'जननी' डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च: 1.34 करोड़ लाभार्थी पंजीकृत, मातृ-शिशु स्वास्थ्य ट्रैकिंग होगी आसान
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को डिजिटल रूप देने के लिए 'जननी' (प्रसवपूर्व, प्रसवकालीन और नवजात शिशु की एकीकृत देखभाल की यात्रा) नामक क्यूआर-आधारित डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। 7 मई 2026 को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म पर अब तक 1.34 करोड़ लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका है। यह पहल महिलाओं के प्रजनन काल से लेकर नवजात शिशु देखभाल तक के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को एकीकृत और सुरक्षित डिजिटल प्रारूप में दर्ज करने का लक्ष्य रखती है।
प्लेटफॉर्म में क्या-क्या शामिल है
सरकार के अनुसार, 'जननी' प्लेटफॉर्म गर्भावस्था पूर्व देखभाल, प्रसव की तैयारी, प्रसव, प्रसव पश्चात देखभाल, नवजात शिशु देखभाल, घर-आधारित नवजात एवं छोटे बच्चों की देखभाल, तथा परिवार नियोजन जैसी सेवाओं को एक ही मंच पर समेटता है। यह नई प्रणाली मौजूदा आरसीएच (RCH) पोर्टल के उन्नत संस्करण के रूप में विकसित की गई है और देखभाल की पूरी प्रक्रिया के दौरान एक दीर्घकालिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार करती है।
प्रमुख तकनीकी विशेषताएँ
इस प्लेटफॉर्म की एक महत्वपूर्ण विशेषता क्यूआर-आधारित डिजिटल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्ड है, जिससे स्वास्थ्य रिकॉर्ड कहीं भी, कभी भी उपलब्ध हो सकते हैं। इसके अलावा, हाई-रिस्क गर्भावस्था के लिए स्वचालित अलर्ट, रियल-टाइम डैशबोर्ड और जरूरी मामलों की प्राथमिकता सूची जैसी सुविधाएँ भी इसमें शामिल हैं। लाभार्थियों का पंजीकरण एबीएचए (ABHA), आधार (ओटीपी और बायोमेट्रिक) और मोबाइल नंबर जैसे यूनिक पहचान माध्यमों से किया जा सकता है।
राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म से एकीकरण
'जननी' को यू-विन (U-WIN) और पोषण जैसे राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मंचों से भी जोड़ा गया है, जिससे विभिन्न योजनाओं के बीच डेटा साझेदारी और लाभार्थियों की निगरानी सुगम होगी। यह प्रणाली प्रवासी आबादी के लिए भी स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करेगी और रिकॉर्ड की दोहराव वाली प्रविष्टियों को रोकेगी। गौरतलब है कि प्रवासी महिलाओं के लिए स्वास्थ्य रिकॉर्ड की निरंतरता एक लंबे समय से चली आ रही चुनौती रही है।
अब तक की उपलब्धियाँ
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 'जननी' प्लेटफॉर्म पर अब तक 1.34 करोड़ लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें 30 लाख से अधिक गर्भवती महिलाएँ पंजीकृत हैं, 30 लाख से ज़्यादा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं, और 1 लाख से अधिक बायोमेट्रिक सत्यापन पूरे किए जा चुके हैं।
आगे क्या होगा
यह प्लेटफॉर्म गर्भावस्था जाँच और टीकाकरण की समय पर योजना व निगरानी में भी सहायता करेगा। वेब और मोबाइल दोनों माध्यमों से स्वयं पंजीकरण की सुविधा दी गई है, जिससे महिलाएँ अपने स्वास्थ्य प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी। साथ ही यह नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्रों की जानकारी, संभावित प्रसव स्थल और पोषण संबंधी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराएगा — जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।