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क्या भाई दूज पर दिखाए गए धारावाहिक भाई-बहन के रिश्ते को यादगार बनाते हैं?

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क्या भाई दूज पर दिखाए गए धारावाहिक भाई-बहन के रिश्ते को यादगार बनाते हैं?

सारांश

भाई दूज का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। कई धारावाहिकों ने इस खूबसूरत रिश्ते को बेहतरीन तरीके से पेश किया है। जानिए उन शो के बारे में जो इस बंधन को और भी खास बनाते हैं!

मुख्य बातें

भाई दूज भारतीय टेलीविजन धारावाहिकों ने इस रिश्ते को बेहतरीन तरीके से पेश किया है।
हर धारावाहिक ने भाई-बहन के अटूट प्रेम को दर्शाया है।
इन धारावाहिकों ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा है।
भाई-बहन के रिश्ते की महत्ता को समझाने में मदद मिलती है।

मुंबई, 21 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। दीपावली के पावन पर्व के बाद अब लोग भाई दूज का इंतजार बड़े उत्साह से कर रहे हैं। यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का उत्सव है। भारतीय टेलीविजन पर कई धारावाहिकों ने इस सुंदर रिश्ते को अद्भुत तरीके से प्रस्तुत किया है।

ये धारावाहिक न केवल दर्शकों का मनोरंजन करते हैं, बल्कि भाई-बहन के बंधन की महत्ता को भी उजागर करते हैं। आइए, कुछ प्रसिद्ध धारावाहिकों पर एक नजर डालते हैं।

'एक हजारों में मेरी बहना है' - 2011 में स्टार प्लस पर प्रसारित इस धारावाहिक ने जीविका और मानवी नाम की दो बहनों की कहानी को दिखाया। क्रिस्टल डिसूजा और निया शर्मा ने इन पात्रों को जीवंत किया। इस शो ने बहनों के बीच के प्यार, दोस्ती और बलिदान को खूबसूरती से प्रस्तुत किया। दोनों बहनें हर चुनौती में एक-दूसरे का साथ देती हैं, जिससे दर्शक भावनात्मक रूप से जुड़ते हैं।

'प्यार का बंधन' - एकता कपूर द्वारा निर्मित यह धारावाहिक 2009 में सोनी टीवी पर शुरू हुआ। यह चार भाई-बहनों की कहानी है, जो बचपन में अनाथालय में बिछड़ गए और बाद में विभिन्न परिवारों द्वारा गोद लिए गए। कहानी में यह दिखाया गया है कि समय और परिस्थितियों के बावजूद उनका रिश्ता अटूट रहा। इस शो ने भाई-बहन के प्यार और एकजुटता को दर्शकों के सामने लाकर प्रशंसा प्राप्त की।

'निशा और उसके कजन्स' - 2014 से 2015 तक स्टार प्लस पर प्रसारित यह धारावाहिक जयपुर के एक संयुक्त परिवार की कहानी है। इसमें सात चचेरे भाइयों और निशा नाम की एक दृढ़ निश्चयी लड़की की कहानी दिखाई गई है। अनेरी वजानी और मिश्कत वर्मा ने इस शो में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। यह धारावाहिक भाई-बहन के रिश्ते के साथ-साथ परिवार की एकता को भी दर्शाता है।

'घर की लक्ष्मी बेटियां' - 2006 में शुरू हुआ यह धारावाहिक पांच बहनों की कहानी पर आधारित था। यह शो 2009 तक चला और दर्शकों के बीच बहुत लोकप्रिय रहा। इसमें यह दिखाया गया था कि कैसे पांच बहनें मिलकर हर समस्या का सामना करती हैं, लेकिन उनका आपसी प्रेम कभी कम नहीं होता। इसकी कहानी ने परिवार और रिश्तों की अहमियत को बखूबी दर्शाया।

'इश्कबाज' - 2016 में शुरू हुआ यह शो आज भी दर्शकों का पसंदीदा है। इसमें शिवाय (नकुल मेहता), रुद्र, और ओमकारा जैसे भाइयों के बीच का प्यार और समर्पण दिखाया गया था। यह शो भाई-बहन के रिश्ते को मजबूती और भावनाओं के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को एक नई पहचान देता है। भारतीय टेलीविजन ने इस रिश्ते को कई धारावाहिकों के माध्यम से दर्शकों के सामने पेश किया है, जो समाज में इस बंधन की महत्ता को उजागर करते हैं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाई दूज का त्यौहार कब मनाया जाता है?
भाई दूज का त्यौहार दीपावली के दूसरे दिन मनाया जाता है।
क्या भाई दूज पर केवल भाई-बहन का रिश्ता मनाया जाता है?
जी हां, भाई दूज भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है।
कौन से धारावाहिकों ने भाई-बहन के रिश्ते को दिखाया है?
कुछ प्रमुख धारावाहिकों में 'एक हजारों में मेरी बहना है', 'प्यार का बंधन', 'निशा और उसके कजन्स', 'घर की लक्ष्मी बेटियां' और 'इश्कबाज' शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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