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मनीषा कोइराला का थाईलैंड ट्रिप से संदेश: 'खुद को चुनने में कभी देर नहीं होती'

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मनीषा कोइराला का थाईलैंड ट्रिप से संदेश: 'खुद को चुनने में कभी देर नहीं होती'

सारांश

मनीषा कोइराला ने थाईलैंड की खूबसूरत तस्वीरों के जरिए महिलाओं को याद दिलाया कि सपने पूरे करने की कोई उम्र नहीं होती। 'खुद को चुनें' — यह सिर्फ एक कैप्शन नहीं, बल्कि उनके अपने जीवन से निकली सीख है।

मुख्य बातें

मनीषा कोइराला ने 14 जून को इंस्टाग्राम पर थाईलैंड यात्रा की तस्वीरें साझा कीं।
कैप्शन में उन्होंने महिलाओं से कहा — 'ट्रिप करें, नई शुरुआत करें और खुद को चुनें।' उन्होंने स्वास्थ्य और मानसिक शांति को प्राथमिकता देने की बात कही।
पोस्ट पर यूजर्स ने इसे हर महिला के लिए प्रेरणा बताया।
मनीषा ने 1991 में 'सौदागर' से बॉलीवुड डेब्यू किया था और फिल्मफेयर क्रिटिक्स पुरस्कार सहित कई सम्मान जीते हैं।

बॉलीवुड अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने अपने इंस्टाग्राम पर थाईलैंड यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए उन तमाम महिलाओं को एक प्रेरक संदेश दिया, जो यह मान बैठी हैं कि सपने पूरे करने की उनकी उम्र निकल चुकी है। 14 जून को की गई इस पोस्ट में उन्होंने लिखा कि जिंदगी में खुद को प्राथमिकता देने और नई शुरुआत करने के लिए कोई समय-सीमा नहीं होती।

थाईलैंड की तस्वीरों में छलकी खुशी

मनीषा ने इंस्टाग्राम पर साझा की गई तस्वीरों में थाईलैंड की प्राकृतिक सुंदरता के बीच खुद को बेहद प्रसन्न और ऊर्जावान दिखाया। कहीं वह हरे-भरे परिवेश में समय बिताती नजर आईं, तो कहीं शांत वातावरण में जीवन के छोटे-छोटे पलों का आनंद लेती दिखीं। तस्वीरों में उनका उत्साह और सकारात्मकता साफ झलकती है।

मनीषा का प्रेरक कैप्शन

तस्वीरों के साथ मनीषा कोइराला ने कैप्शन में लिखा, 'जो महिलाएं यह सोचती हैं कि अब उनके लिए बहुत देर हो चुकी है, उन्हें इस सोच को छोड़ देना चाहिए। ट्रिप करें, नई शुरुआत करें और सबसे जरूरी बात, खुद को चुनें। मैं दुनिया को एक्सप्लोर कर रही हूं और साथ ही अपने स्वास्थ्य और मानसिक शांति का भी ध्यान रख रही हूं।' यह संदेश आज की उस पीढ़ी की महिलाओं के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है जो परिवार और जिम्मेदारियों के बीच अपनी इच्छाओं को पीछे छोड़ देती हैं।

सोशल मीडिया पर उमड़ी प्रतिक्रियाएँ

मनीषा की इस पोस्ट पर हजारों लोगों ने सराहना जताई। एक यूजर ने लिखा, 'मनीषा जी, आपकी यह पोस्ट हर महिला के लिए प्रेरणा है।' एक अन्य ने टिप्पणी की, 'सच कहा आपने — जिंदगी उम्र से नहीं, सोच से चलती है।' अन्य यूजर्स ने भी उत्साहजनक प्रतिक्रियाएँ दीं।

मनीषा कोइराला का करियर और उपलब्धियाँ

मनीषा कोइराला ने 1991 में फिल्म 'सौदागर' से बॉलीवुड में कदम रखा और पहली ही फिल्म से दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद उन्होंने '1942: ए लव स्टोरी', 'बॉम्बे', 'खामोशी: द म्यूजिकल', 'दिल से', 'मन', 'लज्जा' और 'कंपनी' जैसी यादगार फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। उनके गाने — 'एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा', 'रिम झिम रिम झिम', 'तू ही रे', 'जिया जले' और 'नशा यह प्यार का नशा है' — आज भी श्रोताओं के दिलों में बसे हैं।

अपने शानदार अभिनय के लिए मनीषा को फिल्मफेयर क्रिटिक्स पुरस्कार (बेस्ट परफॉर्मेंस) और फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार (क्रिटिक्स कैटेगरी) सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहना मिली है। उनका यह संदेश उनके अपने जीवन के अनुभवों — व्यक्तिगत चुनौतियों से उबरने और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने — की झलक भी देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए उनका 'खुद को चुनें' का आह्वान एक जीवंत अनुभव से आता है, न कि किसी स्क्रिप्टेड ब्रांड पोस्ट से। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर ऐसे पोस्ट को 'ग्लैमर' की श्रेणी में रख देती है, लेकिन असली खबर यह है कि लाखों महिलाएं इसमें अपना प्रतिबिंब देख रही हैं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनीषा कोइराला ने थाईलैंड ट्रिप पर क्या संदेश दिया?
मनीषा कोइराला ने इंस्टाग्राम पर थाईलैंड की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि महिलाओं को यह सोचना बंद करना चाहिए कि उनके लिए 'बहुत देर हो चुकी है'। उन्होंने कहा — ट्रिप करें, नई शुरुआत करें और सबसे जरूरी, खुद को चुनें।
मनीषा कोइराला ने बॉलीवुड में कब और किस फिल्म से डेब्यू किया था?
मनीषा कोइराला ने 1991 में फिल्म 'सौदागर' से बॉलीवुड में कदम रखा था। पहली ही फिल्म से उन्होंने दर्शकों और आलोचकों का ध्यान खींचा और जल्द ही हिंदी सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्रियों में शुमार हो गईं।
मनीषा कोइराला को कौन-कौन से प्रमुख पुरस्कार मिले हैं?
मनीषा कोइराला को फिल्मफेयर क्रिटिक्स पुरस्कार (बेस्ट परफॉर्मेंस) और फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार (क्रिटिक्स कैटेगरी) सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहना मिली है।
मनीषा कोइराला की कौन-सी फिल्में सबसे ज्यादा चर्चित रहीं?
'1942: ए लव स्टोरी', 'बॉम्बे', 'खामोशी: द म्यूजिकल', 'दिल से', 'मन', 'लज्जा' और 'कंपनी' उनकी सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती हैं। इन फिल्मों के गाने — 'तू ही रे', 'जिया जले', 'रिम झिम रिम झिम' — आज भी लोकप्रिय हैं।
मनीषा कोइराला की पोस्ट पर सोशल मीडिया की क्या प्रतिक्रिया रही?
मनीषा की पोस्ट पर यूजर्स ने जबरदस्त सराहना की। एक यूजर ने इसे 'हर महिला के लिए प्रेरणा' बताया, जबकि दूसरे ने लिखा कि 'जिंदगी उम्र से नहीं, सोच से चलती है।' पोस्ट को व्यापक सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
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