अर्चना पूरन सिंह ने कंजूसी पर बात की, अक्षय कुमार ने साझा किए संघर्ष के अनुभव

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अर्चना पूरन सिंह ने कंजूसी पर बात की, अक्षय कुमार ने साझा किए संघर्ष के अनुभव

सारांश

मनोरंजन की दुनिया में अर्चना पूरन सिंह ने अपनी कंजूसी समझी जाने वाली आदत पर चर्चा की। अक्षय कुमार ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। जानें इस दिलचस्प एपिसोड में और क्या हुआ।

Key Takeaways

  • पुरानी चीजों का सही इस्तेमाल - अर्चना का मानना है कि पुरानी चीजें फेंकने के बजाय नए तरीके से इस्तेमाल की जा सकती हैं।
  • संघर्ष की यादें - अक्षय कुमार ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया, जो उनके लिए सबसे यादगार हैं।
  • संसाधनों की बचत - छोटी-छोटी आदतें भी संसाधनों को बचाने में मदद कर सकती हैं।

मुंबई, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मनोरंजन की दुनिया में अक्सर सितारे अपनी फिल्मों और ग्लैमरस लाइफ के लिए चर्चा में रहते हैं, लेकिन कभी-कभी उनकी छोटी-छोटी आदतें भी दर्शकों के दिलों को छू जाती हैं। इसी तरह का एक दिलचस्प क्षण 'व्हील ऑफ फॉर्च्यून' के आगामी एपिसोड में देखने को मिलेगा। इस एपिसोड में अर्चना पूरन सिंह अपनी एक ऐसी आदत के बारे में बेबाकी से चर्चा करेंगी, जिसे लोग अक्सर कंजूसी समझते हैं।

शो के दौरान अर्चना ने कहा, ''जब मैं किसी रेस्टोरेंट में जाती हूं, तो वहां मिलने वाले बड़े टिश्यू पेपर को बिना पूरे इस्तेमाल किए फेंकने के बजाय उसे संभालकर रख लेती हूं, ताकि बाद में उसे मेकअप हटाने या साफ-सफाई के लिए फिर से इस्तेमाल किया जा सके। हालांकि मेरी इस आदत को लोग कंजूसी समझते हैं, जबकि यह वस्तुओं को बर्बाद होने से बचाने की कोशिश है।''

अर्चना ने आगे कहा, ''मैं पुरानी चीजों को फेंकने में विश्वास नहीं रखती। अगर कोई चीज पुरानी हो जाती है, तो उसे नए तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, पुराने कपड़ों को झाड़न या पोछा बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। मेरे पास आज भी 25 से 30 साल पुराने कपड़े हैं। लोग मुझे अक्सर सलाह देते हैं कि मैं इन कपड़ों को फेंक दूं क्योंकि फैशन बदल रहा है, लेकिन मेरा मानना है कि फैशन कभी खत्म नहीं होता, बल्कि समय के साथ वापस लौटता है। इसलिए मैं पुराने कपड़ों को संभालकर रखना ही बेहतर समझती हूं।''

इसी एपिसोड में अक्षय कुमार अपने पुराने संघर्ष के दिनों को याद करते हैं। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब वह और अर्चना के पति परमीत सेठी दोनों काम की तलाश में भटकते थे।

अक्षय ने कहा, ''हम दोनों मशहूर फिल्ममेकर सुभाष घई के ऑफिस के बाहर घंटों बैठकर मौके का इंतजार किया करते थे। उस समय हमारे पास काम नहीं था और भविष्य की चिंता सताती रहती थी, लेकिन उन मुश्किल दिनों में भी उम्मीद और दोस्ती बनी रही। वह समय भले ही संघर्ष भरा था लेकिन जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो वही दिन सबसे यादगार लगते हैं।''

अर्चना ने बताया कि बाद में अक्षय और परमीत ने साथ में फिल्म 'धड़कन' में काम किया, जो सुपरहिट साबित हुई।

अक्षय मजाक में कहते हैं कि उन्होंने सुना है कि अर्चना ने कभी होटल से बाथरोब चुरा लिया था। इस पर अर्चना ने हंसते हुए जवाब दिया, ''अगर अक्षय यह साबित कर दें, तो मैं उन्हें मड आइलैंड वाला अपना बंगला दे दूंगी।''

Point of View

NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

अर्चना पूरन सिंह ने अपनी कंजूसी के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वह बड़े टिश्यू पेपर को फेंकने के बजाय उसे संभालकर रखती हैं, ताकि बाद में उसे इस्तेमाल किया जा सके।
अक्षय कुमार ने अपने संघर्ष के दिनों के बारे में क्या साझा किया?
अक्षय ने बताया कि वह और अर्चना के पति परमीत सेठी दोनों काम की तलाश में भटकते थे और सुभाष घई के ऑफिस के बाहर घंटे बिताते थे।
क्या अर्चना ने वाकई होटल से बाथरोब चुराया था?
यह एक मजाक था, जिस पर अर्चना ने कहा कि अगर अक्षय यह साबित कर दें, तो वह उन्हें अपना बंगला दे देंगी।
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