29 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

'शायद यही है प्यार': अदिति देव शर्मा बोलीं — उम्र का फासला नहीं, यह है आत्म-खोज की कहानी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
'शायद यही है प्यार': अदिति देव शर्मा बोलीं — उम्र का फासला नहीं, यह है आत्म-खोज की कहानी

सारांश

'शायद यही है प्यार' सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं — यह एक टॉक्सिक रिश्ते से उबरी 35 वर्षीया महिला की आत्म-खोज है। अदिति देव शर्मा के मुताबिक, उम्र का फासला यहाँ बाधा नहीं, बल्कि बदलाव की वजह है। के-ड्रामा से प्रेरित यह भारतीय रीमेक मिडिल क्लास दर्शकों को केंद्र में रखकर बनाया गया है।

मुख्य बातें

अदिति देव शर्मा और दक्ष पुरी टीवी शो 'शायद यही है प्यार' में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
शो में अदिति 35 वर्षीया प्रीति का किरदार निभा रही हैं, जो एक टॉक्सिक रिश्ते के बाद आरव (दक्ष पुरी) से प्यार करती है।
यह शो एक के-ड्रामा (कोरियाई नाटक) का भारतीय रूपांतरण है।
शो में कुणाल करण कपूर 'गौरव' का किरदार निभा रहे हैं।
अदिति के अनुसार शो की कथा मध्यवर्गीय दर्शकों की वास्तविकता और आत्म-खोज पर केंद्रित है।

अभिनेत्री अदिति देव शर्मा और अभिनेता दक्ष पुरी इन दिनों नए टीवी शो 'शायद यही है प्यार' को लेकर चर्चा में हैं। 29 सितंबर 2026 को मुंबई में हुई एक विशेष बातचीत में अदिति ने शो की अनूठी कथाभूमि, किरदारों के बीच उम्र के अंतर और ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री पर खुलकर अपने विचार साझा किए।

शो की कहानी क्या है

शो की कथा प्रीति नाम की एक 35 वर्षीया महिला के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जिसका किरदार अदिति देव शर्मा निभा रही हैं। एक विषाक्त रिश्ते (टॉक्सिक रिलेशनशिप) से बाहर निकलने के बाद प्रीति की मुलाकात आरव से होती है, जिसे दक्ष पुरी ने जीवंत किया है। यह शो एक के-ड्रामा (कोरियाई नाटक) का भारतीय रूपांतरण है।

उम्र के फासले पर अदिति का नज़रिया

जब उनसे पूछा गया कि एक गंभीर किरदार और एक शरारती किरदार की जोड़ी को दर्शक कैसे स्वीकारेंगे, तो अदिति ने कहा, 'हां, असल में हम मान लेते हैं कि 25 साल की उम्र वाले थोड़े नटखट होते हैं और 35 वाले शांत स्वभाव के हो जाते हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि जब आरव प्रीति की जिंदगी में आएगा, तो वह खुद से सवाल करेगी कि वो ऐसी क्यों है — यह सफर आत्म-खोज का होगा।

अदिति के अनुसार, शो का मूल संदेश यह है कि प्रेम और मित्रता उम्र की सीमाओं से परे होती है और यह परिवर्तन दोनों किरदारों को भीतर से बदल देता है।

के-ड्रामा रीमेक और मध्यवर्गीय दर्शक

अदिति ने स्पष्ट किया कि यह शो एक कोरियाई नाटक का रीमेक है, लेकिन इसे भारतीय संवेदनशीलता के अनुरूप ढाला गया है। उन्होंने कहा, 'हमारी मिडिल क्लास ऑडियंस के लिए, जिनके घर में सभी सदस्यों की सोच अलग होती है और उनके आस-पड़ोस में रहने वाले लोगों की पसंद और सोच उससे भी अलग होती है' — यह शो उसी वास्तविकता को परदे पर उतारने की कोशिश करता है।

निर्देशक और सह-कलाकारों की सराहना

दक्ष पुरी ने शो में रोमांस के तड़के का पूरा श्रेय निर्देशक को दिया। वहीं अदिति ने अपने सह-कलाकार कुणाल करण कपूर की भी प्रशंसा की, जो शो में गौरव का किरदार निभा रहे हैं। अदिति ने बताया कि कुणाल की तबीयत ठीक न होने के कारण वे उस दिन की बातचीत में शामिल नहीं हो सके।

क्या होगा आगे

शो की टीम को भरोसा है कि दर्शक इस कहानी से जुड़ाव महसूस करेंगे, खासकर वे जो टॉक्सिक रिश्तों से उबरने और नई शुरुआत के विषय को करीब से समझते हैं। 'शायद यही है प्यार' भारतीय टेलीविज़न पर के-ड्रामा की बढ़ती लोकप्रियता की कड़ी में एक नया प्रयोग है, जिस पर मध्यवर्गीय दर्शकों की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या वह भी रवायती मसाले में ढल जाएगा। अदिति का 'मिडिल क्लास ऑडियंस' वाला तर्क दिलचस्प है — अगर यह शो वाकई उस वर्ग की जटिलताओं को ईमानदारी से दिखाता है, तो यह भारतीय टेलीविज़न के लिए एक ताज़ा प्रयोग साबित हो सकता है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'शायद यही है प्यार' शो की कहानी क्या है?
यह शो एक 35 वर्षीया महिला प्रीति (अदिति देव शर्मा) की कहानी है जो एक टॉक्सिक रिश्ते से बाहर निकलने के बाद युवा आरव (दक्ष पुरी) से प्यार करती है। यह एक कोरियाई नाटक (के-ड्रामा) का भारतीय रूपांतरण है।
'शायद यही है प्यार' में कौन-कौन से कलाकार हैं?
शो में अदिति देव शर्मा , दक्ष पुरी और कुणाल करण कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। अदिति प्रीति, दक्ष आरव और कुणाल गौरव का किरदार निभा रहे हैं।
क्या 'शायद यही है प्यार' किसी के-ड्रामा का रीमेक है?
हाँ, अदिति देव शर्मा ने खुद पुष्टि की है कि यह शो एक कोरियाई नाटक (के-ड्रामा) का भारतीय रीमेक है। इसे भारतीय मध्यवर्गीय दर्शकों की संवेदनशीलता के अनुरूप ढाला गया है।
शो में उम्र के फासले को कैसे दिखाया गया है?
अदिति देव शर्मा के मुताबिक, उम्र का अंतर यहाँ बाधा नहीं बल्कि बदलाव की वजह है। आरव का उत्साह प्रीति को आत्म-खोज की ओर ले जाता है, और वह खुद से सवाल करती है कि वह ऐसी क्यों है।
शो को किस दर्शक वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है?
अदिति ने बताया कि यह शो मध्यवर्गीय दर्शकों के लिए बनाया गया है, जिनके घर-परिवार और आस-पड़ोस में अलग-अलग सोच के लोग होते हैं। शो उसी सामाजिक वास्तविकता को परदे पर उतारने की कोशिश करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले