दिल्ली विधानसभा का 'युवा संपर्क कार्यक्रम' लॉन्च: 75 छात्रों के पहले बैच ने किया असेंबली का दौरा

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दिल्ली विधानसभा का 'युवा संपर्क कार्यक्रम' लॉन्च: 75 छात्रों के पहले बैच ने किया असेंबली का दौरा

सारांश

दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने साप्ताहिक 'युवा संपर्क कार्यक्रम' लॉन्च किया। पहले बैच में महर्षि वाल्मीकि कॉलेज के 75 छात्रों ने असेंबली का दौरा कर विधायी प्रक्रियाओं को समझा। हर शनिवार होगा आयोजन।

Key Takeaways

  • दिल्ली विधानसभा ने 25 अप्रैल 2025 को साप्ताहिक 'युवा संपर्क कार्यक्रम' की शुरुआत की।
  • स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की पहल पर शुरू इस कार्यक्रम में 75 कॉलेज छात्रों के पहले बैच ने भाग लिया।
  • पहला बैच महर्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन, गीता कॉलोनी से आया था।
  • कार्यक्रम में 'एक शताब्दी यात्रा' नामक कॉफी टेबल बुक और अनुपम खेर की आवाज में बनी डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई।
  • यह आयोजन हर शनिवार होगा, जिसमें दिल्ली के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र भाग लेंगे।
  • कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नागरिक चेतना जगाना और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

नई दिल्ली, 25 अप्रैल। लोकतांत्रिक जागरूकता और युवा भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिल्ली विधानसभा ने शनिवार, 25 अप्रैल को एक साप्ताहिक 'युवा संपर्क कार्यक्रम' की शुरुआत की। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की इस महत्वाकांक्षी पहल के अंतर्गत 75 कॉलेज छात्रों के पहले बैच को असेंबली के कामकाज से रूबरू कराया गया। यह कार्यक्रम हर शनिवार को आयोजित किया जाएगा, जिसमें दिल्ली के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के छात्र भाग लेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत और पहला बैच

विधानसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले पहले बैच के 75 छात्र महर्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन, गीता कॉलोनी से आए थे। इन छात्रों को दिल्ली विधानसभा के ऐतिहासिक महत्व, उसके संस्थागत विकास और विधायी प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

दौरे के दौरान छात्रों को बताया गया कि 1912 में निर्मित वर्तमान विधानसभा भवन में कभी केंद्रीय विधानसभा का संचालन होता था। साथ ही विट्ठलभाई पटेल की ऐतिहासिक विरासत और 1993 में पुनर्स्थापना के बाद से लोकतांत्रिक शासन में असेंबली की निरंतर भूमिका को भी रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम की विशेषताएं और गतिविधियां

इस आयोजन में छात्रों को विधायी प्रक्रियाओं और संस्थागत कामकाज पर एक व्यवस्थित ओरिएंटेशन सत्र से गुजारा गया। इस अवसर पर 'एक शताब्दी यात्रा' नामक एक विशेष कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया।

इसके अलावा, असेंबली के संस्थागत इतिहास पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें पद्म भूषण से सम्मानित प्रख्यात अभिनेता अनुपम खेर ने अपनी आवाज दी है। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने गाइडेड टूर के माध्यम से विधानसभा परिसर को करीब से जाना।

स्पीकर विजेंद्र गुप्ता का संदेश

स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने इस पहल की घोषणा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य नागरिकों और संस्थानों के बीच की खाई को पाटना है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को यह समझना जरूरी है कि कानून कैसे बनते हैं और किन सिद्धांतों पर लोकतांत्रिक शासन टिका होता है।

गुप्ता ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जागरूक, सचेत और जिम्मेदार नागरिकों पर निर्भर करती है। संस्थानों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्कृति को पोषित करता है।

व्यापक संदर्भ और महत्व

गौरतलब है कि देश में युवाओं की राजनीतिक उदासीनता एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पहली बार मतदान करने वाले युवाओं में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहता है। ऐसे में दिल्ली विधानसभा की यह पहल एक सकारात्मक कदम है जो युवाओं को संस्थागत प्रक्रियाओं से जोड़ने का प्रयास करती है।

तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो ब्रिटेन की संसद और यूरोपीय संसद में भी इसी तरह के युवा जागरूकता कार्यक्रम वर्षों से चलाए जा रहे हैं। भारत में लोकसभा का 'संसद दर्शन' कार्यक्रम भी इसी दिशा में काम करता है। दिल्ली विधानसभा की यह पहल राज्य स्तर पर इस परंपरा को आगे बढ़ाती है।

यह कार्यक्रम दिल्ली विधानसभा सचिवालय की एक व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य संसदीय प्रथाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति युवाओं में जागरूकता फैलाना है। आने वाले हफ्तों में दिल्ली के अन्य प्रमुख कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।

Point of View

लेकिन गहराई से देखें तो यह उस बड़ी समस्या का जवाब देने की कोशिश है जिसे राजनीतिक विशेषज्ञ 'डेमोक्रेटिक डिसएंगेजमेंट' यानी लोकतांत्रिक उदासीनता कहते हैं। देश में युवा मतदाताओं का घटता मतदान प्रतिशत और संस्थाओं पर घटता भरोसा एक चिंताजनक प्रवृत्ति है। ऐसे में यह पहल एक संस्थागत प्रयास है जो युवाओं को 'दर्शक' से 'भागीदार' बनाने की राह खोलता है। हालांकि इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह कार्यक्रम चुनावी मौसम के बाद भी उतनी ही निरंतरता से चलता रहे जितना अभी शुरुआत में दिख रहा है।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली विधानसभा का युवा संपर्क कार्यक्रम क्या है?
यह एक साप्ताहिक कार्यक्रम है जिसमें हर शनिवार दिल्ली के कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र विधानसभा का दौरा करते हैं। इसका उद्देश्य युवाओं को विधायी प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं से सीधे जोड़ना है।
इस कार्यक्रम की शुरुआत किसने और कब की?
इस कार्यक्रम की शुरुआत दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने 25 अप्रैल 2025 को की। पहले बैच में महर्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन, गीता कॉलोनी के 75 छात्रों ने भाग लिया।
युवा संपर्क कार्यक्रम में छात्रों को क्या सिखाया जाता है?
छात्रों को विधानसभा भवन का इतिहास, विधायी प्रक्रियाएं, विट्ठलभाई पटेल की विरासत और लोकतांत्रिक शासन के सिद्धांत समझाए जाते हैं। साथ ही एक डॉक्यूमेंट्री और गाइडेड टूर भी कराया जाता है।
क्या यह कार्यक्रम नियमित रूप से चलेगा?
हां, यह कार्यक्रम हर शनिवार आयोजित होगा और दिल्ली के विभिन्न कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के छात्र बारी-बारी से भाग लेंगे। यह दिल्ली विधानसभा सचिवालय की एक दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है।
दिल्ली विधानसभा भवन का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
दिल्ली विधानसभा का वर्तमान भवन 1912 में बना था और इसमें पहले केंद्रीय विधानसभा का संचालन होता था। 1993 में दिल्ली को विधानसभा मिलने के बाद से यह भवन राज्य के लोकतांत्रिक शासन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
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