दिल्ली में बिहारी डिलीवरी ब्वॉय की गोली से हत्या, खेसारी लाल का तीखा आक्रोश
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल नीरज द्वारा शराब के नशे में डिलीवरी ब्वॉय पांडव कुमार को गोली मारी गई।
- घटना दिल्ली के जाफराकलां थाना क्षेत्र के रावता गांव में बीते शनिवार को हुई।
- खेसारी लाल यादव ने बिहारियों के खिलाफ भेदभाव का आरोप लगाया है।
- सिंगर ने पाकिस्तान द्वारा बलूचों के साथ किए जाने वाले सलूक से तुलना की है।
- पांडव के साथ मौजूद एक दोस्त भी घायल हुआ, जो वर्तमान में अस्पताल में है।
मुंबई, 29 अप्रैल। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात हेड कांस्टेबल नीरज द्वारा शराब के नशे में डिलीवरी ब्वॉय पांडव कुमार को गोली मारने की घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भोजपुरी सिंगर खेसारी लाल यादव ने सोशल मीडिया पर दिल्ली के जाफराकलां थाना क्षेत्र के रावता गांव में हुई इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है और बिहारवासियों से एकजुटता की मांग की है।
घटना का विवरण
बीते शनिवार को दिल्ली पुलिस के अधिकारी के द्वारा की गई इस कार्रवाई में पांडव कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। आरोप है कि कांस्टेबल ने पहले पांडव से नाम पूछा और जब उसने बताया कि वह बिहार का निवासी है, तो नीरज आगबबूला होकर गोली चला दी। घटना में पांडव के साथ मौजूद उसका एक दोस्त भी घायल हुआ, जो वर्तमान में अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
खेसारी का तीखा विरोध
भोजपुरी सिंगर खेसारी लाल यादव ने सोशल मीडिया पर घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा कि बिहार के लोगों को अन्य राज्यों में भाषा और आर्थिक स्थिति के आधार पर प्रताड़ित किया जा रहा है। खेसारी ने लिखा, 'अब लग रहा है कि आप ठीक ही बोल रहे थे, लेकिन अब मुंह पर दही जमा के कोई फायदा नहीं। हर बिहारी मिलकर ऐसा मिसाल पैदा करे कि आगे से कोई अपने मन में भी दिल्ली वाला घृणित कार्य करने का सोचे तो रूह काप जाए।'
विवादास्पद तुलना
खेसारी ने एक यूजर के ट्वीट को रिट्वीट किया है, जिसमें पाकिस्तान द्वारा बलूचों और पश्तून लोगों के साथ किए जाने वाले सलूक की तुलना भारत में बिहारियों के साथ होने वाली घटनाओं से की गई है। सिंगर ने इस ट्वीट का खुला समर्थन किया है और बिहारवासियों से विचारधारा से परे इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की है।
दिल्ली सरकार से सवाल
खेसारी लाल यादव लगातार दिल्ली सरकार से सवाल कर रहे हैं और घटना को बिहारी होने की सजा बताया है। उन्होंने घटना को एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के रूप में प्रस्तुत किया है और कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए।
कानूनी कार्रवाई
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, संबंधित अधिकारियों से पूछताछ जारी है और अधिकारियों द्वारा पूर्ण जांच की घोषणा की गई है।