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आरबीआई जून बैठक में रेपो रेट यथावत रखेगा, 5 जून को होगा फैसले का ऐलान

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आरबीआई जून बैठक में रेपो रेट यथावत रखेगा, 5 जून को होगा फैसले का ऐलान

सारांश

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कमोडिटी कीमतों की अनिश्चितता के बीच RBI की MPC 3-5 जून की बैठक में रेपो रेट यथावत रखने की संभावना है। एसबीआई रिसर्च के अनुसार CPI अगली तीन तिमाहियों तक 5% से ऊपर रह सकती है, जबकि FY26 जीडीपी वृद्धि 7.5% अनुमानित है।

मुख्य बातें

RBI MPC की बैठक 3 से 5 जून 2026 के बीच निर्धारित; फैसले का ऐलान गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 जून को करेंगे।
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार रेपो रेट यथावत रहने की संभावना सबसे अधिक है।
एसबीआई रिसर्च के अनुसार CPI मुद्रास्फीति अगली तीन तिमाहियों तक 5% से ऊपर रह सकती है।
FY26 के लिए जीडीपी वृद्धि 7.5% और FY27 के लिए 6.6% अनुमानित।
कच्चे तेल की कीमतें, आपूर्ति श्रृंखला व्यवधान और रुपए पर दबाव मुद्रास्फीति पूर्वानुमान संशोधन के कारण बन सकते हैं।
ऑपरेशन ट्विस्ट जैसे वैकल्पिक नीतिगत उपाय भी RBI के विकल्पों में शामिल।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) अपनी 3 से 5 जून के बीच होने वाली तीन दिवसीय बैठक में रेपो रेट को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने की संभावना है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कमोडिटी कीमतों पर उनके प्रभाव को देखते हुए बाज़ार विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों का मानना है कि केंद्रीय बैंक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए रखेगा। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 जून को बैठक के निर्णय की आधिकारिक घोषणा करेंगे।

अप्रैल के बाद फिर यथास्थिति की संभावना

गौरतलब है कि MPC ने अप्रैल 2026 में हुई अपनी पिछली बैठक में भी दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। उस समय भी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति तथा विकास संभावनाओं पर उनके संभावित असर को आधार बनाया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक केंद्रीय बैंक भी दर-कटौती के निर्णयों में सावधानी बरत रहे हैं।

मुद्रास्फीति और जीडीपी अनुमान

एसबीआई रिसर्च की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति (CPI) अगले तीन तिमाहियों तक 5 प्रतिशत से ऊपर बनी रह सकती है, जबकि चालू तिमाही में यह 4 से 4.1 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि लगभग 7.2 प्रतिशत और पूरे वर्ष के लिए 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का पूर्वानुमान है, हालांकि रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि भू-राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर ये अनुमान बदल सकते हैं।

किन कारकों पर रहेगी नज़र

अर्थशास्त्रियों के अनुसार, RBI कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और बाहरी दबावों के कारण रुपए पर पड़ने वाले असर को लेकर सतर्क है। इन कारकों के चलते केंद्रीय बैंक चालू वित्त वर्ष के लिए अपने मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को ऊपर की ओर संशोधित कर सकता है और जीडीपी वृद्धि अनुमानों में कटौती भी संभव है।

वैकल्पिक नीतिगत उपाय भी विकल्प में

एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में तर्क दिया गया है कि यदि मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ता है, तो RBI के पास बेंचमार्क दरों में बदलाव किए बिना भी बाज़ार को नियंत्रित करने के विकल्प उपलब्ध हैं — जैसे कि ऑपरेशन ट्विस्ट। रिपोर्ट में आँकड़ों पर आधारित दृष्टिकोण अपनाते हुए दरों को फिलहाल अपरिवर्तित रखने की सिफारिश की गई है। 5 जून को गवर्नर मल्होत्रा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई नीतिगत दिशा स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सीमित नीतिगत स्थान की स्वीकृति है — जहाँ न दर बढ़ाना संभव है, न घटाना। एसबीआई रिसर्च का 7.5% जीडीपी अनुमान आशावादी लग सकता है, जबकि पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतें अभी भी अनिश्चित हैं। असली सवाल यह है कि क्या RBI 'डेटा-आधारित' दृष्टिकोण की आड़ में निर्णय टाल रहा है, या वास्तव में नए आँकड़ों का इंतज़ार है। ऑपरेशन ट्विस्ट का उल्लेख संकेत देता है कि परंपरागत दर-नीति की जगह अपरंपरागत उपायों की तरफ झुकाव बढ़ रहा है — जो स्वयं में एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव होगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RBI MPC की जून 2026 बैठक में रेपो रेट पर क्या फैसला संभव है?
बाज़ार विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों के अनुसार RBI MPC 3-5 जून की बैठक में रेपो रेट को यथावत रखने की सबसे अधिक संभावना है। वैश्विक अस्थिरता और मुद्रास्फीति के दबाव के चलते केंद्रीय बैंक सतर्क रुख बनाए रखेगा।
RBI MPC के जून फैसले का ऐलान कब और कौन करेगा?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 जून 2026 को तीन दिवसीय MPC बैठक के निर्णय की आधिकारिक घोषणा करेंगे। बैठक 3 जून से शुरू होकर 5 जून को समाप्त होगी।
एसबीआई रिसर्च ने भारत की जीडीपी और मुद्रास्फीति के बारे में क्या कहा है?
एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार FY26 के लिए जीडीपी वृद्धि 7.5% और FY27 के लिए 6.6% अनुमानित है। CPI मुद्रास्फीति अगली तीन तिमाहियों तक 5% से ऊपर रह सकती है, जबकि चालू तिमाही में यह 4 से 4.1% के बीच रहने की उम्मीद है।
RBI रेपो रेट यथावत क्यों रख सकता है?
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और रुपए पर बाहरी दबाव के कारण RBI दरों में बदलाव से बच सकता है। अप्रैल 2026 की बैठक में भी इन्हीं कारणों से दरें अपरिवर्तित रखी गई थीं।
ऑपरेशन ट्विस्ट क्या है और RBI इसे क्यों अपना सकता है?
ऑपरेशन ट्विस्ट एक अपरंपरागत मौद्रिक उपाय है जिसमें केंद्रीय बैंक बेंचमार्क ब्याज दरों में बदलाव किए बिना सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री के ज़रिए बाज़ार की ब्याज दरों को नियंत्रित करता है। एसबीआई रिसर्च के अनुसार यदि मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ा, तो RBI इस विकल्प का उपयोग कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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