अनीत पड्डा के जीवन में छाया दुःख, दादा जी के निधन से टूटीं अभिनेत्री
सारांश
Key Takeaways
- परिवार का प्यार व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण होता है।
- अल्जाइमर रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।
- अनीत पड्डा का दादा जी से गहरा जुड़ाव था।
- सोशल मीडिया पर भावनाओं का साझा करना एक सकारात्मक कदम है।
- अनीत की फिल्म सतरंगा का इंतजार है।
मुंबई, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। यश राज फिल्म्स की फिल्म 'सैयारा' से अपने करियर की शुरुआत करने वाली अनीत पड्डा, निर्देशक मोहित सूरी की नई फिल्म ‘सतरंगा’ में अहान पांडे के साथ नजर आने वाली हैं। लेकिन इस बीच, अभिनेत्री की जिंदगी में एक बड़ा दर्द आया है, क्योंकि उनके सबसे प्रिय व्यक्ति ने उन्हें अलविदा कह दिया है।
अनीत ने अपने सोशल मीडिया के जरिए अपने दादा जी के निधन की जानकारी दी, जो काफी समय से अल्जाइमर रोग से ग्रसित थे। उन्होंने अपने दादा के हाथ की तस्वीर साझा करते हुए अपने भावनाओं को व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, "आप मेरे जीवन का एकमात्र प्यार थे। आप मुझसे दूर जा रहे थे, लेकिन मक्खन (अनीत का निकनेम) को नहीं भूले। आपने प्यार को थामे रखा, भले ही आप यादों को थामे नहीं रख सके। मैं हमारे साथ बिताए सभी पलों को संजोकर रखूंगी। मैं एक अच्छा इंसान बनूंगी। आपके चुटकुले मैं हमेशा याद रखूंगी और जब भी मौका मिलेगा, उन्हें दोहराऊंगी। मैं आपकी दयालुता और रोशनी को हर अंधेरे कमरे में लाऊंगी। मैं आपकी कहानियां याद रखूंगी और दुनिया को सुनाऊंगी।"
अनीत ने आगे लिखा, "आज मैंने आकाश में सबसे चमकीला तारा देखा और मैं जान गई कि आप कहां गए। मैं आपसे प्यार करती हूं दादाजी और हमेशा अपनी सीमाओं से परे करती रहूंगी।"
अभिनेत्री के पोस्ट से यह स्पष्ट है कि वे अपने दादाजी के साथ कितनी गहरी भावनात्मक जुड़ाव रखती थीं। गौरतलब है कि फिल्म सैयारा की रिलीज के समय भी उनके दादाजी की तबीयत खराब थी, जिसके कारण वे थिएटर नहीं आ पाए थे। लेकिन फोन पर कुछ वीडियो देखकर उन्होंने अनीत को पहचान लिया था और उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई थी। यह पल उनके लिए बेहद खास रहा।
फिल्म के रिलीज के बाद, अनीत ने बताया था कि अल्जाइमर के कारण उनके दादाजी को उनका नाम याद नहीं रहता था और वे उन्हें "हीरापुत या मक्खन" कहकर बुलाते थे। यह भी ध्यान देने योग्य है कि फिल्म सैयारा में अनीत ने अल्जाइमर से पीड़ित लड़की का किरदार निभाया था। यही वजह है कि यह फिल्म उनके दिल के बहुत करीब रही।