RBI ने SGB 2018-19 सीरीज-II का रिडेम्पशन प्राइस ₹14,425 प्रति ग्राम तय किया, निवेशकों को 357% रिटर्न
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2018-19 सीरीज-II के लिए अंतिम रिडेम्पशन मूल्य ₹14,425 प्रति ग्राम निर्धारित किया है। 23 अक्टूबर 2026 को परिपक्व हो रहे इन बॉन्ड्स पर निवेशकों को ब्याज से इतर लगभग 357 प्रतिशत का पूँजी लाभ मिला है, जो सोने में दीर्घकालिक निवेश की शक्ति को रेखांकित करता है।
रिडेम्पशन मूल्य कैसे तय हुआ
RBI के अनुसार, SGB का अंतिम रिडेम्पशन मूल्य इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता वाले सोने के पिछले तीन कारोबारी दिनों के समापन भावों के साधारण औसत पर आधारित होता है। इस बार 19 अक्टूबर, 21 अक्टूबर और 22 अक्टूबर 2026 के समापन मूल्यों का औसत लेकर ₹14,425 प्रति यूनिट की रिडेम्पशन कीमत तय की गई।
निवेशकों को कितना मिला फायदा
यह बॉन्ड अक्टूबर 2018 में ₹3,146 प्रति ग्राम की दर पर जारी किया गया था। आठ वर्षों में मूल्य में हुई इस वृद्धि के आधार पर निवेशकों को ब्याज को छोड़कर करीब 357 प्रतिशत का रिटर्न प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार की ओर से इन बॉन्ड्स पर सालाना 2.5 प्रतिशत का अतिरिक्त ब्याज भी देय है, जिससे कुल प्रभावी रिटर्न और अधिक हो जाता है।
गौरतलब है कि डिजिटल और ऑनलाइन माध्यम से निवेश करने वाले निवेशकों को इश्यू के समय ₹50 प्रति ग्राम का अतिरिक्त छूट भी प्रदान की गई थी, जिससे उनकी वास्तविक निवेश लागत घटकर ₹3,096 प्रति ग्राम रह गई थी।
SGB योजना की संरचना
भारत सरकार की ओर से RBI द्वारा जारी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, जारी होने की तारीख से आठ वर्ष की परिपक्वता अवधि के बाद चुकाए जाते हैं। SGB 2018-19 सीरीज-II की सब्सक्रिप्शन अवधि 15 से 19 अक्टूबर 2018 रही थी और इसे 23 अक्टूबर 2018 को जारी किया गया था। इस योजना का उद्देश्य भौतिक सोने की माँग को कम करना और निवेशकों को सोने में निवेश का एक सुरक्षित और लागत-कुशल विकल्प प्रदान करना है।
आम निवेशक पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब घरेलू सोने की कीमतें ऐतिहासिक ऊँचाई के करीब हैं। SGB 2018-19 सीरीज-II का यह रिडेम्पशन उन निवेशकों के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है जिन्होंने दीर्घकालिक नजरिए से सरकारी गोल्ड बॉन्ड में पैसा लगाया था। विशेषज्ञों का मानना है कि 357 प्रतिशत का यह रिटर्न अधिकांश पारंपरिक निवेश साधनों से काफी बेहतर रहा है।
आगे क्या होगा
RBI की अन्य SGB सीरीज़ भी क्रमशः परिपक्व होती रहेंगी और उनके रिडेम्पशन मूल्य भी IBJA के तीन कारोबारी दिनों के औसत के आधार पर निर्धारित किए जाएँगे। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे रिडेम्पशन से संबंधित सभी जानकारी के लिए RBI की आधिकारिक वेबसाइट और अपने डिपॉजिटरी खाते की जाँच करें।