क्या एआर रहमान का बयान समझ से परे है, मनोज तिवारी ने क्या कहा?
सारांश
Key Takeaways
- एआर रहमान का बयान विवादास्पद बना।
- मनोज तिवारी ने अपनी असहमति जताई।
- संगीत में सांप्रदायिकता का कोई पहलू नहीं है।
- इंडस्ट्री में सभी को सफलता की चाह है।
- सभी दृष्टिकोणों को समझना आवश्यक है।
देवघर, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने हिंदी सिनेमा को 'सांप्रदायिक' कहकर विवाद खड़ा कर दिया है। हालांकि, जैसे ही विवाद बढ़ा, एआर रहमान ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण दिया।
उनका कहना है कि भारत केवल मेरा घर नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है और उनका उद्देश्य किसी को ठेस पहुँचाना नहीं था। अब इस मामले पर भाजपा सांसद और गायक मनोज तिवारी ने अपनी राय व्यक्त की है। सांसद ने कहा कि वह एआर रहमान के बयान से सहमत नहीं हैं।
सांसद मनोज तिवारी ने मीडिया से कहा, "मैं बहुत हैरान हूं क्योंकि मैं भी उनका फैन हूं। एआर रहमान ने अद्भुत संगीत दिए हैं। लेकिन यह समय की बात है। कभी सबकुछ चल जाता है और कभी सब कुछ बहुत धीमा हो जाता है। मुझे समझ नहीं आता कि उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया। सभी की इच्छा है कि उनकी फिल्में सफल हों, लेकिन मैं उनके बयान से सहमत नहीं हूं।"
एआर रहमान के बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों और हिंदी सिनेमा के प्रमुख गायकों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं। कुछ लोगों ने गायक का समर्थन किया, जबकि अधिकांश लोगों को उनका बयान नकारात्मक लगा।
गायक शान ने इस पर कहा कि काम मिलना या न मिलना किसी के हाथ में नहीं है।
उन्होंने कहा, "हिंदी सिनेमा और संगीत उद्योग में सांप्रदायिकता नहीं है। मैंने भी काफी समय तक काम नहीं किया था, लेकिन मैंने इसे व्यक्तिगत रूप से नहीं लिया।"
वहीं, एआर रहमान ने एक वीडियो जारी कर सफाई दी है। उन्होंने कहा, "मेरे लिए संगीत हमेशा लोगों और संस्कृति के साथ जुड़ने का माध्यम रहा है, और मुझे अपने देश और संगीत के लिए गहरा सम्मान है। मुझे भारतीय होने पर गर्व है। भारत केवल मेरा घर नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है और मेरा उद्देश्य किसी को ठेस पहुँचाना नहीं था। मुझे उम्मीद है कि आप मेरी भावनाओं को समझेंगे।"
इसके अलावा, मनोज तिवारी ने पश्चिम बंगाल और झारखंड में ईडी की कार्रवाई से जुड़े सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, "पुलिस के दबाव के चलते कुछ नहीं होगा। जांच से क्यों डरना? कल को मनोज तिवारी की भी जांच हो सकती है। अगर कोई जांच से डरता है तो समझ लें कि दाल में कुछ काला है।"