अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अभिजीत घोषाल का नया गीत 'वो है मां': दिल को छू लेने वाला अनुभव
सारांश
Key Takeaways
- अभिजीत घोषाल का गाना 'वो है मां' अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जारी हुआ।
- गाना महिलाओं के प्रति आदर और प्रेम को दर्शाता है।
- गाने में आधुनिक और पारंपरिक वाद्य यंत्रों का संगम है।
- गाने की प्रेरणा अभिजीत की मां से मिली है।
- यह गाना सभी उम्र के लोगों के लिए आकर्षक है।
नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भावनाओं को व्यक्त करने का सबसे बेहतरीन माध्यम म्यूजिक है। इस क्रम में, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिलाओं के प्रति आदर प्रकट करते हुए 'सा रे गा मा पा' के प्रसिद्ध गायक अभिजीत घोषाल ने अपना नया गाना 'वो है मां' जारी किया है। यह गाना महिलाओं के कई रूपों में से एक 'मां' को समर्पित है, जो प्यार, देखभाल और शक्ति के साथ बच्चों के जीवन को सरल बनाती हैं।
वास्तव में, हर व्यक्ति के जीवन में मां की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इस भावना को अभिजीत घोषाल ने अपने नए गाने के माध्यम से सरल शब्दों में व्यक्त करने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि मां केवल वह नहीं होती जिसने हमें जन्म दिया, बल्कि सभी महिलाएं जो हमें संभालती हैं, सही दिशा दिखाती हैं और कठिनाई के समय में हमारा साथ देती हैं, मां के समान होती हैं।
अभिजीत घोषाल ने कहा, "यह गाना मेरे दिल के बहुत करीब है। मैं लंबे समय से ऐसा गाना लिखने की चाह रखता था जो लोगों के दिलों को छू सके। इस बार मेरी कोशिश थी कि गाना इतना सरल हो कि हर कोई इसे सुनकर तुरंत जुड़ाव महसूस कर सके। गाना ऐसा होना चाहिए जैसे कोई अपने सबसे करीबी से दिल की बात कर रहा हो।"
उन्होंने आगे बताया, "इस गाने की प्रेरणा मेरे अपने जीवन से आई है, खासतौर पर मेरी मां झरना से, जो हमेशा प्यार, समर्थन और प्रेरणा देती हैं। मां ने मुझे हमेशा जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति दी और मेरा हौसला बढ़ाया। यही कारण है कि यह गाना मैंने अपनी मां के साथ-साथ उन सभी महिलाओं को समर्पित किया है जो किसी न किसी रूप में दूसरों के जीवन को बेहतर बनाती हैं।"
अभिजीत ने कहा, "गाना 'वो है मां' केवल शब्दों के स्तर पर ही नहीं, बल्कि संगीत के स्तर पर भी खास बनाया गया है। इसमें आधुनिक और पारंपरिक दोनों प्रकार के वाद्यों का उपयोग किया गया है, ताकि हर उम्र के श्रोता इससे जुड़ सकें। गाने में ड्रम्स, गिटार, बास, काजोन, परकशन और तबला जैसे वाद्य शामिल हैं। इन सभी वाद्यों का संगम गीत को एक अलग मिठास देता है। संगीत को इस तरह से रखा गया है कि वह शांत भी हो और दिल में गहराई से उतरे भी।"