16 अक्टूबर 2026
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लैक्मे फैशन वीक 2026: सामंत चौहान और जैसलमेर क्राफ्टेड बार का अनूठा कोलैबोरेशन, भारतीय कारीगरी को मिला लग्जरी मंच

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लैक्मे फैशन वीक 2026: सामंत चौहान और जैसलमेर क्राफ्टेड बार का अनूठा कोलैबोरेशन, भारतीय कारीगरी को मिला लग्जरी मंच

सारांश

लैक्मे फैशन वीक 2026 के मंच पर जैसलमेर क्राफ्टेड बार और डिजाइनर सामंत चौहान का मिलन महज एक ब्रांड पार्टनरशिप नहीं — यह भारतीय कारीगरी को लग्जरी अनुभव की नई भाषा में पेश करने का प्रयास है, जहाँ भागलपुर सिल्क के बुनकर और 11 भारतीय बोटैनिकल्स एक ही मंच पर जीवंत होते हैं।

मुख्य बातें

15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के ताज पैलेस में लैक्मे फैशन वीक एक्स एफडीसीआई में यह कोलैबोरेशन प्रस्तुत किया गया।
डिजाइनर सामंत चौहान 2006 से भागलपुर सिल्क और बुनकर समुदायों के साथ काम कर रहे हैं।
जैसलमेर इंडियन क्राफ्ट जिन 11 बोटैनिकल्स से बनती है, जिनमें 7 भारत के विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त होते हैं।
यह जिन करीब 40 देशों में उपलब्ध है और पारंपरिक तांबे के पॉट स्टिल्स में री-डिस्टिल होती है।
रेडिको खेतान के सीएमओ कुणाल मदान ने इसे भारतीय शिल्पकला और समकालीन लग्जरी का संगम बताया।

लैक्मे फैशन वीक एक्स एफडीसीआई के मंच पर 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के ताज पैलेस में जैसलमेर क्राफ्टेड बार कलेक्टिबल और प्रसिद्ध डिजाइनर सामंत चौहान के बीच एक विशेष कोलैबोरेशन की शुरुआत हुई, जिसने भारतीय पारंपरिक कारीगरी को समकालीन लग्जरी लाइफस्टाइल से जोड़ने का नया रास्ता दिखाया। इस साझेदारी के तहत खास क्राफ्टेड बार एक्सपीरियंस और स्पेशल कलेक्टिबल्स पेश किए गए, जिनमें भारत की हस्तशिल्प विरासत और आधुनिक डिजाइन का संगम देखने को मिला।

कोलैबोरेशन की मूल अवधारणा

इस साझेदारी की केंद्रीय सोच यह रही कि शिल्प को महज एक तकनीक नहीं, बल्कि किसी स्थान की सांस्कृतिक पहचान, कारीगरों के जीवंत हुनर और परंपरा को नए कलेवर में प्रस्तुत करने के माध्यम के रूप में देखा जाए। वस्त्र और बोटैनिकल्स, फैशन और लाइफस्टाइल — दो अलग दुनियाओं के इस मेल ने एक अनूठा अनुभव तैयार किया।

डिजाइनर सामंत चौहान ने 2006 में अपना फैशन लेबल स्थापित करने के बाद से बिहार की भागलपुर सिल्क बुनाई परंपरा को आधुनिक परिधानों में ढालने का काम किया है। उन्होंने भागलपुर सिल्क की विशिष्ट बनावट, शिल्पकला और बुनकर समुदायों के पारंपरिक कौशल को समकालीन डिजाइन की भाषा में पुनर्परिभाषित किया है।

जैसलमेर जिन की शिल्पकला-आधारित पहचान

जैसलमेर इंडियन क्राफ्ट जिन स्वयं भारतीय बोटैनिकल्स की समृद्ध विरासत से प्रेरित है। यह जिन 11 प्रकार के बोटैनिकल्स के मिश्रण से तैयार की जाती है, जिनमें से सात भारत के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों से प्राप्त होते हैं — जिनमें दार्जिलिंग ग्रीन टी, लेमनग्रास और क्यूबेब पेपर प्रमुख हैं। यह ट्रिपल-डिस्टिल्ड न्यूट्रल ग्रेन स्पिरिट से तैयार होकर पारंपरिक तांबे के पॉट स्टिल्स में री-डिस्टिल की जाती है।

वर्तमान में करीब 40 देशों में उपलब्ध यह जिन भारतीय क्षेत्रीय सामग्रियों और आधुनिक जिन-निर्माण शैली को वैश्विक उपभोक्ताओं तक पहुँचाने का काम करती है। इस प्रकार इस कोलैबोरेशन ने फैशन और स्पिरिट्स — दोनों क्षेत्रों में भारतीय कारीगरी की वैश्विक उपस्थिति को रेखांकित किया।

