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क्या भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ? रियल्टी स्टॉक्स पर दबाव!

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क्या भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ? रियल्टी स्टॉक्स पर दबाव!

सारांश

भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को भारी बिकवाली का सामना किया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट आई। रियल्टी और पीएसयू बैंकिंग स्टॉक्स का दबाव रहा। जानिए इस गिरावट के पीछे क्या कारण हैं और मार्केट के भविष्य पर क्या संभावनाएं हैं।

मुख्य बातें

भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली हुई।
सेंसेक्स 769.67 अंक गिरकर बंद हुआ।
रियल्टी और पीएसयू बैंकिंग स्टॉक्स पर दबाव रहा।
विश्लेषकों का नकारात्मक सेंटीमेंट जारी है।
आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती के संकेत हैं।

मुंबई, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 769.67 अंक या 0.94 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,537.70 पर और निफ्टी 241.25 अंक या 0.95 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,048.65 पर बंद हुआ।

इस गिरावट का मुख्य कारण रियल्टी और पीएसयू बैंकिंग शेयर थे। निफ्टी रियल्टी 3.34 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 2.27 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 1.92 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 1.80 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 1.69 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 1.54 प्रतिशत और निफ्टी कमोडिटीज 1.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। लगभग सभी प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए हैं।

सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, एचयूएल, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, टीसीएस, टाइटन और अल्ट्राटेक सीमेंट गेनर्स रहे। जबकि इटरनल, इंडिगो, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, बीईएल, एसबीआई, मारुति सुजुकी, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, एलएंडटी, कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल और एमएंडएम लूजर्स रहे।

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,045.65 अंक या 1.80 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 57,145.65 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 324.50 अंक या 1.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,352.75 पर बंद हुआ।

विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक बाजारों में तेजी और पीएमआई के मजबूत आंकड़ों के बावजूद, भारतीय इक्विटी मार्केट में भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा। इसका मुख्य कारण डॉलर के मुकाबले रुपए का रिकॉर्ड लो होना और एफआईआई की ओर से निरंतर बिकवाली है। इससे निवेशकों का सेंटीमेंट नकारात्मक बना हुआ है।

आने वाले समय में बाजार के लिए फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती और सामान्य बजट महत्वपूर्ण कारक होंगे।

वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेतों के चलते भारतीय बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी। सेंसेक्स 28 अंक की मामूली बढ़त के साथ 82,335 और निफ्टी 55 अंक की बढ़त के साथ 25,344 पर खुला।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं मानता हूँ कि इस समय भारतीय शेयर बाजार की स्थिति चिंताजनक है। हालांकि वैश्विक संकेत अच्छे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर बिकवाली का दबाव और निवेशकों का नकारात्मक सेंटीमेंट हमें सतर्क रहने की आवश्यकता बताता है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भारतीय शेयर बाजार में और गिरावट हो सकती है?
हां, यदि विदेशी संस्थागत निवेशक अपनी बिकवाली जारी रखते हैं, तो और गिरावट संभव है।
क्या रियल्टी स्टॉक्स में निवेश करना सुरक्षित है?
हालात को देखते हुए, रियल्टी स्टॉक्स में निवेश जोखिम भरा हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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