4 अगस्त 2026
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आमिर खान धमकी केस: फॉरेंसिक जांच में वायरल ऑडियो आरजू बिश्नोई की आवाज से मेल खाने का दावा

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ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आमिर खान धमकी केस: फॉरेंसिक जांच में वायरल ऑडियो आरजू बिश्नोई की आवाज से मेल खाने का दावा

सारांश

आमिर खान को मिली जान से मारने की धमकी का मामला नए मोड़ पर है — पंजाब पुलिस की फॉरेंसिक जांच में वायरल ऑडियो कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के आरजू बिश्नोई की आवाज से मेल खाती है। मुंबई क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने जांच तेज कर दी है।

मुख्य बातें

पंजाब पुलिस की फॉरेंसिक जांच में वायरल धमकी ऑडियो कथित तौर पर आरजू बिश्नोई की पुरानी रिकॉर्डिंग से मेल खाती है।
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद जांच की रफ्तार तेज की।
धमकी देने वालों ने पहचान छिपाने के लिए स्वीडन आधारित वीपीएन और टोर ब्राउजर का इस्तेमाल किया।
जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि ऑडियो आरजू बिश्नोई ने खुद रिकॉर्ड किया या गैंग के किसी अन्य सदस्य ने उनकी पहचान का उपयोग किया।
मुंबई पुलिस , पंजाब पुलिस और अन्य एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड व सोशल मीडिया गतिविधियों की संयुक्त जांच कर रही हैं।

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान को मिली जान से मारने की धमकी के मामले में जांच एजेंसियों को एक अहम सफलता मिली है। पंजाब पुलिस की फॉरेंसिक जांच के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हुई धमकी भरी ऑडियो क्लिप में सुनाई देने वाली आवाज कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य आरजू बिश्नोई की पुरानी वॉयस रिकॉर्डिंग से मेल खाती है। इस खुलासे के बाद मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने अपनी जांच की रफ्तार तेज कर दी है।

फॉरेंसिक जांच में क्या सामने आया

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, वायरल ऑडियो में मौजूद आवाज को आरजू बिश्नोई के पुराने वॉयस सैंपल से मिलाया गया। पंजाब पुलिस ने फॉरेंसिक विश्लेषण पूरा होने के बाद यह जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी। पुलिस इसे मामले में मिले सबसे महत्वपूर्ण सुरागों में से एक मान रही है, हालांकि अभी इस निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

धमकी भरे ऑडियो का पूरा मामला

कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप तेजी से वायरल हुई थी, जिसमें बोलने वाले व्यक्ति ने खुद को आरजू बिश्नोई बताया था। इस ऑडियो में अभिनेता आमिर खान को सबक सिखाने और जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस क्लिप के सामने आते ही मुंबई पुलिस ने तत्काल मामले की जांच शुरू की थी।

तकनीक से छिपाई गई पहचान

जांच में यह भी सामने आया है कि धमकी देने वालों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए उन्नत तकनीक का सहारा लिया। मुंबई पुलिस की साइबर सेल की शुरुआती जांच में धमकी से जुड़े डिजिटल फुटप्रिंट (आईपी) विदेश से जुड़े मिले। जांचकर्ताओं के अनुसार, स्वीडन आधारित वीपीएन और एन्क्रिप्टेड टोर ब्राउजर जैसी तकनीकों का उपयोग कर वास्तविक लोकेशन और डिवाइस की पहचान छिपाने की कोशिश की गई।

जांच एजेंसियों के सामने अहम सवाल

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी वाला ऑडियो सीधे आरजू बिश्नोई ने रिकॉर्ड किया था या गैंग के किसी अन्य सदस्य ने उनकी पहचान का इस्तेमाल कर इसे तैयार किया। इसके साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि ऑडियो को सबसे पहले सोशल मीडिया पर किसने अपलोड किया और इसे फैलाने में कौन-कौन शामिल रहे।

आगे क्या होगा

मुंबई पुलिस, पंजाब पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां संयुक्त रूप से इस मामले की पड़ताल कर रही हैं। एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, इंटरनेट कॉलिंग लॉग और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं, ताकि धमकी देने वाले व्यक्ति और उसके पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके। गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मामलों में धमकी देने के आरोप लग चुके हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह अदालत में सबूत नहीं बन जाता — खासकर जब जांचकर्ता खुद यह नहीं जानते कि ऑडियो असली है या किसी ने आरजू बिश्नोई की पहचान का इस्तेमाल कर इसे तैयार किया। टोर और वीपीएन का उपयोग बताता है कि इस ऑपरेशन में तकनीकी दक्षता थी, जो महज एक व्यक्ति की कार्रवाई नहीं लगती। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का उपयोग खुद एक रणनीति हो सकती है — असली अपराधी को छिपाने के लिए। बिना अंतरराष्ट्रीय साइबर सहयोग के इस मामले की तह तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती होगी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आमिर खान को धमकी देने वाले ऑडियो में क्या कहा गया था?
वायरल ऑडियो क्लिप में बोलने वाले व्यक्ति ने खुद को आरजू बिश्नोई बताया था और अभिनेता आमिर खान को सबक सिखाने तथा जान से मारने की धमकी दी थी। इस ऑडियो के सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।
फॉरेंसिक जांच में क्या पता चला?
पंजाब पुलिस की फॉरेंसिक जांच के अनुसार, वायरल ऑडियो में सुनाई देने वाली आवाज कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य आरजू बिश्नोई की पुरानी वॉयस रिकॉर्डिंग से मेल खाती है। यह जानकारी पंजाब पुलिस ने मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
धमकी देने वालों ने अपनी पहचान कैसे छिपाई?
जांचकर्ताओं के अनुसार, स्वीडन आधारित वीपीएन और एन्क्रिप्टेड टोर ब्राउजर का उपयोग कर वास्तविक लोकेशन और डिवाइस की पहचान छिपाने की कोशिश की गई। साइबर सेल की शुरुआती जांच में धमकी से जुड़े डिजिटल फुटप्रिंट विदेश से जुड़े मिले।
इस मामले की जांच कौन-कौन सी एजेंसियां कर रही हैं?
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और पंजाब पुलिस संयुक्त रूप से इस मामले की जांच कर रही हैं। एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, इंटरनेट कॉलिंग लॉग और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही हैं।
क्या आरजू बिश्नोई ने खुद यह ऑडियो रिकॉर्ड किया था?
यह अभी जांच का विषय है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ऑडियो आरजू बिश्नोई ने सीधे रिकॉर्ड किया था या गैंग के किसी अन्य सदस्य ने उनकी पहचान का इस्तेमाल कर इसे तैयार किया। इसके अलावा यह भी जांचा जा रहा है कि ऑडियो को सोशल मीडिया पर सबसे पहले किसने अपलोड किया।
राष्ट्र प्रेस
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