14 अगस्त 2026
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एसजीबी 2019-20 सीरीज III का प्रीमैच्योर रिडेम्पशन शुरू, ₹3,449 का निवेश बना ₹15,310

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एसजीबी 2019-20 सीरीज III का प्रीमैच्योर रिडेम्पशन शुरू, ₹3,449 का निवेश बना ₹15,310

सारांश

SGB 2019-20 सीरीज III में जिन्होंने ₹3,449 लगाए थे, उन्हें आज ₹15,310 मिल रहे हैं — यानी करीब चार गुना रिटर्न। लेकिन 1 अप्रैल 2026 से लागू नए टैक्स नियमों के तहत प्रीमैच्योर रिडेम्पशन पर कैपिटल गेन छूट नहीं मिलेगी, जो निवेशकों के लिए एक अहम बदलाव है।

मुख्य बातें

SGB 2019-20 सीरीज III का प्रीमैच्योर रिडेम्पशन 14 अगस्त 2026 से शुरू हुआ।
RBI ने रिडेम्पशन मूल्य ₹15,310 प्रति यूनिट तय किया, जो इश्यू प्राइस ₹3,449 से लगभग 4 गुना अधिक है।
रिडेम्पशन मूल्य IBJA द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता सोने के तीन कारोबारी दिनों के साधारण औसत पर आधारित है।
SGB में 2.5% वार्षिक ब्याज सोने की कीमत वृद्धि के अतिरिक्त मिलता है।
1 अप्रैल 2026 से प्रीमैच्योर रिडेम्पशन पर कैपिटल गेन टैक्स छूट समाप्त; छूट केवल पूर्ण मैच्योरिटी पर मान्य।

सॉवेरन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2019-20 सीरीज III के निवेशकों के लिए 14 अगस्त 2026 से प्रीमैच्योर रिडेम्पशन की सुविधा उपलब्ध हो गई है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने रिडेम्पशन मूल्य ₹15,310 प्रति यूनिट निर्धारित किया है — जो इसके ₹3,449 प्रति यूनिट के इश्यू प्राइस से लगभग चार गुना अधिक है। यह बॉन्ड मूल रूप से 14 अगस्त 2019 को जारी किया गया था।

रिडेम्पशन मूल्य कैसे तय होता है

RBI के नियमों के अनुसार, SGB का रिडेम्पशन मूल्य इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता वाले सोने के क्लोजिंग प्राइस के साधारण औसत पर आधारित होता है। यह औसत रिडेम्पशन तिथि से ठीक पहले के तीन कारोबारी दिनों का लिया जाता है। SGB की एक यूनिट की वैल्यू लगभग एक ग्राम सोने के बराबर होती है।

प्रीमैच्योर रिडेम्पशन की शर्तें

RBI के SGB नियमों के तहत, बॉन्ड जारी होने की तारीख से पाँच वर्ष बाद, ब्याज भुगतान की तारीख पर प्रीमैच्योर रिडेम्पशन का विकल्प मिलता है। 2019-20 सीरीज III के लिए यह पाँच वर्ष की अवधि अब पूरी हो चुकी है, इसलिए निवेशक सोमवार से इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

SGB की विशेषताएँ और लाभ

SGB को नवंबर 2015 में केंद्र सरकार ने RBI के सहयोग से शुरू किया था। इसका उद्देश्य देश में फिजिकल गोल्ड की माँग को कम करना था। विशेषज्ञों के अनुसार, SGB को अब तक की सबसे बेहतर गोल्ड निवेश योजनाओं में गिना जाता है, क्योंकि इसमें मूल निवेश पर 2.5% वार्षिक ब्याज भी मिलता है — जो सोने की कीमत में वृद्धि से अलग और अतिरिक्त लाभ है।

