8 अगस्त 2026
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अमाल मलिक बोले — हर गाने की अपनी टाइमलाइन होती है, कुछ हिट होने में साल लग जाते हैं

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अमाल मलिक बोले — हर गाने की अपनी टाइमलाइन होती है, कुछ हिट होने में साल लग जाते हैं

सारांश

अमाल मलिक का मानना है कि हर गाने की अपनी टाइमलाइन होती है — कुछ रील्स पर चलते हैं, कुछ स्ट्रीमिंग पर और कुछ सालों बाद हिट होते हैं। 'आवारापन 2' के प्रमोशन पर उन्होंने बताया कि असफलता के बाद वे सिर्फ दो दिन सोचते हैं, फिर अगले गाने पर लग जाते हैं।

मुख्य बातें

म्यूजिक कंपोजर अमाल मलिक ने 8 अगस्त 2026 को मुंबई के बीकेसी में 'आवारापन 2' के प्रमोशन के दौरान यह बातें कहीं।
अमाल ने कहा कि हर गाने की अपनी टाइमलाइन और किस्मत होती है — कुछ हिट होने में साल लग जाते हैं।
भारत में म्यूजिक विजुअल मीडियम है — गाने की सफलता उसके चेहरे और मार्केटिंग पर निर्भर करती है।
डिजिटल दौर में 100 मिलियन व्यूज़ या 5 लाख रील्स की उम्मीद हर गाने से नहीं की जा सकती।
गाना न चलने पर अमाल दो दिन तक बुरा महसूस करते हैं, फिर अगले प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर देते हैं।

म्यूजिक कंपोजर अमाल मलिक ने 8 अगस्त 2026 को मुंबई के बीकेसी में इमरान हाशमी की आगामी फिल्म 'आवारापन 2' के प्रमोशन के दौरान खुलकर बात की। अमाल ने फिल्म के गाने 'ये आवारापन' को कंपोज किया है और उन्होंने बताया कि वे उन गानों के साथ कैसे तालमेल बिठाते हैं जो रिलीज के वक्त नहीं चले, लेकिन वर्षों बाद बड़े हिट साबित हुए।

हर गाने की अपनी किस्मत

अमाल मलिक ने कहा, 'मेरे पास ऐसे कई गाने हैं। मेरा मानना है कि हर गाने की अपनी एक टाइमलाइन होती है। किस्मत भी होती है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि गाने की सफलता मूड, एनर्जी और इस बात पर भी निर्भर करती है कि उसे किन लोगों के साथ मिलकर बनाया गया है। उनके अनुसार, जब सभी की ऊर्जा सकारात्मक हो तो गाने भी बेहतरीन बनते हैं।

विजुअल मीडियम में म्यूजिक की चुनौती

अमाल ने भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री की एक अहम सच्चाई पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा, 'हमारे देश में म्यूजिक एक विजुअल मीडियम है। लोग पहले गाने देखते हैं, फिर सुनते हैं।' इसलिए उनके मुताबिक यह मायने रखता है कि गाना किस चेहरे पर फिल्माया गया है और उसकी मार्केटिंग कितनी प्रभावी रही है। यह ऐसे समय में आया है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की बाढ़ आई हुई है और हर गाने को रातोंरात वायरल होने का दबाव झेलना पड़ता है।

100 मिलियन व्यूज़ की दौड़ और हकीकत

अमाल मलिक ने डिजिटल युग की तेज़ रफ्तार सफलता की उम्मीदों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'आज ऐसा समय नहीं है कि आपने बहुत अच्छा गाना बनाया और वह तुरंत देखा जाने लगेगा। अगर आप कल ही 100 मिलियन व्यूज़ या 5 लाख रील्स चाहते हैं तो ऐसा हर गाने के साथ नहीं हो सकता।' उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ गाने रील्स पर चलते हैं, कुछ स्ट्रीमिंग पर और कुछ सारे नियम तोड़कर हिट हो जाते हैं — लेकिन सही पोजिशनिंग हर हाल में जरूरी है।

