क्या उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और रिसर्च पर फोकस होगा, बजट 2026-27 को लेकर शिक्षा क्षेत्र के एक्सपर्ट्स की राय?

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क्या उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और रिसर्च पर फोकस होगा, बजट 2026-27 को लेकर शिक्षा क्षेत्र के एक्सपर्ट्स की राय?

सारांश

आगामी आम बजट 2026-27 से शिक्षा क्षेत्र को काफी उम्मीदें हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और अनुसंधान में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। क्या इस बजट में शिक्षा को प्राथमिकता मिलेगी?

Key Takeaways

  • उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सीटों की संख्या में वृद्धि होनी चाहिए।
  • शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की आवश्यकता है।
  • शिक्षा पर खर्च बढ़ाना जरूरी है।
  • डिजिटल विभाजन खत्म करने के लिए बाजार में उपयोगी कौशल से जोड़ना चाहिए।
  • केंद्रीय बजट में शिक्षा का फोकस होना चाहिए।

नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आम बजट 2026-27 की घोषणा में अब केवल दो सप्ताह से भी कम का समय है, और इस स्थिति में शिक्षा क्षेत्र को आगामी बजट से काफी उम्मीदें हैं, जिससे देश में नवाचार, अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी बजट में सरकार का ध्यान देश को एक वैश्विक ज्ञान केंद्र और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने पर होना चाहिए। इसके लिए, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों में सीटों की संख्या बढ़ाने की घोषणा की जानी चाहिए।

इसके अलावा, शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना भी अत्यंत आवश्यक है। यदि बिना सब्सिडी के चलने वाली स्टेट प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटीज के लिए कंपनियों को सीएसआर फंड का 10 प्रतिशत देना अनिवार्य कर दिया जाता है, तो यह स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, एआई-सक्षम लर्निंग प्लेटफॉर्म और उन्नत प्रयोगशालाओं को अपनाने की प्रक्रिया को काफी तेज कर सकता है।

एक अन्य विशेषज्ञ ने कहा कि शिक्षा देश के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, और इसके लिए खर्च बढ़ाना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में दुनिया के विकसित देशों में जीडीपी का 10 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जाता है, जबकि भारत में यह लगभग 4-5 प्रतिशत है। इसलिए, सरकार को जनसंख्या के अनुसार शिक्षा पर बजट बढ़ाना चाहिए।

इसके साथ ही, सरकार को देश में डिजिटल विभाजन को समाप्त करने के लिए शिक्षा को बाजार में उपयोगी कौशल से जोड़ना होगा। यह कदम भारत की वैश्विक पहचान और स्थायी आर्थिक विकास को मजबूत करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

केंद्रीय बजट वित्त मंत्री द्वारा एक फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा। यह वर्ष 2000 के बाद पहली बार है कि केंद्रीय बजट संसद में रविवार को प्रस्तुत किया जाएगा। इससे पहले 2025 में, सीतारमण ने शनिवार को बजट पेश किया था और दिवंगत अरुण जेटली के नेतृत्व में 2015 का बजट भी 28 फरवरी, 2015 को शनिवार को पेश किया गया था।

Point of View

तो हमारा देश वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएगा। इसलिए, बजट में शिक्षा को प्रमुखता देना न केवल आवश्यक, बल्कि हमारे भविष्य के लिए अनिवार्य है।
NationPress
23/01/2026

Frequently Asked Questions

बजट 2026-27 में शिक्षा का फोकस क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बजट में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
शिक्षा पर भारत का जीडीपी में कितना हिस्सा खर्च होता है?
भारत में शिक्षा पर जीडीपी का लगभग 4-5 प्रतिशत हिस्सा खर्च होता है, जबकि विकसित देशों में यह 10 प्रतिशत है।
डिजिटल विभाजन को खत्म करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
शिक्षा को बाजार में उपयोगी कौशल से जोड़ने के लिए उपाय किए जाएंगे।
केंद्रीय बजट कब पेश किया जाएगा?
केंद्रीय बजट एक फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा।
क्या शिक्षा के लिए बजट बढ़ाया जाएगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि जनसंख्या के अनुसार शिक्षा पर बजट बढ़ाना आवश्यक है।
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