क्या पीठ दर्द दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है? घरेलू नुस्खों से राहत पाएं!
सारांश
Key Takeaways
- लहसुन का तेल पीठ दर्द के लिए एक प्रभावी उपाय है।
- हल्दी वाला दूध प्राकृतिक पेन किलर के रूप में कार्य करता है।
- रोजाना की मालिश से प्रवाह और आराम मिलता है।
- आयुर्वेदिक उपायों का उपयोग बिना साइड इफेक्ट के किया जा सकता है।
- गंभीर दर्द पर डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आजकल की तेज़-तर्रार जिंदगी में पीठ दर्द एक सामान्य समस्या बन गई है। लंबे समय तक बैठना, गलत पोश्चर और तनाव के कारण यह पीड़ा बढ़ जाती है। कई बार तो दवाइयाँ लेने के बाद भी राहत नहीं मिलती। लेकिन आयुर्वेद में हर समस्या का आसान हल है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, कुछ सरल घरेलू उपायों को अपनाकर आप दर्द से राहत पा सकते हैं। लहसुन के तेल से लेकर हल्दी वाले दूध तक, ये उपाय सुरक्षित, सस्ते और प्रभावी हैं, जो सूजन कम करने और आराम प्रदान करने में सहायक होते हैं।
लहसुन का तेल नारियल या सरसों के तेल में मिलाकर मालिश करना बहुत लाभकारी होता है। इसमें मौजूद एलिसिन और सल्फर यौगिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण दर्द और सूजन को कम करते हैं। इसके लिए 8-10 लहसुन की कलियाँ लें। इन्हें नारियल या सरसों के तेल में डालकर हल्की आंच पर भूनें, जब तक कलियाँ काली न हो जाएं। इसके बाद तेल को छानकर ठंडा होने दें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है, मांसपेशियों को ढीला करता है और तुरंत राहत देता है। कई आयुर्वेदिक स्रोतों में यह उपाय पीठ दर्द के लिए रामबाण माना जाता है।
इसके अलावा, हल्दी वाला दूध भी दर्द को कम करने में मददगार है। हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन सूजन और दर्द को कम करने में बहुत प्रभावी है। एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं। स्वाद के लिए थोड़ा काली मिर्च डालें, जो कर्क्यूमिन के अवशोषण को बढ़ाती है, और गुड़ या शहद मिलाएं। इसे रात को सोने से पहले सेवन करें। यह एक प्राकृतिक पेन किलर की तरह काम करता है, इम्युनिटी को बढ़ाता है और रिकवरी को तेज करता है। अगर एसिडिटी हो तो मात्रा कम रखें।
ये आयुर्वेदिक नुस्खे साइड इफेक्ट के बिना लंबे समय तक राहत देते हैं। यदि दर्द गंभीर हो तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।