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क्या राजस्थान में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की कीमतें नए निचले स्तर पर पहुंचना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है?

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क्या राजस्थान में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की कीमतें नए निचले स्तर पर पहुंचना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है?

सारांश

राजस्थान में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की कीमतें 1.77 लाख रुपए प्रति मेगावाट तक पहुंच गई हैं, जो कि एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह न केवल क्लीन एनर्जी को सस्ती बनाएगा, बल्कि ग्रिड की विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा। जानिए इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

राजस्थान ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज की कीमतों में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
नई कीमतें 1.77 लाख रुपए प्रति मेगावाट हैं।
यह क्लीन एनर्जी को अधिक सस्ती बनाएगी।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने वीजीएफ स्कीम को मंजूरी दी है।
यह योजना 2028 तक देश की बीईएसएस आवश्यकता को पूरा करने का लक्ष्य रखती है।

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने सोमवार को राजस्थान में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की कीमतों के नए निचले स्तर पर पहुंचने को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

कांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए कहा, "राजस्थान ने भारत में अब तक के सबसे कम बैटरी एनर्जी स्टोरेज की कीमत 1.77 लाख रुपए प्रति मेगावाट के साथ एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।"

उन्होंने कहा, "यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो ग्रिड की विश्वसनीयता को मजबूत करेगी, रिन्यूएबल एनर्जी के अपनाने में तेजी लाएगी, और भारत के लिए क्लीन एनर्जी को और अधिक किफायती बनाएगी।"

सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की कीमतों का नया स्तर, पीक पावर डिमांड के दौरान सोलर पावर की उपलब्धता को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरवीयूएनएल) द्वारा 1,000 मेगावाट/2,000 मेगावाट प्रति घंटे के बीईएसएस रिवर्स नीलामी के लिए 8 अक्टूबर को आरंभ की गई बोली में रिकॉर्ड 48 बोलीदाताओं ने भाग लिया और 11 बोलीदाताओं ने 1.77-1.78 लाख रुपए प्रति मेगावाट की पेशकश की, जो देश में किसी भी भंडारण बोली के लिए सबसे कम है। इससे पूर्व नवंबर 2024 में न्यूनतम बोली 2.21 लाख रुपए प्रति मेगावाट थी।

इसके अलावा, बैटरी एनर्जी स्टोरेज को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 30 गीगावाट प्रति घंटा बैटरी स्टोरेज के लिए वीजीएफ स्कीम को मंजूरी दी है। इस वर्ष जून में, केंद्रीय मंत्री ने नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में इस स्कीम को मंजूरी देने की घोषणा की।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की है कि ऊर्जा सुरक्षा और रिन्यूएबल इंटीग्रेशन को बढ़ावा देने के लिए, विद्युत मंत्रालय ने पहले से चल रही 13.2 गीगावाट प्रति घंटा क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) के अतिरिक्त, 30 गीगावाट प्रति घंटा क्षमता वाली बीईएसएस के लिए वाइबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना को मंजूरी दे दी है।"

विद्युत मंत्रालय ने कहा कि 5,400 करोड़ रुपए की इस योजना का लक्ष्य 2028 तक देश की बीईएसएस आवश्यकता को पूरा करते हुए 33,000 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। यह कदम न सिर्फ राज्य के लिए, बल्कि देश की ऊर्जा नीति के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की कीमतें क्यों कम हुई हैं?
राजस्थान में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की कीमतें कम होने का मुख्य कारण प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया और सरकारी नीतियों का समर्थन है।
बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम का क्या महत्व है?
बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम न केवल ग्रिड की विश्वसनीयता को बढ़ाता है, बल्कि रिन्यूएबल एनर्जी के उपयोग को भी प्रोत्साहित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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