असफलता से कैसे उबरते हैं अमाल

अमाल मलिक ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब कोई गाना नहीं चलता तो उन्हें दो दिन तक बुरा लगता है। उन्होंने कहा, 'आप सोचते रहते हैं कि शायद इसकी वजह से या उसकी वजह से ऐसा हुआ, लेकिन अगर आप ज्यादा सोचेंगे तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे।' गौरतलब है कि अमाल इस मानसिकता को अपना सबसे बड़ा हथियार मानते हैं — वे तुरंत अगले गाने पर काम शुरू कर देते हैं।

ईमानदारी ही असली पहचान

अमाल मलिक ने कहा कि आज दर्शकों के पास देखने के लिए इतना कंटेंट है कि भीड़ से अलग दिखना बेहद मुश्किल हो गया है। उनके अनुसार, 'आप ईमानदारी से ही उस भीड़ से अलग दिख सकते हैं।' फिल्म 'आवारापन 2' जल्द ही रिलीज होने वाली है और इसके साथ अमाल का यह नजरिया एक बार फिर परखा जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री की एक गहरी संरचनात्मक समस्या की ओर इशारा करती है — जहाँ गाने की गुणवत्ता नहीं, बल्कि स्टार पावर और मार्केटिंग बजट तय करते हैं कि कौन सा गाना चलेगा। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब स्वतंत्र कलाकार और इंडी म्यूजिक तेज़ी से उभर रहे हैं और बिना किसी बड़े बैनर के लाखों स्ट्रीम्स बटोर रहे हैं। मुख्यधारा की कवरेज इस विरोधाभास को नज़रअंदाज़ करती है कि जब एल्गोरिदम और रील कल्चर ने सुनने के तरीके को बदल दिया है, तो 'विजुअल मीडियम' वाला पुराना फॉर्मूला कब तक काम करेगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमाल मलिक ने 'आवारापन 2' के गाने के बारे में क्या कहा?
अमाल मलिक ने कहा कि उन्होंने फिल्म 'आवारापन 2' के लिए 'ये आवारापन' गाना कंपोज किया है। उनके अनुसार हर गाने की अपनी टाइमलाइन होती है और कुछ गाने रिलीज के वक्त नहीं चलते लेकिन वर्षों बाद हिट साबित होते हैं।
अमाल मलिक के अनुसार भारत में म्यूजिक की सफलता किस पर निर्भर करती है?
अमाल मलिक के अनुसार भारत में म्यूजिक एक विजुअल मीडियम है — लोग पहले गाने देखते हैं, फिर सुनते हैं। इसलिए गाने की सफलता उस पर फिल्माए गए चेहरे, मार्केटिंग की ताकत और सही पोजिशनिंग पर निर्भर करती है।
डिजिटल दौर में गाने की सफलता के बारे में अमाल मलिक का क्या कहना है?
अमाल मलिक ने कहा कि आज हर गाने से 100 मिलियन व्यूज़ या 5 लाख रील्स की उम्मीद नहीं की जा सकती। कुछ गाने रील्स पर चलते हैं, कुछ स्ट्रीमिंग पर और कुछ सारे नियम तोड़कर हिट हो जाते हैं, लेकिन सही पोजिशनिंग हमेशा जरूरी है।
गाना फ्लॉप होने पर अमाल मलिक कैसे आगे बढ़ते हैं?
अमाल मलिक के अनुसार जब कोई गाना नहीं चलता तो वे दो दिन तक बुरा महसूस करते हैं। इसके बाद वे ज्यादा सोचने की बजाय अगले गाने पर काम शुरू कर देते हैं, क्योंकि उनके अनुसार ज्यादा सोचने से आगे नहीं बढ़ा जा सकता।
'आवारापन 2' फिल्म में कौन हैं और इसका गाना किसने बनाया है?
'आवारापन 2' में अभिनेता इमरान हाशमी मुख्य भूमिका में हैं। इस फिल्म के गाने 'ये आवारापन' को म्यूजिक कंपोजर अमाल मलिक ने कंपोज किया है। फिल्म जल्द ही रिलीज होने वाली है।
राष्ट्र प्रेस
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