अनु मलिक का भावुक संदेश: 14 साल की उम्र में आशा भोसले पर भरोसा
सारांश
Key Takeaways
- आशा भोसले का निधन संगीत जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।
- अनु मलिक ने 14 साल की उम्र में उनके साथ पहली बार गाना गाया था।
- ऊषा उत्थुप ने उनके वर्सटाइल सिंगर होने की सराहना की।
- रजत बेदी ने उनके परिवार और प्रशंसकों के लिए संवेदनाएँ व्यक्त की।
मुंबई, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी सिनेमा को अपनी आवाज़ से सजाने वाली आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनके निधन से बॉलीवुड में गहरा शोक है।
अभिनेताओं से लेकर गायकों तक, हर कोई आशा ताई के साथ बिताए लम्हों को याद कर रहा है। अब सिंगर अनु मलिक, ऊषा उत्थुप और अभिनेता रजत बेदी ने अपने दुख का इज़हार किया है।
सिंगर अनु मलिक ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "ये बेहद दुखद समाचार है, मेरे लिए, मेरे परिवार के लिए, पूरे देश के लिए और मैं कहूंगा कि पूरे विश्व के लिए। आशा भोसले जैसी अद्भुत कलाकार फिर कभी नहीं आएंगी। 1977 में, जब मैं लगभग 14 वर्ष का था, तब मैंने जो पहला गाना गाया था, उसमें उन्होंने एक पंक्ति गाई थी। उस समय एक छोटे बच्चे पर भरोसा करना बहुत बड़ी बात थी। मेरे पिता जी ने कहा था कि उनकी जैसी आवाज़ दुनिया में और किसी की नहीं हो सकती, और वे बिलकुल सही थे। आशा भोसले अद्वितीय थीं और हमेशा अद्वितीय रहेंगी।"
सिंगर ऊषा उत्थुप ने याद करते हुए कहा कि उनका संबंध केवल आशा भोसले से नहीं था, बल्कि उनके परिवार के सभी प्रमुख गायकों से था। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से कहा, "आशा जी वर्सटाइल सिंगर थीं और जो भी जॉनर उन्हें दिया जाता था, वह बिना किसी संकोच के गाती थीं और उनकी गायकी सीधे दिल को छू जाती थी।"
सिंगर ने आगे कहा, "मेरा रिश्ता आशा जी से बहुत पुराना था। लोग उन्हें परफॉर्मेंस के बाद जानने लगे थे, लेकिन मैं उन्हें पहले से जानती थी। मैं बचपन में उनके गाने रेडियो पर सुनती थी। उन्होंने लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, आर.डी. बर्मन (पंचम) और ओ.पी. नय्यर के साथ हर तरह के गाने गाए हैं।"
अभिनेता रजत बेदी काफी दुखी नजर आए। उन्होंने परिवार और उनके प्रशंसकों के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा, "यह फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके परिवार और सभी प्रशंसकों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएँ हैं। यह वाकई फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है। हम उनके और उनके परिवार के लिए प्रार्थना करेंगे।"