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क्या 'डीजल' की रिसर्च के दौरान निर्देशक शनमुगम मुथुसामी को मिली थीं मौत की धमकियां?

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क्या 'डीजल' की रिसर्च के दौरान निर्देशक शनमुगम मुथुसामी को मिली थीं मौत की धमकियां?

सारांश

शानदार थ्रिलर 'डीजल' में निर्देशक शनमुगम मुथुसामी की 10 साल की मेहनत और जानलेवा धमकियों की दिलचस्प कहानी है। यह फिल्म एक सच्ची घटना पर आधारित है जो घोटाले की परतें खोलती है। जानिए इस फिल्म की कहानी और उसके पीछे का सच।

मुख्य बातें

फिल्म में एक सच्ची घटना पर आधारित कहानी है।
निर्देशक ने 10 साल की मेहनत की है।
यह कहानी घोटाले और माफिया नेटवर्क को उजागर करती है।

चेन्नई, 15 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। शनमुगम मुथुसामी द्वारा निर्देशित फिल्म 'डीजल' 17 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। यह फिल्म केवल एक थ्रिलर नहीं है, बल्कि एक वास्तविक घटना और उसके पीछे छिपे घोटाले की सच्चाइयों को उजागर करने का प्रयास भी है। फिल्म के निर्देशक शनमुगम मुथुसामी ने खुलासा किया कि इस कहानी को पर्दे पर लाने में उन्हें 10 वर्षों का लंबा सफर तय करना पड़ा और इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिलीं।

फिल्म 'डीजल' की शुरुआत एक साधारण घटना से होती है, जब शनमुगम एक बार हाईवे पर यात्रा कर रहे थे। प्री-रिलीज कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया, "सफर के दौरान मैं एक ढाबे पर रुका और देखा कि कुछ किशोर लड़के एक टैंकर से बाल्टियों में पेट्रोल और डीजल चुरा रहे थे। यह अत्यंत चौंकाने वाला था, जिससे मेरी जिज्ञासा बढ़ी और मैंने सोचा, 'क्या यह केवल चोरी है या इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट है?' इसी सवाल के जवाब की तलाश में मैंने अपनी जांच शुरू की।"

उन्होंने आगे कहा, "जैसे-जैसे मैं इस विषय में गहराई से उतरता गया, मुझे चौंकाने वाली सच्चाइयाँ मिलीं। यह केवल कुछ लड़कों की चोरी नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक संगठित माफिया नेटवर्क काम कर रहा था, जो पेट्रोल और डीजल की हेराफेरी कर लाखों का घोटाला कर रहा था। मेरी जांच के दौरान मैंने पाया कि यह घोटाला केवल तेल कंपनियों या टैंकर मालिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आम जनता पर भी पड़ता है।"

उन्होंने बताया कि जब पेट्रोल की कीमत सिर्फ दो रुपये बढ़ती है, तो इसका असर एक परिवार के बजट पर 5 से 10 हजार रुपये तक हो सकता है। इसलिए उन्होंने महसूस किया कि इस सच्चाई को फिल्म के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है।

फिल्म निर्माण के दौरान शनमुगम मुथुसामी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस माफिया नेटवर्क की जानकारी इकट्ठा करनी शुरू की, तो कुछ लोग उन्हें धमकाने लगे। कुछ ने उनका पीछा किया और कुछ ने सीधे जान से मारने की धमकी दी। लेकिन इन सबके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।

उनका मानना है कि यह केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि समाज को एक आईना दिखाने वाली कहानी है। उन्होंने कहा कि फिल्म में कुछ ऐसे सवालों के जवाब दिए गए हैं जो अक्सर सामान्य लोग नहीं समझ पाते, जैसे कि इस घोटाले से होने वाला पैसा आखिर किसकी जेब में जाता है और आम आदमी इससे कैसे प्रभावित होता है।

फिल्म 'डीजल' में अभिनेता हरीश कल्याण और अभिनेत्री अतुल्या रवि मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसके अलावा, फिल्म में विनय राय, सचिन खेडेकर, साई कुमार, रमेश तिलक, विवेक प्रसन्ना, जाकिर हुसैन, और अपूर्वा सिंह जैसे कई प्रसिद्ध कलाकार भी दिखाई देंगे।

फिल्म को 'थर्ड आई एंटरटेनमेंट' के बैनर तले बनाया गया है। इसका निर्देशन और लेखन शनमुगम मुथुसामी ने किया है। फिल्म में संगीत धीबू निनान थॉमस ने दिया है, जबकि सिनेमैटोग्राफी एम.एस. प्रभु और रिचर्ड एम. नाथन द्वारा की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार और माफिया नेटवर्क को उजागर करती है। फिल्म का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है कि कैसे छोटे-छोटे घटनाएं बड़े घोटालों की ओर ले जा सकती हैं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फिल्म 'डीजल' किस पर आधारित है?
फिल्म 'डीजल' एक सच्ची घटना और उसके पीछे छिपे घोटाले पर आधारित है।
शामुगम मुथुसामी को किस तरह की धमकियां मिलीं?
निर्देशक को माफिया नेटवर्क के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के दौरान जान से मारने की धमकियां मिलीं।
फिल्म में कौन से कलाकार हैं?
फिल्म में हरीश कल्याण, अतुल्या रवि, विनय राय, सचिन खेडेकर जैसे कई मशहूर कलाकार हैं।
राष्ट्र प्रेस
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