कैपिटल गेन टैक्स में बड़ा बदलाव

गौरतलब है कि 1 अप्रैल 2026 से SGB रिडेम्पशन पर कैपिटल गेन छूट के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। फाइनेंस बिल, 2026 के अनुसार, कैपिटल गेन पर कर-छूट केवल तभी मिलेगी जब निवेशक बॉन्ड को ओरिजिनल इश्यू तिथि से लेकर पूर्ण मैच्योरिटी तक अपने पास रखे। सरकार के बजट 2026 के FAQ में स्पष्ट किया गया है कि पाँच साल के लॉक-इन के बाद भी प्रीमैच्योर रिडेम्पशन पर यह कर-छूट लागू नहीं होगी। यह बदलाव उन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है जो आज रिडेम्पशन ले रहे हैं।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब सोने की कीमतें ऐतिहासिक ऊँचाई के करीब हैं, जिससे SGB निवेशकों को असाधारण रिटर्न मिल रहा है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे रिडेम्पशन से पहले नए कैपिटल गेन टैक्स नियमों के निहितार्थ को अपने वित्तीय सलाहकार से समझ लें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली खबर वह बदलाव है जो सरकार ने चुपचाप फाइनेंस बिल 2026 में किया है — प्रीमैच्योर रिडेम्पशन पर कैपिटल गेन छूट हटाना। यह उन लाखों निवेशकों के लिए झटका है जो SGB को टैक्स-फ्री गोल्ड विकल्प मानकर चल रहे थे। सरकार ने SGB को 2015 में फिजिकल गोल्ड का विकल्प बताकर बेचा था, लेकिन अब टैक्स लाभ को मैच्योरिटी तक सीमित कर दिया गया है — जो योजना की मूल भावना के विपरीत है और दीर्घकालिक निवेशकों की भावना को प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SGB 2019-20 सीरीज III का रिडेम्पशन मूल्य क्या है?
RBI ने SGB 2019-20 सीरीज III का प्रीमैच्योर रिडेम्पशन मूल्य ₹15,310 प्रति यूनिट तय किया है। यह इसके मूल इश्यू प्राइस ₹3,449 प्रति यूनिट से लगभग चार गुना अधिक है।
SGB का रिडेम्पशन मूल्य कैसे निर्धारित होता है?
रिडेम्पशन मूल्य IBJA द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता वाले सोने के क्लोजिंग प्राइस के तीन कारोबारी दिनों के साधारण औसत पर आधारित होता है। यह औसत रिडेम्पशन तिथि से ठीक पहले के कारोबारी दिनों का लिया जाता है।
SGB में प्रीमैच्योर रिडेम्पशन कब मिलती है?
RBI के नियमों के तहत, SGB जारी होने की तारीख से पाँच साल बाद ब्याज भुगतान की तारीख पर प्रीमैच्योर रिडेम्पशन का विकल्प मिलता है। SGB 2019-20 सीरीज III 14 अगस्त 2019 को जारी हुई थी, इसलिए यह सुविधा 14 अगस्त 2026 से उपलब्ध है।
1 अप्रैल 2026 से SGB के कैपिटल गेन टैक्स नियमों में क्या बदला?
फाइनेंस बिल 2026 के अनुसार, अब कैपिटल गेन पर कर-छूट केवल तभी मिलेगी जब निवेशक SGB को ओरिजिनल इश्यू तिथि से पूर्ण मैच्योरिटी तक रखे। पाँच साल के लॉक-इन के बाद भी प्रीमैच्योर रिडेम्पशन पर यह छूट लागू नहीं होगी।
SGB में निवेश के क्या फायदे हैं?
SGB में सोने की कीमत में वृद्धि के अलावा मूल निवेश पर 2.5% वार्षिक ब्याज भी मिलता है। यह फिजिकल गोल्ड की तुलना में सुरक्षित और अधिक लाभकारी विकल्प माना जाता है, हालाँकि 2026 के बाद प्रीमैच्योर रिडेम्पशन पर कैपिटल गेन छूट नहीं मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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