क्या आईआरसीटीसी होटल घोटाले में लालू परिवार की याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली हाईकोर्ट में लालू परिवार की याचिकाओं पर सुनवाई होगी।
- आईआरसीटीसी होटल घोटाला 2004 से 2009 के बीच का है।
- लालू यादव ने आरोपों से इनकार किया है।
- सुनवाई में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव भी शामिल हैं।
- न्यायालय का निर्णय देश के राजनीतिक परिदृश्य पर प्रभाव डाल सकता है।
नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली हाईकोर्ट सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इन याचिकाओं में उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कथित आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले में उनके खिलाफ आपराधिक आरोप तय करने के निर्देश दिए गए थे।
दिल्ली हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूची के अनुसार, ये मामले 19 जनवरी को न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा की एकल पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं।
लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले में भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से जुड़े आरोप तय करने के निर्देश दिए गए थे।
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव द्वारा दाखिल आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग वाली अर्जी पर सीबीआई को नोटिस जारी किया था।
न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा कि इन याचिकाओं पर लालू प्रसाद यादव की याचिका के साथ ही सुनवाई की जाए।
राबड़ी देवी ने अपनी याचिका में कहा है कि ट्रायल कोर्ट ने रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री को सही ढंग से परखे बिना केवल अनुमान के आधार पर उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए।
तेजस्वी यादव ने भी अपनी याचिका में ट्रायल कोर्ट के आदेश की वैधता और सही होने पर सवाल उठाया है। उन्होंने तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष ऐसा कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं बना पाया, जिससे आरोप तय किए जा सकें।
13 अक्टूबर 2025 को राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120बी (आपराधिक साजिश) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने का रास्ता साफ किया था।
विशेष अदालत ने 29 मई को आरोप तय करने के मुद्दे पर विस्तृत बहस सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में प्रेम गुप्ता, सरला गुप्ता और रेलवे अधिकारी राकेश सक्सेना व पीके गोयल भी आरोपी हैं।
यह कथित घोटाला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल में आईआरसीटीसी के दो होटलों को तय नियमों का पालन किए बिना पट्टे पर दिया गया था। इनमें से एक होटल राजद प्रमुख के करीबी सहयोगी और उस समय राज्यसभा सांसद रहे प्रेम गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता को आवंटित किया गया था।
अभियोजन के अनुसार, राजद नेता ने बेनामी कंपनी के जरिए तीन एकड़ की कीमती जमीन हासिल की थी।
लालू यादव ने किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार करते हुए कहा है कि टेंडर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दिए गए थे और उन्होंने मामले से खुद को बरी किए जाने की मांग की है।