कार्यक्रम में अनुभव और प्रस्तुति

लैक्मे फैशन वीक एक्स एफडीसीआई में आयोजित जैसलमेर क्राफ्टेड बार पर मेहमानों के लिए विशेष कॉकटेल एक्सपीरियंस तैयार किया गया। साथ ही स्पेशल कलेक्टिबल्स के जरिए इस साझेदारी की डिजाइन थीम को दर्शकों के सामने रखा गया, जिसमें लग्जरी की नई परिभाषा — जहाँ उत्पाद की अहमियत उसकी जड़ों, निर्माण प्रक्रिया और पारंपरिक हुनर से तय होती है — को उजागर किया गया।

मुख्य व्यक्तियों के वक्तव्य

रेडिको खेतान के मुख्य विपणन अधिकारी कुणाल मदान ने कहा, 'जैसलमेर में हम भारतीय शिल्पकला को समकालीन लग्जरी अनुभवों के निर्माण की प्रेरणा मानते हैं। सामंत चौहान के साथ हमारा कोलैबोरेशन दो ऐसी दुनिया को साथ लाता है, जो बारीकियों, अपनी जड़ों और किसी भी चीज को तैयार करने के पीछे की कहानी को महत्व देती हैं।'

डिजाइनर सामंत चौहान ने कहा, 'भागलपुर सिल्क एक जीवंत परंपरा का प्रतीक है, जो बुनकर समुदायों के ज्ञान और कौशल की बदौलत आज भी जीवित है। जैसलमेर के साथ यह सहयोग पारंपरिक शिल्पकला और समकालीन डिजाइन का एक दिलचस्प संगम है, जो भारतीय कारीगरी को अनुभव करने और उसकी सराहना करने के लिए एक नया संदर्भ प्रदान करता है।'

भारतीय कारीगरी की बदलती भूमिका

यह कोलैबोरेशन उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें भारतीय लग्जरी ब्रांड पारंपरिक हस्तशिल्प को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि फैशन और लाइफस्टाइल के बीच ऐसी अंतर-क्षेत्रीय साझेदारियाँ भारत में अभी भी नई हैं और 'क्राफ्ट-लेड लग्जरी' की अवधारणा को व्यापक स्वीकृति दिला रही हैं। आने वाले समय में इस मॉडल के विस्तार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

या फिर 'विरासत' केवल ब्रांड कथा बनकर रह जाती है। फैशन और स्पिरिट्स उद्योग की ऐसी क्रॉस-सेक्टर पार्टनरशिप भारत में अभी नई है, और इसका दीर्घकालिक प्रभाव कारीगर समुदायों पर कितना पड़ता है, यह देखना बाकी है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लैक्मे फैशन वीक 2026 में जैसलमेर क्राफ्टेड बार और सामंत चौहान का कोलैबोरेशन क्या है?
यह 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के ताज पैलेस में हुई एक विशेष साझेदारी है, जिसमें जैसलमेर इंडियन क्राफ्ट जिन और डिजाइनर सामंत चौहान ने मिलकर भारतीय कारीगरी को फैशन और लाइफस्टाइल के मंच पर पेश किया। इसमें क्राफ्टेड बार एक्सपीरियंस और स्पेशल कलेक्टिबल्स शामिल थे।
सामंत चौहान भागलपुर सिल्क के लिए क्यों जाने जाते हैं?
सामंत चौहान ने 2006 में अपना फैशन लेबल स्थापित करने के बाद से बिहार की भागलपुर सिल्क हैंडलूम परंपरा को आधुनिक परिधानों में ढालने का काम किया है। वे बुनकर समुदायों के पारंपरिक कौशल को समकालीन डिजाइन की भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।
जैसलमेर इंडियन क्राफ्ट जिन कैसे बनती है?
जैसलमेर जिन 11 बोटैनिकल्स के मिश्रण से तैयार होती है, जिनमें से 7 भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आते हैं — जैसे दार्जिलिंग ग्रीन टी, लेमनग्रास और क्यूबेब पेपर। यह ट्रिपल-डिस्टिल्ड न्यूट्रल ग्रेन स्पिरिट से बनकर पारंपरिक तांबे के पॉट स्टिल्स में री-डिस्टिल की जाती है।
इस कोलैबोरेशन में कार्यक्रम में क्या-क्या पेश किया गया?
लैक्मे फैशन वीक में जैसलमेर क्राफ्टेड बार पर मेहमानों के लिए विशेष कॉकटेल एक्सपीरियंस तैयार किया गया और स्पेशल कलेक्टिबल्स के ज़रिए साझेदारी की डिजाइन थीम प्रस्तुत की गई। इससे भारतीय कारीगरी और लग्जरी लाइफस्टाइल के बीच एक नया अनुभव संदर्भ बनाया गया।
रेडिको खेतान का जैसलमेर जिन से क्या संबंध है?
जैसलमेर इंडियन क्राफ्ट जिन रेडिको खेतान का उत्पाद है, जो वर्तमान में करीब 40 देशों में उपलब्ध है। कंपनी के सीएमओ कुणाल मदान के अनुसार, ब्रांड भारतीय शिल्पकला को समकालीन लग्जरी अनुभवों की प्रेरणा के रूप में देखता है।
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