क्या दीया मिर्जा ने प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण संकट पर चिंता जताई?

सारांश
Key Takeaways
- प्राकृतिक सुंदरता की सराहना करें।
- पर्यावरण संकट के प्रति जागरूकता बढ़ाएं।
- स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करें।
- पर्यावरण अनुकूल उत्पादों का उपयोग करें।
- संसाधनों का संरक्षण करें।
मुंबई, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री दीया मिर्जा हाल ही में अपने परिवार के साथ हिमाचल प्रदेश में कुछ खास क्षण बिता कर लौटी हैं। उन्होंने इन पलों को तुरंत साझा नहीं किया, लेकिन अब गुरुवार को उन्होंने एक आकर्षक वीडियो साझा किया, जिसे उनके प्रशंसक काफी पसंद कर रहे हैं।
दीया मिर्जा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक प्यारा वीडियो साझा किया, जिसमें वह अपने बेटे अव्यन आजाद रेखी के साथ पहाड़ों में घूमती दिखाई दे रही हैं। वीडियो की शुरुआत एक मासूम पल से होती है, जिसमें अव्यान खूबसूरत नजारों को देखकर अपनी मम्मी से कहता है, "सो ब्यूटीफुल मम्मा"। इसके बाद वीडियो में मां-बेटे की मस्ती, रंग-बिरंगे फूलों की दुनिया, उड़ती मधुमक्खियां, चहचहाती चिड़ियां, बारिश की बूंदें और यहां तक कि बंदरों की झलक भी दिखाई जाती है। यह वीडियो शानदार प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ने का अनुभव कराता है।
दीया ने वीडियो के कैप्शन में अपने अनुभव को साझा करते हुए लिखा, "हमारा समय हिमाचल में किसी जादू से कम नहीं था। बड़े-बड़े और खूबसूरत पहाड़ों से घिरा यह प्रदेश अद्भुत था। लेकिन जैसे ही हम वहां से लौटे, नदी का जलस्तर बढ़ने लगा, जिससे हमें कई हफ्तों तक परेशानियों का सामना करना पड़ा।"
उन्होंने आगे बताया कि इस वीडियो को साझा करने में उन्हें संकोच था, क्योंकि ऐसा लगा कि जब वहां लोग परेशान हैं, तब उनका यह सुखद क्षण साझा करना असंवेदनशील हो सकता है। लेकिन उन्होंने सोचा कि ये खूबसूरत तस्वीरें हमें याद दिला सकती हैं कि हमें प्रकृति के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए और हम क्या बेहतर कर सकते हैं।
दीया ने अपने कैप्शन में यह भी पूछा कि क्या हम फिर से अपनी पुरानी परंपराओं को अपनाएंगे, जो हमें प्रकृति के साथ मेल-जोल से जीने की शिक्षा देती थीं?
उन्होंने कहा, "अचानक आने वाली बाढ़ जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता के नुकसान, खराब शहरी नियोजन और बेतरतीब पर्यटन के कारण बढ़ रही हैं।"
उन्होंने सबको अपील की कि जब हम ऐसे नाजुक और संवेदनशील इलाकों में यात्रा करें, तो कुछ महत्वपूर्ण बातें याद रखें, जैसे कि पर्यावरण के अनुकूल स्थानों पर ठहरें, प्लास्टिक का उपयोग न करें, कचरा अपने साथ लेकर जाएं, स्थानीय लोगों और खासकर महिलाओं द्वारा बनाए गए पर्यावरण अनुकूल उत्पादों को खरीदें, और सबसे जरूरी बात, वहां की भूमि और जीव-जंतुओं का सम्मान करें।