ई-श्रम योजना से क्या लाभ होते हैं?
ई-श्रम योजना के माध्यम से श्रमिकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलता है, जैसे कि बीमा और कौशल विकास कार्यक्रम।
राष्ट्र प्रेस
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