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फोनपे ग्रामीण भारत में 20,000 ऑन-रोल सेल्स कर्मचारियों की भर्ती करेगा, 50 लाख पेमेंट डिवाइस अगले 12 महीनों में

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फोनपे ग्रामीण भारत में 20,000 ऑन-रोल सेल्स कर्मचारियों की भर्ती करेगा, 50 लाख पेमेंट डिवाइस अगले 12 महीनों में

सारांश

फोनपे का यह दाँव सिर्फ बाज़ार विस्तार नहीं — यह ग्रामीण भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक बड़ी एंट्री है। 20,000 ऑन-रोल कर्मचारी और 50 लाख डिवाइस के साथ, कंपनी उन कस्बों और गाँवों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है जहाँ डिजिटल भुगतान अभी भी नई बात है।

मुख्य बातें

फोनपे अगले 12 महीनों में 20,000 से अधिक ऑन-रोल फ्रंटलाइन सेल्स कर्मचारी भर्ती करेगा।
50 लाख से अधिक पेमेंट डिवाइस — स्मार्टस्पीकर और POS — अगले एक साल में तैनात होंगे।
इनमें से करीब 50 प्रतिशत डिवाइस टियर-6 कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जाएंगे।
हाल के MDR फ्रेमवर्क के तहत संग्रहित राशि का 5 प्रतिशत छोटे कारोबारियों के विस्तार के लिए समर्पित फंड में जाएगा।
नई श्रम संहिताओं से बड़े पैमाने पर तेज़ भर्ती प्रक्रिया संभव हो पाई है।
KYC-अनुपालित मर्चेंट नेटवर्क से लाखों छोटे कारोबारियों को औपचारिक ऋण और वित्तीय सेवाओं तक पहुँच मिलने की उम्मीद है।

फोनपे ने 24 सितंबर 2026 को घोषणा की कि वह अगले 12 महीनों में अपने पेरोल पर 20,000 से अधिक फ्रंटलाइन बिक्री कर्मचारी जोड़ेगा और 50 लाख से अधिक पेमेंट डिवाइस तैनात करेगा — जिनमें से करीब 50 प्रतिशत सीधे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। यह कदम भारत के टियर-6 कस्बों और दूरदराज के गाँवों तक डिजिटल भुगतान की पहुँच को और गहरा करने की दिशा में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा ज़मीनी निवेश है।

विस्तार योजना का विवरण

कंपनी की विस्तार योजना के तहत स्मार्टस्पीकर और पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) डिवाइस समेत 50 लाख से अधिक पेमेंट उपकरण अगले एक साल में स्थापित किए जाएंगे। इनमें से लगभग आधे उपकरण उन क्षेत्रों में जाएंगे जहाँ डिजिटल भुगतान की स्वीकार्यता अभी तक सीमित रही है। बड़े फ्रंटलाइन कार्यबल के ज़रिए फोनपे छोटे व्यापारियों तक पहुँचकर केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने, डिवाइस स्थापित करने और निरंतर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने में सक्षम होगा।

एमडीआर फ्रेमवर्क की भूमिका

हाल ही में घोषित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क इस विस्तार की नींव बना है। इस ढाँचे के तहत छोटे कारोबारियों के नेटवर्क विस्तार के लिए MDR से एकत्र राशि का 5 प्रतिशत एक समर्पित फंड में निर्धारित किया गया है। कंपनी के अनुसार, इस फंड से ग्रामीण बाज़ारों में निवेश को गति मिलेगी और टियर-6 स्तर के कस्बों तक डिजिटल भुगतान का बुनियादी ढाँचा पहुँचाना व्यावसायिक रूप से टिकाऊ बनेगा।

नई श्रम संहिताओं का सहयोग

पिछले साल लागू हुई नई श्रम संहिताओं ने कंपनी की भर्ती प्रक्रिया को सरल बना दिया है, जिससे बड़े पैमाने पर ऑन-रोल कर्मचारियों को तेज़ी से शामिल करना संभव हो पाया है। यह विस्तार ऐसे समय में आया है जब भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में से एक के रूप में उभर चुका है और अब इसके अगले चरण की माँग है कि हर छोटे कारोबारी को इस अर्थव्यवस्था में भागीदार बनाया जाए।

