सेंसेक्स 445 अंक उछला, निफ्टी 0.71% मजबूत; IT और रियल्टी शेयरों ने थामी बाजार की कमान
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स मंगलवार, 13 अक्टूबर को इंट्राडे में 445.48 अंक यानी 0.61 प्रतिशत उछलकर दिन के उच्चतम स्तर 72,370.16 पर पहुँचा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 160.3 अंक की बढ़त के साथ 22,523.65 तक गया। सपाट शुरुआत के बाद IT और रियल्टी सेक्टर में जोरदार खरीदारी ने बाजार को गति दी।
बाजार का शुरुआती रुझान
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स मात्र 27.05 अंक (0.04 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 71,951.73 पर खुला, वहीं निफ्टी 50 ने 0.80 अंक की मामूली तेजी के साथ 22,364.15 से कारोबार शुरू किया। यह ऐसे समय में आया जब सोमवार को बाजार में दबाव देखा गया था और निवेशक सतर्क रुख अपना रहे थे।
हालाँकि शुरुआती घंटों में ही निफ्टी IT, निफ्टी मिडस्मॉल IT एंड टेलीकॉम तथा निफ्टी रियल्टी सूचकांकों में करीब 2 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज हुई, जिसने व्यापक बाजार को ऊपर खींचने का काम किया।
सेक्टोरल प्रदर्शन
बढ़त की दौड़ में निफ्टी PSU बैंक 0.31 प्रतिशत, निफ्टी FMCG 0.22 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.20 प्रतिशत मजबूत रहे। व्यापक बाजारों में निफ्टी मिडकैप में 0.3 प्रतिशत की तेजी देखी गई।
दूसरी तरफ, हेल्थकेयर और फार्मा शेयरों पर बिकवाली का दबाव बना रहा। निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर, निफ्टी 500 हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर सूचकांकों में 0.75 प्रतिशत तक की गिरावट आई। निफ्टी स्मॉलकैप भी 0.8 प्रतिशत लुढ़का।
FII-DII का रुझान और घरेलू समर्थन
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की नकद बाजार में बिकवाली और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी का रुझान निकट भविष्य में जारी रहने की संभावना है। उनका कहना है कि अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.2 प्रतिशत से ऊपर बने रहने के कारण FII की बिकवाली थमने के आसार कम हैं।
गौरतलब है कि सितंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में रिकॉर्ड ₹38,307 करोड़ का शुद्ध निवेश हुआ, जिसने DII को मजबूत आधार दिया है। इससे वे विदेशी निवेशकों की बिकवाली को काफी हद तक संतुलित कर पा रहे हैं।
महंगाई, क्रूड और RBI नीति पर नज़र
विशेषज्ञों ने 5.54 प्रतिशत CPI महंगाई, 7.74 प्रतिशत खाद्य महंगाई और $100 प्रति बैरल से ऊपर ब्रेंट क्रूड के स्तर की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि दिसंबर में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा ब्याज दर में एक और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। उनका मानना है कि इससे बैंकिंग क्षेत्र के मार्जिन को समर्थन मिल सकता है।
सऊदी अरब के एक हवाई अड्डे पर हुए हमले के बाद तेल कीमतों में उछाल आया है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों पर नज़र बनी हुई है।
तकनीकी विश्लेषण और वैश्विक संकेत
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, बाजार की रिकवरी की संरचना कुछ कमज़ोर हुई है, लेकिन सोमवार की गिरावट हालिया निचले स्तर को तोड़े बिना रुक गई — जिससे अल्पकालिक उछाल की उम्मीद बनी हुई है। विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी को मजबूती दिखाने के लिए 22,435 के स्तर के ऊपर निकलना होगा; अन्यथा सूचकांक 22,070–21,900 के दायरे की ओर फिसल सकता है।
एशियाई बाजारों में कमज़ोरी का रुख देखा गया क्योंकि तीसरी तिमाही के नतीजों से पहले कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी बाजार में सोमवार को नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुआ था। आगे बैंकिंग क्षेत्र की तिमाही आय और प्रमुख आर्थिक आँकड़ों पर बाजार की नज़र रहेगी।