मनीषा कोइराला ने दादा बी.पी. कोइराला की जयंती पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि, बोलीं — उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने 8 सितंबर को अपने दादाजी और नेपाल के पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री बिश्वेश्वर प्रसाद (बी.पी.) कोइराला की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा करते हुए बी.पी. कोइराला के लोकतंत्र, मानवीय गरिमा और राष्ट्रीय एकता के प्रति अटूट समर्पण को याद किया।
इंस्टाग्राम पोस्ट में क्या लिखा
मनीषा ने अपने दादाजी की एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर साझा की, जिसमें वे भाषण देते दिख रहे हैं। पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'बी.पी. कोइराला की जयंती पर हम उस दूरदर्शी राजनेता को याद करते हैं, जिन्होंने अपना जीवन लोकतंत्र, मानवीय गरिमा, राष्ट्रीय एकता और प्रगति के लिए समर्पित कर दिया।' उन्होंने आगे जोड़ा कि राष्ट्रीय मेलमिलाप के लिए बी.पी. का आह्वान एक गहरा सत्य याद दिलाता है — कि मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होना ही नेपाल की असली ताकत है।
मनीषा ने लिखा, 'उनके विचार, साहस और दृष्टिकोण आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। आइए, लोकतंत्र, संवाद, गरिमा और मेलमिलाप के साथ उस नेपाल का निर्माण करें जिसका सपना उन्होंने देखा था।'
बी.पी. कोइराला: राजनेता, विचारक और लेखक
बिश्वेश्वर प्रसाद कोइराला नेपाल के पहले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री थे और 1959 से 1960 तक इस पद पर रहे। वे नेपाली कांग्रेस पार्टी के एक प्रमुख स्तंभ थे। राजनीति से परे, वे एक क्रांतिकारी विचारक और साहित्यकार भी थे, जिन्होंने अपने उपन्यासों और लेखन के ज़रिए प्रेम, संघर्ष और मानवाधिकारों को नई आवाज़ दी।
अपने छात्र जीवन में उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से शिक्षा ग्रहण की थी।
परिवार की राजनीतिक विरासत
बी.पी. कोइराला का परिवार नेपाली राजनीति में गहरी जड़ें रखता है। उनके भाई मातृका प्रसाद कोइराला और गिरिजा प्रसाद कोइराला भी नेपाल के प्रधानमंत्री पद पर रह चुके हैं। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब नेपाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं की मज़बूती को लेकर बहस जारी है — बी.पी. की विरासत इस संदर्भ में और भी प्रासंगिक हो जाती है।
मनीषा कोइराला का फ़िल्मी करियर
अभिनय के मोर्चे पर, मनीषा को हाल ही में प्रसिद्ध फ़िल्मकार संजय लीला भंसाली की 2024 की पहली डिजिटल सीरीज़ 'हीरामंडी: द डायमंड बाज़ार' में देखा गया था। इस सीरीज़ में उनके साथ अदिति राव हैदरी, ऋचा चड्ढा, संजीदा शेख, सोनाक्षी सिन्हा, शर्मिन सहगल, शेखर सुमन, अध्ययन सुमन और ताहा शाह बदुशा भी नज़र आए थे।
मनीषा की यह भावुक श्रद्धांजलि दर्शाती है कि वे अपनी पारिवारिक और सांस्कृतिक जड़ों से कितनी गहराई से जुड़ी हैं — और बी.पी. कोइराला की विचारधारा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प उनके लिए महज़ रस्म नहीं, बल्कि एक सचेत प्रतिबद्धता है।