छोटे कारोबारियों पर असर

इस पहल का सबसे बड़ा लाभ लाखों उन छोटे व्यापारियों को मिलने की उम्मीद है जो अब तक औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से बाहर थे। KYC-अनुपालन वाला सक्रिय मर्चेंट नेटवर्क इन व्यापारियों की कारोबारी गतिविधियों को दृश्यमान बनाएगा और उन्हें ऋण संस्थाओं द्वारा प्रदान किए जाने वाले कर्ज़ सहित वित्तीय सेवाओं की व्यापक श्रृंखला तक पहुँच दिलाएगा।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब डिजिटल भुगतान क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तेज़ है और सरकार भी वित्तीय समावेशन को प्राथमिकता दे रही है। फोनपे के इस कदम से उसके प्रतिस्पर्धियों पर भी ग्रामीण बाज़ारों में निवेश बढ़ाने का दबाव बढ़ सकता है। अगले 12 महीने यह तय करेंगे कि 50 लाख डिवाइस तैनाती का लक्ष्य वास्तविक व्यापारी सक्रियता में कितना परिवर्तित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा डिवाइस तैनाती के बाद सक्रिय उपयोग की होगी — भारत में पेमेंट टर्मिनल निष्क्रिय पड़े रहने की समस्या नई नहीं है। MDR फंड का 5 प्रतिशत ग्रामीण विस्तार के लिए निर्धारित करना एक सकारात्मक संरचनात्मक कदम है, पर यह तभी कारगर होगा जब व्यापारी अपनाने की दर टिकाऊ हो। 20,000 ऑन-रोल कर्मचारी एक बड़ा ज़मीनी दाँव है जो प्रतिस्पर्धियों पर दबाव बनाएगा, लेकिन ग्रामीण बाज़ारों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और साक्षरता की बाधाएँ अभी भी डिजिटल भुगतान अपनाने की गति को सीमित करती हैं।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फोनपे ग्रामीण भारत में कितने कर्मचारी भर्ती करेगा?
फोनपे अगले 12 महीनों में 20,000 से अधिक ऑन-रोल फ्रंटलाइन बिक्री कर्मचारी भर्ती करेगा। ये कर्मचारी छोटे कस्बों और गाँवों में कारोबारियों तक पहुँचकर KYC प्रक्रिया और पेमेंट डिवाइस स्थापना में सहायता करेंगे।
फोनपे कितने पेमेंट डिवाइस लगाएगा और कहाँ?
फोनपे अगले 12 महीनों में 50 लाख से अधिक पेमेंट डिवाइस — जिनमें स्मार्टस्पीकर और POS डिवाइस शामिल हैं — तैनात करेगा। इनमें से करीब 50 प्रतिशत टियर-6 कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जाएंगे।
MDR फ्रेमवर्क का फोनपे के विस्तार से क्या संबंध है?
हाल में घोषित MDR फ्रेमवर्क के तहत छोटे कारोबारियों के नेटवर्क विस्तार के लिए MDR से एकत्र राशि का 5 प्रतिशत एक समर्पित फंड में रखा जाएगा। इससे फोनपे को ग्रामीण बाज़ारों में दीर्घकालिक निवेश करने का वित्तीय आधार मिला है।
इस विस्तार से छोटे व्यापारियों को क्या फायदा होगा?
KYC-अनुपालित और डिजिटल रूप से सक्रिय मर्चेंट नेटवर्क से छोटे व्यापारियों को औपचारिक वित्तीय सेवाओं — जिनमें ऋण संस्थाओं द्वारा दिए जाने वाले कर्ज़ शामिल हैं — तक पहुँच मिलेगी। इससे लाखों कारोबारी औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल हो सकेंगे।
नई श्रम संहिताओं का फोनपे की भर्ती पर क्या असर पड़ा है?
पिछले साल लागू हुई नई श्रम संहिताओं ने भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाया है, जिससे फोनपे बड़ी संख्या में ऑन-रोल कर्मचारियों को तेज़ी से और सुगमता से कंपनी में शामिल कर पा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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