क्या दिव्या दत्ता ने इंटरनेशनल डॉग डे पर आवारा कुत्तों के लिए आवाज़ उठाई?

सारांश
Key Takeaways
- इंटरनेशनल डॉग डे पर आवारा कुत्तों के प्रति दया दिखाने की आवश्यकता है।
- दिव्या दत्ता ने अपने वीडियो में प्यार और करुणा की अपील की।
- सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आवारा कुत्तों के लिए विवाद का विषय बना।
मुंबई, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। आज पूरी दुनिया में इंटरनेशनल डॉग डे का जश्न मनाया जा रहा है। यह विशेष दिन हमें यह याद दिलाता है कि इन प्यारे पशुओं को हमारी प्यार और देखभाल की कितनी आवश्यकता होती है। इस अवसर पर, लोग अपने पालतू कुत्तों के साथ समय बिताते हैं और उन्हें ट्रीट्स और गिफ्ट्स देते हैं। इसी बीच, प्रसिद्ध अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने आवारा कुत्तों के प्रति समाज के बदलते दृष्टिकोण पर चिंता व्यक्त की और लोगों से उनके लिए प्यार और करुणा दिखाने की गुज़ारिश की।
इस वीडियो में, दिव्या ने अपने पालतू कुत्ते के साथ एक मोनोक्रोम दृश्य साझा किया। उन्होंने एक भावनात्मक कैप्शन लिखा, "हैप्पी इंटरनेशनल डॉग डे। भारत हमेशा से अपनी मोहब्बत और दया के लिए प्रसिद्ध रहा है। आवारा कुत्तों के प्रति दुर्व्यवहार क्यों बढ़ रहा है? उन्हें केवल थोड़े से प्यार की आवश्यकता है। क्या हम कह सकते हैं कि हम इस धरती के अन्य प्राणियों के साथ इंसाफ और दया से पेश आते हैं?
दिव्या ने समाज से निवेदन किया कि इन बेजुबान जानवरों को हमारी गलियों में बिना किसी कठिनाई के रहने दिया जाए। उन्होंने बताया कि पहले हमारे दादा-दादी और नाना-नानी इन जानवरों को खाना देते थे, जो हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा था। लेकिन अब इन जानवरों के प्रति हिंसा और उन लोगों को परेशान करने की घटनाएं बढ़ रही हैं जो इन्हें खाना देते हैं।
उन्होंने कोविड काल का भी ज़िक्र किया और कहा कि जैसे उस समय हम अपनी जड़ों की ओर लौटे थे, वैसे ही अब हमें इन मासूम जानवरों के लिए प्यार और करुणा को फिर से अपनाना चाहिए। उन्होंने सभी से सहनशीलता और प्यार बांटने की अपील की।
दिव्या ने कहा, "इन जानवरों की स्थिति देखकर मन बहुत उदास हो जाता है। आइए, हम फिर से वही भारत बनें, जो सभी को साथ लेकर चलता है।" उन्होंने नकारात्मक टिप्पणियों से बचने और केवल प्यार फैलाने की गुज़ारिश की।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को शेल्टर में भेजने का निर्णय लिया है, जिस पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी। बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री के कई सितारों ने इस फैसले पर नाराजगी जताई और इसे अमानवीय बताया।