6 अक्टूबर 2026
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एटीएफ कीमतें: नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू बोले — एयरलाइंस और OMC से जारी है बातचीत

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एटीएफ कीमतें: नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू बोले — एयरलाइंस और OMC से जारी है बातचीत

सारांश

पश्चिम एशिया संकट से ATF की कीमतों में उबाल के बीच नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने साफ किया — सरकार एयरलाइंस और तेल कंपनियों दोनों से बातचीत में है। इंडिगो के फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने के बाद यात्रियों की जेब पर असर का सवाल अब सीधे मंत्रालय की मेज़ पर है।

मुख्य बातें

नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने 6 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि सरकार ATF कीमतों पर एयरलाइंस और OMC से बातचीत कर रही है।
इंडिगो ने ATF की बढ़ी कीमतों के कारण फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का ऐलान किया, जिसके बाद सरकारी प्रतिक्रिया आई।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में SAF का अनिवार्य अनुपात: 2027 तक 1% , 2028 तक 2% , 2030 तक 5% ।
सरकार IOCL , BPCL और HPCL के साथ वैश्विक मानकों के अनुरूप SAF उत्पादन पर चर्चा कर रही है।
भारत का लक्ष्य 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल अपनाकर वैश्विक एविएशन हब बनना तथा MRO और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग से घरेलू एयरोस्पेस क्षमता विकसित करना।

केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर एयरलाइन कंपनियों और तेल विपणन कंपनियों (OMC) के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है। मंत्री के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने ATF की लागत पर 'भारी बोझ' डाला है।

मुख्य घटनाक्रम

IFQM सिम्पोजियम 2026 कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए नायडू ने कहा, 'सबसे अहम मुद्दों में से एक पश्चिम एशिया का संकट है और यह कैसे ATF की कीमतों पर भारी बोझ डाल रहा है, लेकिन हम अभी भी एयरलाइंस और OMC, दोनों के साथ बातचीत कर रहे हैं। देखते हैं कि बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है।' उनका यह बयान इंडिगो द्वारा ATF की ऊँची कीमतों का हवाला देते हुए फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने के ऐलान के तत्काल बाद आया है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मंत्री ने यह भी बताया कि नागर विमानन मंत्रालय सभी संबंधित पक्षों से बैठक करने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लेगा। उन्होंने कहा, 'मंत्रालय संबंधित पक्षों के साथ बैठक करने जा रहा है और जब हम सभी संबंधित पक्षों का नज़रिया समझ लेंगे, तब हम कोई फ़ैसला लेंगे।' यह ऐसे समय में आया है जब ईंधन लागत एयरलाइंस के परिचालन व्यय में सबसे बड़ा घटक बनी हुई है।

सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल पर रोडमैप

नायडू ने कॉन्फ्रेंस में एविएशन सेक्टर के दीर्घकालिक विज़न का भी खुलासा किया। भारत ने अनिवार्य किया है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में इस्तेमाल ईंधन का 1 प्रतिशत हिस्सा 2027 तक सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) से आए, जो 2028 तक 2 प्रतिशत और 2030 तक 5 प्रतिशत तक बढ़ेगा। इसके अलावा, सरकार इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) के साथ वैश्विक मानकों के अनुरूप SAF उत्पादन पर भी बातचीत कर रही है।

ग्लोबल एविएशन हब और मैन्युफैक्चरिंग का लक्ष्य

मंत्री ने बताया कि भारत का लक्ष्य देश भर में कई एयरपोर्ट हब स्थापित कर एक वैश्विक एविएशन केंद्र बनना है। इसके लिए 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे छोटे शहरों के यात्री घरेलू गेटवे के ज़रिए लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जुड़ सकेंगे। एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग के संदर्भ में नायडू ने कहा कि भारत इंजन निर्माण को एक अहम क्षमता मानता है और मेंटेनेंस, रिपेयर व ओवरहॉल (MRO) गतिविधियों तथा कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग से चरणबद्ध शुरुआत की जाएगी।

स्वदेशी हेलीकॉप्टर इंजन और भविष्य की संभावनाएँ

नायडू ने स्वदेशी हेलीकॉप्टर इंजन विकास में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने संकेत दिया कि रक्षा क्षेत्र में अर्जित तकनीकी जानकारी आगे चलकर सिविल एविएशन मैन्युफैक्चरिंग लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक हो सकती है। गौरतलब है कि यह भारतीय एविएशन उद्योग के लिए नीतिगत दिशा की दृष्टि से एक निर्णायक दौर है, जहाँ ATF की अस्थिर कीमतें, यात्री वृद्धि और हरित ईंधन की ओर संक्रमण — तीनों चुनौतियाँ एक साथ सामने हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

अनिश्चितता अधिक देता है — क्योंकि इंडिगो जैसी एयरलाइंस पहले ही सरचार्ज बढ़ा चुकी हैं और यात्रियों की जेब पर असर तत्काल है। पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव से ATF की कीमतें भारत के नियंत्रण से बाहर हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकार के पास OMC को कीमत स्थिरीकरण के लिए बाध्य करने का कोई ठोस तंत्र है — या यह महज़ परामर्श दौर है। SAF रोडमैप दीर्घकालिक दृष्टि से सराहनीय है, परंतु 2027 की 1% की अनिवार्यता तब तक सार्थक नहीं होगी, जब तक घरेलू उत्पादन ज़मीन पर नहीं उतरता।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ATF की कीमतों पर सरकार क्या कदम उठा रही है?
नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू के अनुसार, नागर विमानन मंत्रालय एयरलाइन कंपनियों और तेल विपणन कंपनियों (OMC) दोनों के साथ बातचीत कर रहा है। सभी संबंधित पक्षों से राय लेने के बाद ही कोई अंतिम फ़ैसला लिया जाएगा।
इंडिगो ने फ्यूल सरचार्ज क्यों बढ़ाया?
इंडिगो ने ATF की बढ़ी हुई कीमतों को फ्यूल सरचार्ज वृद्धि का कारण बताया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने वैश्विक कच्चे तेल और एविएशन ईंधन की कीमतों पर दबाव डाला है, जिसका सीधा असर एयरलाइंस की परिचालन लागत पर पड़ रहा है।
भारत में SAF (सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल) की अनिवार्यता कब से लागू होगी?
भारत ने नियम बनाया है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के ईंधन का 1 प्रतिशत 2027 तक SAF से आना चाहिए, जो 2028 तक 2 प्रतिशत और 2030 तक 5 प्रतिशत हो जाएगा। सरकार इस लक्ष्य के लिए IOCL, BPCL और HPCL के साथ घरेलू SAF उत्पादन पर बातचीत कर रही है।
भारत एविएशन हब बनने के लिए क्या रणनीति अपना रहा है?
सरकार देश भर में कई एयरपोर्ट हब विकसित करने की योजना बना रही है और 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल अपनाएगी, जिससे छोटे शहरों के यात्री घरेलू गेटवे के माध्यम से लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जुड़ सकेंगे। घरेलू एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए MRO और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग से शुरुआत की जाएगी।
क्या ATF की बढ़ती कीमतें हवाई यात्रियों पर असर डालेंगी?
इंडिगो द्वारा फ्यूल सरचार्ज बढ़ाए जाने से यात्रियों के टिकट महँगे हो सकते हैं। सरकार अभी बातचीत के चरण में है और अंतिम नीतिगत फ़ैसला आने तक स्थिति अनिश्चित बनी रह सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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