शीर्ष 10 कंपनियों का मार्केट कैप ₹3.65 लाख करोड़ बढ़ा, TCS-भारती एयरटेल-इंफोसिस टॉप गेनर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह आई जोरदार तेजी के साथ देश की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 9 के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में ₹3.65 लाख करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), भारती एयरटेल और इंफोसिस इस उछाल में सबसे आगे रहीं। मुंबई के दलाल स्ट्रीट पर सकारात्मक माहौल के बीच सेंसेक्स सप्ताह भर में 2,256.94 अंक (3.11%) चढ़ा, जबकि निफ्टी में 625.7 अंक (2.77%) की बढ़त रही।
सबसे बड़े वेल्थ क्रिएटर
शीर्ष 10 कंपनियों में TCS सप्ताह की सबसे बड़ी वेल्थ क्रिएटर रही। कंपनी का बाजार पूंजीकरण ₹1,08,542.63 करोड़ की छलांग लगाकर ₹8,91,134.96 करोड़ पर पहुँच गया।
भारती एयरटेल दूसरे स्थान पर रही — उसकी मार्केट वैल्यू ₹61,406.53 करोड़ बढ़कर ₹11,88,815.45 करोड़ हो गई। इंफोसिस ने ₹55,893.05 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज कर अपना बाजार पूंजीकरण ₹4,71,409.41 करोड़ तक पहुँचाया।
रिलायंस का शीर्ष स्थान बरकरार
देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण ₹53,047.56 करोड़ बढ़कर ₹16,37,437.19 करोड़ हो गया। रिलायंस ने शीर्ष रैंकिंग पर अपनी पकड़ बनाए रखी। मूल्यांकन के लिहाज से इसके बाद भारती एयरटेल, HDFC बैंक, ICICI बैंक, TCS, SBI, बजाज फाइनेंस, LIC, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और इंफोसिस क्रमशः स्थान पर रहीं।
बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में भी तेजी
निजी क्षेत्र के बैंकों में भी उल्लेखनीय उछाल देखा गया। HDFC बैंक की मार्केट वैल्यू ₹32,379.05 करोड़ बढ़कर ₹11,22,628.07 करोड़ हो गई, जबकि ICICI बैंक का मार्केट कैप ₹30,769.95 करोड़ बढ़कर ₹10,02,871.44 करोड़ पर पहुँचा।
बजाज फाइनेंस की वैल्यू ₹14,786.65 करोड़ उछलकर ₹6,11,326.72 करोड़ हो गई। सार्वजनिक क्षेत्र में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का बाजार पूंजीकरण ₹4,933.5 करोड़ बढ़कर ₹5,02,204.82 करोड़ और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की मार्केट वैल्यू ₹3,323.07 करोड़ बढ़कर ₹8,87,722.84 करोड़ हो गई।
L&T रही एकमात्र गिरावट वाली कंपनी
शीर्ष 10 में केवल लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का बाजार पूंजीकरण इस सप्ताह दबाव में रहा। कंपनी की मार्केट वैल्यू ₹9,232.26 करोड़ घटकर ₹4,99,725.06 करोड़ रह गई — अन्य नौ कंपनियों की व्यापक तेजी के बीच यह अपवाद उल्लेखनीय है।
आगे की दिशा
यह तेजी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक बाजारों में भी राहत का माहौल दिखा। विश्लेषकों के अनुसार आगामी तिमाही नतीजों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के रुझान पर बाजार की नजर बनी रहेगी, जो अगले सप्ताह की दिशा तय करेंगे।