क्या सिनेमा ने देशभक्ति की आवाज़ को उठाया? मनोज कुमार से विक्की कौशल तक बॉलीवुड के नायकों का राष्ट्रप्रेम का सफर
सारांश
Key Takeaways
- मनोज कुमार ने देशभक्ति फ़िल्मों का नया युग शुरू किया।
- सनी देओल और उनकी फ़िल्में एक्शन और देशभक्ति का प्रतीक हैं।
- अक्षय कुमार आधुनिक देशभक्ति फ़िल्मों के प्रमुख अभिनेता हैं।
- आमिर खान ने सामाजिक मुद्दों के साथ देशभक्ति को जोड़कर फ़िल्में बनाई हैं।
- विक्की कौशल ने अपने किरदारों से दर्शकों को प्रेरित किया है।
मुंबई, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सिनेमा के क्षेत्र में कई ऐसे अभिनेता हैं, जिन्होंने देशभक्ति वाली फ़िल्मों के माध्यम से दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान प्राप्त किया है। इन फ़िल्मों ने न केवल राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत किया, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम, युद्ध और सैनिकों की बहादुरी को भी बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत किया।
यदि हम बॉलीवुड की देशभक्ति फ़िल्मों की चर्चा करें, तो मनोज कुमार, सनी देओल, अक्षय कुमार, अजय देवगन, आमिर खान, शाहरुख खान, सिद्धार्थ मल्होत्रा, और विक्की कौशल द्वारा निभाए गए किरदार तुरंत जेहन में आ जाते हैं। इन फ़िल्मी सितारों के रोल दर्शकों और देश के लिए प्रेरणादायक बन गए हैं।
स्व. मनोज कुमार को 'भारत कुमार' के नाम से जाना जाता है क्योंकि उन्होंने देशभक्ति फ़िल्मों का एक नया युग शुरू किया। फ़िल्मों में मुख्य भूमिका निभाने के साथ-साथ उन्होंने कई फ़िल्मों का निर्देशन भी किया। मनोज कुमार ने १९६५ में आई फ़िल्म 'शहीद' में भगत सिंह का किरदार निभाया। निर्देशक एस. राम शर्मा की यह फ़िल्म स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के संघर्ष और बलिदान पर आधारित है।
'उपकार' में मनोज कुमार ने किसान भाई-बहन की कहानी दर्शाई, जिसमें वह स्वयं निर्देशक भी थे। 'पूरब और पश्चिम' में उन्होंने एनआरआई बनाम भारतीय मूल्यों पर ध्यान केंद्रित किया। 'रोटी कपड़ा और मकान' में सामाजिक मुद्दों के साथ-साथ देशप्रेम को भी दर्शाया गया। 'क्रांति' में उन्होंने एक क्रांतिकारी और शक्तिशाली भूमिका निभाई।
सनी देओल को देशभक्ति और एक्शन के लिए जाना जाता है। २३ जनवरी को उनकी नई देशभक्ति फ़िल्म 'बॉर्डर २' रिलीज़ हुई। इससे पहले भी वह कई फ़िल्मों में काम कर चुके हैं। १९९७ में आई जेपी दत्ता की फ़िल्म 'बॉर्डर' में सनी देओल ने मेजर कुलदीप सिंह संधू का किरदार निभाया था। १९७१ के युद्ध पर आधारित इस फ़िल्म में उनके किरदार को बहुत सराहा गया। इसके बाद वह २००१ में आई अनिल शर्मा की 'गदर: एक प्रेम कथा' में तारा सिंह के रूप में नजर आए, जो दर्शकों को बेहद पसंद आई।
अक्षय कुमार आधुनिक देशभक्ति फ़िल्मों के प्रतीक बन गए हैं। 'हॉलिडे: ए सोल्जर इज़ नेवर ऑफ ड्यूटी' में कैप्टन वीर प्रताप सिंह, 'एयरलिफ्ट' में रंजीत कात्याल और 'केसरी' में हवलदार ईशर सिंह के साथ ही अक्षय कुमार ने 'रुस्तम' में नौसेना अधिकारी का किरदार निभाया।
अजय देवगन ने भी कई क्रांतिकारी और योद्धा के किरदार निभाए हैं। उन्होंने 'द लीजेंड ऑफ भगत सिंह' में भगत सिंह और 'एलओसी कारगिल' में मेजर पद्मपाणि आचार्य का किरदार निभाया।
इस सूची में आमिर खान का नाम भी शामिल है। उन्होंने २००१ में आई 'लगान' में भुवन, 'रंग दे बसंती' में दलजीत 'डीजे' सिंह और 'सरफरोश' में भी एक प्रभावशाली प्रशासनिक अधिकारी की भूमिका निभाई।
शाहरुख खान ने भी देशभक्ति फ़िल्मों में कई प्रेरणादायक भूमिकाएँ निभाई हैं। २००४ में आई 'स्वदेश' में मोहन भार्गव और 'चक दे! इंडिया' में हॉकी कोच कबीर खान की भूमिका निभाई, जिससे उन्होंने देशभक्ति को एक अलग अंदाज़ में पेश किया।
सिद्धार्थ मल्होत्रा ने २०२१ में रिलीज़ हुई विश्वनाथन की फ़िल्म 'शेरशाह' में कैप्टन विक्रम बत्रा का किरदार निभाया, जिसमें कारगिल युद्ध की बहादुरी की सच्ची कहानी दिखाई गई।
विक्की कौशल ने भी देशभक्ति फ़िल्मों में अपने किरदारों से गहरी छाप छोड़ी है। 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' में मेजर विहान शेर गिल का रोल हो, फ़िल्म 'सरदार उधम' में सरदार उधम सिंह का किरदार हो या 'सैम बहादुर' में सैम मानेकशॉ का किरदार, उन्होंने दर्शकों के दिलों में अपनी अदाकारी से खास स्थान बना लिया।