फरहान अख्तर का नया सफर: 'बीटल्स' बायोपिक में निभाएंगे रविशंकर का किरदार
सारांश
Key Takeaways
- फरहान अख्तर ने रविशंकर का किरदार निभाने का अवसर प्राप्त किया।
- यह प्रोजेक्ट भारतीय संगीत और पश्चिमी संगीत के बीच का संबंध दर्शाता है।
- सैम मेंडेस जैसे निर्देशक के साथ काम करना एक बड़ी जिम्मेदारी है।
- फिल्म में बीटल्स के चार प्रमुख सदस्यों का जीवन चित्रित किया जाएगा।
- भारत का बीटल्स के साथ एक खास रिश्ता है, जो संगीत के माध्यम से जुड़ा है।
मुंबई, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय कलाकार लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। इनमें से एक नाम है फरहान अख्तर, जिन्होंने अभिनेता, निर्देशक और निर्माता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है और अब वह वैश्विक सिनेमा में धूम मचाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। वह निर्देशक सैम मेंडेस के प्रोजेक्ट 'द बीटल्स: ए फोर-फिल्म सिनेमैटिक इवेंट' में काम कर रहे हैं।
अपने नए प्रोजेक्ट के बारे में फरहान अख्तर ने बताया कि वह प्रसिद्ध सितार वादक रविशंकर की भूमिका निभाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "यह अवसर मेरे लिए बहुत खास है, क्योंकि मैं दुनिया के सबसे प्रभावशाली म्यूजिक बैंड 'द बीटल्स' की कहानी का हिस्सा बन रहा हूँ।"
फरहान ने आगे कहा, "इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना एक बड़ी जिम्मेदारी है। बीटल्स जैसे बैंड पर फिल्म में काम करना और वह भी सैम मेंडेस जैसे निर्देशक के साथ, किसी सपने से कम नहीं है। महान संगीतकार रविशंकर जैसा किरदार निभाना चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को पश्चिमी दुनिया में प्रस्तुत किया।"
बातचीत के दौरान, फरहान ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया, "उत्तर भारत में लखनऊ के पास एक छोटे से गांव में भी लोग बीटल्स का नाम जानते थे। भले ही वहां लोग अंग्रेजी नहीं बोलते थे, लेकिन जब उनसे पश्चिमी दुनिया के किसी प्रसिद्ध नाम के बारे में पूछा जाता, तो उनका जवाब होता 'बीटल्स'। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत का बीटल्स के साथ एक विशेष संबंध रहा है, जो सीधे संगीत के माध्यम से जुड़ा है।"
यह मल्टी-फिल्म बायोपिक प्रोजेक्ट बीटल्स के चार सदस्यों जॉन लेनन, पॉल मैकार्टनी, जॉर्ज हैरिसन और रिंगो स्टार की जिंदगी और उनके संगीत यात्रा को दर्शाएगा। फरहान अख्तर का किरदार इस कहानी में महत्वपूर्ण है, क्योंकि रविचंकर का जॉर्ज हैरिसन के जीवन और संगीत पर गहरा प्रभाव पड़ा था। रविशंकर ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को पश्चिमी संगीत जगत में पहचान दिलाई।