17 अगस्त 2026
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अमाल मलिक का खुलासा: रचनात्मक मतभेद हों तो पीछे नहीं हटता, 'आवारापन 2' के गाने पर बोले

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अमाल मलिक का खुलासा: रचनात्मक मतभेद हों तो पीछे नहीं हटता, 'आवारापन 2' के गाने पर बोले

सारांश

अमाल मलिक ने मुंबई में 'आवारापन 2' के प्रचार के दौरान साफ कहा — रचनात्मक मतभेद हों तो वे झुकते नहीं। अहंकारी निर्देशक उन्हें फिल्म से हटा सकते हैं, लेकिन संगीत से समझौता नहीं होगा। यह बयान बॉलीवुड में क्रिएटिव कंट्रोल की बड़ी बहस को नई धार देता है।

मुख्य बातें

संगीतकार अमाल मलिक ने 16 अगस्त 2026 को मुंबई के बीकेसी में 'आवारापन 2' के प्रचार के दौरान रचनात्मक मतभेदों पर खुलकर बात की।
मलिक ने कहा कि जो निर्माता-निर्देशक अहंकारी होते हैं, वे उन्हें फिल्म से निकाल देते हैं, और जो समझदार होते हैं, वे उनके साथ काम करते हैं — दोनों उन्हें स्वीकार्य हैं।
उन्होंने माना कि इस रवैये से काम कम मिलता है और दुश्मन बढ़ते हैं , लेकिन अच्छा संगीत बनाना उनकी पहली प्राथमिकता है।
'आवारापन 2' में इमरान हाशमी शिवम पंडित की भूमिका में वापस हैं; मूल फिल्म 'आवारापन' बाद में कल्ट क्लासिक बनी।
फिल्म फिलहाल सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है।

संगीतकार अमाल मलिक ने 16 अगस्त 2026 को मुंबई के बीकेसी इलाके में फिल्म 'आवारापन 2' के प्रचार कार्यक्रम के दौरान बेबाकी से बताया कि वे फिल्म इंडस्ट्री में रचनात्मक मतभेदों से किस तरह निपटते हैं। इमरान हाशमी अभिनीत इस फिल्म के गीत 'ये आवारापन' को संगीत देने वाले मलिक ने कहा कि अच्छे संगीत के लिए वे किसी भी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं हैं।

मुख्य बयान

अमाल मलिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हां, रचनात्मक मतभेद होते हैं। मैं पीछे नहीं हटता। मैं यह नहीं कहता कि 'यह गलत है'। रचनात्मक मतभेद पैदा करने की क्षमता दूसरे व्यक्ति की होती है। जो लोग अहंकारी होते हैं, वे मुझे फिल्म से निकाल देते हैं। जो समझदार होते हैं, वे मेरे साथ काम करते हैं।' उन्होंने जोड़ा कि दोनों ही स्थितियाँ उन्हें स्वीकार्य हैं।

मलिक ने यह भी कहा, 'मैं यह नहीं कहता कि उनकी फिल्म मेरे बिना नहीं चलेगी, और ऐसा भी नहीं है कि अगर मैं उनकी फिल्म में काम न करूं तो मुझे कोई खास फर्क पड़ेगा। मैं उनकी फिल्मों के बिना भी अमाल मलिक हूं।' यह बयान उनके आत्मविश्वास और पेशेवर दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।

इंडस्ट्री के भीतरी सच पर बेबाक राय

अमाल मलिक ने इंडस्ट्री में 'इनसाइडर' होने के कथित फायदों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, 'लोग सोचते हैं कि इंडस्ट्री से होने के कारण मुझे विशेषाधिकार मिलते हैं। उन्हें लगता है कि अंदरूनी लोगों को आसानी से फोन आ जाता है, एक रात में 3 फिल्में मिल जाती हैं। लेकिन 2-3 लोग हमें फोन करके फिल्मों से निकाल भी देते हैं।' उनके अनुसार, इंडस्ट्री कनेक्शन दोधारी तलवार की तरह काम करते हैं।

उन्होंने स्वीकार किया कि उनके इस रवैये के कारण काम कम मिलता है और दुश्मन बढ़ते हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकता हमेशा अच्छा संगीत बनाना रही है। उनके शब्दों में, 'मैं संगीत के साथ खड़ा रहना चाहता हूं।'

'आवारापन 2' और कल्ट फिल्म की विरासत

'आवारापन 2', 2007 में आई 'आवारापन' का सीक्वल है। मूल फिल्म रिलीज के समय बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थी, लेकिन बाद के वर्षों में अपने संगीत और इमरान हाशमी के अभिनय की वजह से उसे कल्ट क्लासिक का दर्जा मिल गया। सीक्वल में हाशमी एक बार फिर शिवम पंडित की भूमिका में नज़र आ रहे हैं।

आगे क्या

फिलहाल 'आवारापन 2' देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है। अमाल मलिक का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में नेपोटिज़्म और क्रिएटिव कंट्रोल पर बहस लगातार जारी है। उनके विचार इंडस्ट्री के उन कलाकारों के लिए प्रासंगिक हैं जो रचनात्मक स्वतंत्रता और व्यावसायिक दबाव के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि असल सवाल यह है कि क्या बॉलीवुड में संगीतकारों के रचनात्मक अधिकारों की कोई संस्थागत सुरक्षा है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमाल मलिक ने रचनात्मक मतभेदों पर क्या कहा?
अमाल मलिक ने कहा कि वे रचनात्मक मतभेद होने पर पीछे नहीं हटते और अपनी बात पर अड़े रहते हैं। उनके अनुसार, जो निर्माता-निर्देशक अहंकारी होते हैं वे उन्हें फिल्म से हटा देते हैं, और जो समझदार होते हैं वे उनके साथ काम करते हैं — दोनों स्थितियाँ उन्हें स्वीकार्य हैं।
'आवारापन 2' में अमाल मलिक का क्या योगदान है?
अमाल मलिक ने 'आवारापन 2' के गीत 'ये आवारापन' को संगीत दिया है। यह फिल्म इमरान हाशमी अभिनीत 2007 की कल्ट फिल्म 'आवारापन' का सीक्वल है।
क्या अमाल मलिक को इंडस्ट्री इनसाइडर होने का फायदा मिलता है?
अमाल मलिक ने खुद इस धारणा को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री कनेक्शन दोधारी तलवार हैं — जहाँ एक ओर काम मिल सकता है, वहीं 2-3 लोग फोन करके फिल्मों से निकाल भी सकते हैं।
'आवारापन' कल्ट फिल्म कैसे बनी?
'आवारापन' 2007 में रिलीज के समय बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थी, लेकिन बाद के वर्षों में अपने संगीत और इमरान हाशमी के अभिनय की वजह से उसे कल्ट क्लासिक का दर्जा मिल गया। इसी विरासत के आधार पर 'आवारापन 2' बनाई गई है।
'आवारापन 2' अभी कहाँ देख सकते हैं?
'आवारापन 2' फिलहाल देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है। इसमें इमरान हाशमी एक बार फिर शिवम पंडित की भूमिका में नज़र आ रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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