'स्वस्थ भारत पोर्टल' लॉन्च: एक प्लेटफॉर्म पर जुड़ेंगी सभी डिजिटल हेल्थ सेवाएं, 40% घटेगा डाटा एंट्री का काम
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 6 मई 2026 को 'स्वस्थ भारत पोर्टल' का शुभारंभ किया, जिसे देश के विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करने के लिए तैयार किया गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह पोर्टल 'नवाचार और समावेशन पर आयोजित 10वें राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन' के दौरान लॉन्च किया गया। मंत्रालय का दावा है कि इससे इंफ्रास्ट्रक्चर लागत में 20 से 30 प्रतिशत और डाटा एंट्री के काम में 40 प्रतिशत तक की कमी आएगी।
पोर्टल की संरचना और तकनीकी आधार
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 'स्वस्थ भारत पोर्टल' को एक API-आधारित एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के रूप में डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य अलग-अलग सिस्टम और बिखरे हुए डाटासेट को एक केंद्रीय इंटरफेस पर लाना है, जिससे बार-बार लॉगिन करने और डाटा एंट्री दोहराने की ज़रूरत समाप्त होगी। यह आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिससे विभिन्न सेवाओं के बीच डाटा का आदान-प्रदान तेज़ और सुरक्षित तरीके से संभव होगा।
फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स को सबसे बड़ा फायदा
अब तक आशा कार्यकर्ताओं, सहायक नर्स दाइयों (ANM), सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और मेडिकल अधिकारियों को रिपोर्टिंग के लिए कई अलग-अलग ऐप्लिकेशन का उपयोग करना पड़ता था, जिसमें काफी समय और संसाधन खर्च होते थे। नया पोर्टल इस समस्या का समाधान करता है — सभी सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर बेहतर योजना बनाने के लिए डाटा विज़ुअलाइज़ेशन टूल भी दिए गए हैं।
आयुष्मान भारत से जुड़ाव
यह पोर्टल 'आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन' (ABDM) के दिशानिर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है और 'आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट' (ABHA) के साथ एकीकृत है। इससे मरीज़ों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से संग्रहीत और आसानी से साझा किए जा सकेंगे। गौरतलब है कि फिलहाल अलग-अलग कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग सर्वर और संसाधन उपयोग में हैं, जिन्हें इस पोर्टल के ज़रिए एकीकृत किया जाएगा।
भविष्य की योजनाएं
मंत्रालय के बयान के अनुसार, भविष्य में इस पोर्टल को और विकसित कर हेल्थ प्रोफेशनल्स रजिस्टर और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्टर जैसे राष्ट्रीय डाटाबेस भी इससे जोड़े जाएंगे। मंत्रालय का मानना है कि यह पोर्टल देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र में बड़ा बदलाव लाएगा और नीति-निर्माताओं को बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने डिजिटल स्वास्थ्य ढाँचे को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।