सीआईएनटीएए विवाद पर इला अरुण ने जताई चिंता, बोलीं- दिलीप कुमार के सपनों की संस्था को बचाना ज़रूरी
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री और लोक-गायिका इला अरुण ने सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (सीआईएनटीएए) के भीतर चल रहे आंतरिक विवाद पर गहरी निराशा व्यक्त की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक आरोपों और आपसी कलह ने उन्हें एक कलाकार के रूप में बेहद दुखी किया है। इला अरुण पूर्व में सीआईएनटीएए की सदस्य रह चुकी हैं।
विवाद पर दुख और निराशा
इला अरुण ने कहा, 'जब सिंटा जैसी संस्था आपस में लड़ती है, जिसमें शक या विवाद होता है, तो बहुत दुख होता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि कलाकारों के हितों की रक्षा के लिए स्थापित एक संस्था को इस तरह विवादों में उलझा देखना पीड़ादायक है। यह ऐसे समय में आया है जब सीआईएनटीएए के कई पूर्व सदस्य अपनी अलग संस्थाएँ बनाने में जुटे हैं।
सच सामने आने की उम्मीद
इला ने कहा, 'मुझे लगता है कि जो भी हो रहा है उसका सच सामने आएगा। हमें पता चलेगा कि क्या सही और क्या गलत, लेकिन जो भी आ रहा है, उसे ध्यान रखना चाहिए कि वह एक बड़ी जिम्मेदारी ले रहा है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि कई लोगों का भरोसा संस्था के नेतृत्व पर टिका है और उस भरोसे को तोड़ा नहीं जाना चाहिए।
दिलीप कुमार और आशा पारेख की विरासत
गायिका ने सीआईएनटीएए की स्थापना से जुड़े दिग्गज कलाकारों को याद करते हुए कहा, 'सिंटा को दिलीप कुमार जी और आशा पारेख जी जैसे महान लोगों ने बनाया था। जिस भरोसे के साथ उन्होंने यह संगठन बनाया था, मुझे उम्मीद है कि वह उसी तरह बना रहेगा।' इला ने यह भी कहा कि उन्होंने इसी भरोसे के साथ अपना वोट डाला है।
नए नेतृत्व से अपेक्षाएँ
इला अरुण ने नए नेतृत्व पर उम्मीद जताते हुए कहा, 'जहाँ तक मुझे याद है, सिंटा सभी सीनियर कलाकारों के फायदे के लिए बनाया गया था। हमने अलग-अलग उम्मीदवारों को उनकी योग्यता को ध्यान में रखकर वोट दिया है। मुझे उम्मीद है कि वे हमारी उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि संगठन से जुड़े लोगों की बदनामी हो रही है, जो इसकी सार्वजनिक छवि के लिए चिंताजनक है।
क्या होगा आगे
सीआईएनटीएए के भीतर जारी उठापटक और कई सदस्यों द्वारा अलग संगठन बनाने की कोशिशों के बीच, इला अरुण जैसे वरिष्ठ कलाकारों की आवाज़ इस बहस को नई दिशा दे सकती है। गौरतलब है कि यह संस्था बॉलीवुड और टेलीविज़न उद्योग के हज़ारों कलाकारों के हितों का प्रतिनिधित्व करती है, और आंतरिक विवाद उनके कल्याण कार्यों पर सीधा असर डाल सकते हैं।