यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए आधुनिक कोच बना रहा भारतीय रेलवे: अश्विनी वैष्णव
सारांश
Key Takeaways
- यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए रेलवे ने नए कोच डिज़ाइन किए हैं।
- नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा को बढ़ाने के लिए एआई कैमरे लगाए जाएंगे।
- भारतीय रेलवे में गंभीर दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आई है।
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रेलवे निरंतर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। इस दिशा में ट्रेनों के कोच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साझा की।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को बढ़ाने के लिए रेलवे ने नए डिज़ाइन के कोच और बेहतर टॉयलेट्स के मॉडल तैयार किए हैं। मौजूदा कोच को अपग्रेड कर एक सैंपल कोच तैयार किया गया है।"
केंद्रीय मंत्री ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें अपग्रेड किए गए सैंपल कोच को दर्शाया गया है।
इस वीडियो में अपग्रेड किए गए कोच और टॉयलेट्स में जोड़ी गई सुविधाओं को प्रदर्शित किया गया है, जिससे यात्रियों का सफर पहले से अधिक आरामदायक होगा।
इससे पहले वैष्णव ने एक पोस्ट में बताया था कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का रीडेवलपमेंट तेजी से चल रहा है।
उन्होंने कहा कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के लिए लगभग 1500 एआई कैमरे लगाए जाएंगे, जो हर कोने की निगरानी करेंगे।
हर कर्मचारी और वेंडर को आईडी कार्ड और जैकेट प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, भारत टैक्सी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से जोड़ा जाएगा और यात्रियों की सुविधा के लिए नए साइन बोर्ड भी स्थापित किए जाएंगे।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मार्च के मध्य में संसद को बताया था कि भारतीय रेल से जुड़ी दुर्घटनाओं की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में भारी कमी आई है, और गंभीर दुर्घटनाओं में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है।
लोकसभा में लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि भारतीय रेल के लिए सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और निरंतर उपायों के माध्यम से परिचालन सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
उन्होंने बताया कि गंभीर रेल दुर्घटनाओं की संख्या 2014-15 में 135 से घटकर 2025-26 (28 फरवरी तक) में केवल 14 रह गई है।
मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि 2004-05 से 2013-14 के बीच 1,711 गंभीर रेल दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 904 लोगों की मौत हुई और 3,155 लोग घायल हुए। जबकि 2014-15 से 2023-24 के बीच यह संख्या घटकर 678 दुर्घटनाएं रह गई, जिसमें 748 लोगों की मौत हुई और 2,087 लोग घायल हुए।