क्या अयोध्या को होली तक फ्लोटिंग पब्लिक बाथ कुंड का तोहफा मिलेगा?
सारांश
Key Takeaways
- अयोध्या में फ्लोटिंग पब्लिक बाथिंग कुंड का निर्माण होगा।
- यह श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक स्नान की सुविधा देगा।
- परियोजना की लागत साढ़े तीन करोड़ रुपए है।
- सुरक्षा के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
- परियोजना पर्यावरण संरक्षण पर जोर देती है।
अयोध्या, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भगवान श्रीराम की जन्मभूमि के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध अयोध्या अब धार्मिक पर्यटन में एक और अद्वितीय कदम की ओर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी दृष्टिकोण के अंतर्गत अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा सरयू नदी पर एक आधुनिक फ्लोटिंग पब्लिक बाथिंग कुंड का निर्माण किया जा रहा है।
उपाध्यक्ष अनुराग जैन ने कहा कि यह संभवतः फरवरी तक आम जनता के लिए उपलब्ध हो जाएगा। लगभग होली तक इसके क्रियाशील होने की उम्मीद की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की लागत लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए है। यह योजना धार्मिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक स्नान का अनुभव प्रदान करेगी, जिससे अयोध्या का पर्यटन और भी आकर्षक बनेगा।
जैन ने बताया कि लिटमस मरीन इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड इस फ्लोटिंग बाथिंग कुंड का निर्माण कर रही है। यह कुंड 25 मीटर×15 मीटर के आधुनिक फ्लोटिंग संरचना पर आधारित होगा, जो पोंटून और उच्च-शक्ति वाली फाइबर सामग्री से निर्मित होगा। यह संरचना नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के अनुसार स्वचालित रूप से समायोजित हो सकेगी, जिससे हर मौसम में स्थिरता बनी रहेगी।
परिसर में दो भव्य स्नान कुंड बनाए जा रहे हैं, जिनके आकार 15 मीटर × 4 मीटर हैं। इनमें से एक पुरुषों के लिए और दूसरा महिलाओं के लिए होगा, ताकि गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसमें दस चेंजिंग रूम होंगे, जिसमें पांच महिलाओं के और पांच पुरुषों के लिए होंगे। सुरक्षा के मद्देनजर सेफ्टी बैरियर, रेलिंग, सोलर लाइट, बेंच और इमरजेंसी सपोर्ट बोट की व्यवस्था होगी।
इसके अतिरिक्त, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए परिसर में 7 दुकानें भी स्थापित की जाएंगी, जहां स्थानीय उत्पाद, पूजा सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध होंगी। सरयू नदी में स्नान हिंदू परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। रामायण काल से ही इस नदी को पवित्र माना जाता है और यहां स्नान करने से पापों का नाश होता है। राम मंदिर के बाद लाखों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। फ्लोटिंग बाथिंग कुंड जैसी आधुनिक सुविधा से न केवल देशी पर्यटक, बल्कि विदेशी पर्यटक भी आकर्षित होंगे।
यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण और नदी की स्वच्छता बनाए रखने पर भी जोर देती है, क्योंकि फ्लोटिंग संरचना से घाटों पर कचरा फैलने की संभावना कम होगी।