सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी में दो घोषित अपराधी दबोचे, एक 17 साल से था फरार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जितेंद्र कुमार और पूजा पाहवा के रूप में हुई है, जो क्रमशः 17 वर्ष और 6 वर्ष से न्यायिक प्रक्रिया से बचते आ रहे थे। इन गिरफ्तारियों को सीबीआई की आर्थिक अपराध के विरुद्ध चल रही मुहिम में अहम कामयाबी माना जा रहा है।
जितेंद्र कुमार का मामला
जितेंद्र कुमार पर आरोप है कि उसने 2002-03 में नकली और जाली सैलरी सर्टिफिकेट के आधार पर होम लोन हासिल किया, जिसके चूक (डिफॉल्ट) से जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड को ₹65.90 लाख का नुकसान हुआ। ऋण जारी होते ही खाते को एनपीए (NPA) घोषित कर दिया गया था।
2006 में जितेंद्र कुमार सहित 18 अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। वह जानबूझकर मुकदमे की कार्यवाही से दूर रहा और 2009 से अदालत में पेश नहीं हुआ। जनवरी 2013 में उसे घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) करार दिया गया। सीबीआई की निरंतर कोशिशों के बाद उसे 25 अगस्त को द्वारका मोड़, नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। उसे सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
पूजा पाहवा का मामला
पूजा पाहवा पर आरोप है कि उसने गलत और जाली दस्तावेजों के आधार पर कैश क्रेडिट सुविधा प्राप्त कर उसका दुरुपयोग और गबन किया, जिससे इंडियन ओवरसीज बैंक को ₹10.16 करोड़ की चपत लगी। संबंधित खाते को 2012 में एनपीए घोषित किया गया था।
2017 में 5 अन्य आरोपियों के साथ उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी। लाभार्थी कंपनी और व्यक्तियों के साथ कथित मिलीभगत के लिए चार बैंक अधिकारियों के खिलाफ एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की गई थी। पूजा पाहवा 2022 से अदालत में पेश नहीं हुई और 2023 में उसे घोषित अपराधी करार दिया गया। सीबीआई की लक्षित खुफिया कार्रवाई के बाद उसे 4 अगस्त को लुधियाना, पंजाब से पकड़ा गया। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
सीबीआई की प्रतिबद्धता
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि एजेंसी आर्थिक धोखाधड़ी के हर दोषी को कानून के कटघरे में लाने के अपने संकल्प पर अडिग है। यह ऐसे समय में आया है जब बैंकिंग क्षेत्र में एनपीए और ऋण धोखाधड़ी के मामलों को लेकर नियामकीय दबाव बढ़ा हुआ है।
आगे क्या होगा
जितेंद्र कुमार को सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा जहाँ उस पर लंबित मुकदमे की कार्यवाही फिर शुरू होगी। पूजा पाहवा न्यायिक हिरासत में है और उसके मामले में आगे की सुनवाई अपेक्षित है। गौरतलब है कि ये दोनों गिरफ्तारियाँ सीबीआई के उस व्यापक अभियान का हिस्सा हैं जिसके तहत घोषित अपराधियों को देश के किसी भी कोने से पकड़ा जा रहा है।