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ई-श्रम पोर्टल के 5 साल पूरे: 31.89 करोड़ असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण, 15 योजनाएं एक मंच पर

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ई-श्रम पोर्टल के 5 साल पूरे: 31.89 करोड़ असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण, 15 योजनाएं एक मंच पर

सारांश

पाँच साल में ई-श्रम पोर्टल महज़ एक रजिस्ट्री से बदलकर 15 सरकारी योजनाओं का एकीकृत मंच बन गया है। 31.89 करोड़ पंजीकृत श्रमिकों में 54% से अधिक महिलाएं — यह आँकड़ा दर्शाता है कि असंगठित क्षेत्र की सामाजिक सुरक्षा की दिशा डिजिटल रूप से बदल रही है।

मुख्य बातें

ई-श्रम पोर्टल ने 26 अगस्त 2026 को अपने 5 वर्ष पूरे किए।
आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार अब तक 31.89 करोड़ असंगठित श्रमिक और 11.5 लाख प्लेटफॉर्म श्रमिक पंजीकृत।
पंजीकृत श्रमिकों में 54.28% महिलाएं; 55.21% की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच।
सर्वाधिक पंजीकरण उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में।
पोर्टल पर 15 सामाजिक सुरक्षा योजनाएं एकीकृत; PMSBY के तहत ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध।
प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को आधार-आधारित UAN प्रदान किया जाता है।

ई-श्रम पोर्टल ने 26 अगस्त 2026 को अपने पाँच वर्ष पूरे किए। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, नई दिल्ली से संचालित इस डिजिटल मंच पर अब तक 31.89 करोड़ असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है, जबकि लगभग 11.5 लाख प्लेटफॉर्म श्रमिक भी इससे जुड़ चुके हैं। यह आँकड़ा इसे दुनिया के सबसे बड़े असंगठित श्रमिक डेटाबेस में से एक बनाता है।

पोर्टल की पृष्ठभूमि और विकास

वर्ष 2021 में शुरू किए गए ई-श्रम पोर्टल को असंगठित श्रमिकों के लिए आधार-आधारित राष्ट्रीय डेटाबेस के रूप में विकसित किया गया था। प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को एक विशिष्ट सार्वभौमिक खाता संख्या (UAN) प्रदान की जाती है। गौरतलब है कि पाँच वर्षों में यह केवल एक पंजीकरण मंच नहीं रहा — यह कल्याणकारी योजनाओं, रोज़गार, कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप और पेंशन सेवाओं को एकीकृत करने वाला व्यापक डिजिटल ढाँचा बन गया है।

वर्तमान में पोर्टल का वन-स्टॉप सॉल्यूशन 15 सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है, जिससे श्रमिक अपनी पात्र योजनाओं की जानकारी और पूर्व में प्राप्त लाभों का विवरण एक ही जगह देख सकते हैं।

पंजीकृत श्रमिकों का प्रोफाइल

पोर्टल के आँकड़ों के अनुसार, पंजीकृत श्रमिकों में 54.28 प्रतिशत महिलाएं हैं, जबकि 45.72 प्रतिशत पुरुष हैं — यह संख्या महिला श्रम भागीदारी की दृष्टि से उल्लेखनीय है। आयु वर्ग के अनुसार, 55.21 प्रतिशत श्रमिकों की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच है, 24.18 प्रतिशत श्रमिक 40 से 50 वर्ष आयु वर्ग में हैं और 20.53 प्रतिशत श्रमिकों की आयु 50 वर्ष से अधिक है।

व्यावसायिक श्रेणियों में सर्वाधिक पंजीकरण कृषि क्षेत्र, घरेलू एवं गृहकार्य श्रमिकों, निर्माण क्षेत्र और कपड़ा उद्योग से जुड़े कामगारों का हुआ है।

राज्यवार पंजीकरण की स्थिति

राज्यों के स्तर पर उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में सबसे अधिक पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। अधिकांश श्रमिकों का नामांकन कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से हुआ, जबकि बड़ी संख्या में श्रमिकों ने स्वयं भी पोर्टल पर पंजीकरण कराया।

बीमा और सामाजिक सुरक्षा लाभ

ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से श्रमिक प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) में आसानी से नामांकन करा सकते हैं। PMSBY के तहत दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता की स्थिति में ₹2 लाख का बीमा कवर मिलता है, जबकि आंशिक विकलांगता पर ₹1 लाख की सहायता का प्रावधान है।

सरकारी बयान में कहा गया है कि पोर्टल ने लाभ वितरण को अधिक पारदर्शी बनाया है, श्रमिकों की सुविधाओं की पोर्टेबिलिटी बढ़ाई है और तथ्य-आधारित नीति निर्माण में सहायता की है। यह ऐसे समय में आया है जब असंगठित क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की माँग लगातार बढ़ रही है।

आगे की राह

आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, ई-श्रम पोर्टल ने देश के असंगठित कार्यबल के लिए एक मज़बूत और प्रौद्योगिकी-समर्थित सामाजिक सुरक्षा ढाँचे की नींव रखी है। विभिन्न सरकारी डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय और श्रमिकों तक लक्षित सहायता पहुँचाना इसके अगले चरण की प्राथमिकता बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इनमें से कितने श्रमिकों को वास्तव में योजनाओं का लाभ मिला — पंजीकरण और लाभ वितरण के बीच का अंतर अभी भी स्पष्ट नहीं किया गया है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब असंगठित क्षेत्र में रोज़गार की अनिश्चितता बढ़ी है और प्लेटफॉर्म श्रमिकों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। 15 योजनाओं का एकीकरण सही दिशा में कदम है, लेकिन जब तक पोर्टल पर लाभ-प्राप्ति के सत्यापन-योग्य आँकड़े सार्वजनिक नहीं होते, यह एक डेटाबेस से अधिक कुछ साबित करना बाकी है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई-श्रम पोर्टल क्या है और इसे कब शुरू किया गया था?
ई-श्रम पोर्टल वर्ष 2021 में शुरू किया गया असंगठित श्रमिकों का आधार-आधारित राष्ट्रीय डिजिटल डेटाबेस है। इस पर पंजीकरण के बाद प्रत्येक श्रमिक को एक विशिष्ट सार्वभौमिक खाता संख्या (UAN) मिलती है, जिसके ज़रिए वे 15 सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
ई-श्रम पोर्टल पर अब तक कितने श्रमिक पंजीकृत हैं?
आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, 26 अगस्त 2026 तक पोर्टल पर 31.89 करोड़ असंगठित श्रमिक और लगभग 11.5 लाख प्लेटफॉर्म श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं। सर्वाधिक पंजीकरण उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में दर्ज किए गए हैं।
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण से श्रमिकों को क्या लाभ मिलते हैं?
पंजीकृत श्रमिक PMSBY के तहत दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर ₹2 लाख और आंशिक विकलांगता पर ₹1 लाख का बीमा कवर पा सकते हैं। इसके अलावा PMJJBY, कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप और पेंशन सेवाओं सहित 15 योजनाओं तक एकीकृत पहुँच उपलब्ध है।
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों में महिलाओं का अनुपात कितना है?
आँकड़ों के अनुसार पंजीकृत श्रमिकों में 54.28 प्रतिशत महिलाएं हैं और 45.72 प्रतिशत पुरुष। आयु वर्ग में 55.21 प्रतिशत श्रमिक 18 से 40 वर्ष के बीच के हैं।
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कैसे कराया जा सकता है?
श्रमिक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से या सीधे पोर्टल पर स्वयं पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड आवश्यक है, जिसके बाद एक विशिष्ट UAN जारी किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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