क्या '120 बहादुर' की कहानी को फरहान और उनकी टीम ने बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत किया?
सारांश
Key Takeaways
- फिल्म '120 बहादुर' 1962 के युद्ध की महाकवि है।
- गजराज राव की प्रशंसा फिल्म की गुणवत्ता को दर्शाती है।
- फरहान अख्तर और उनकी टीम की मेहनत साफ नजर आती है।
- मेजर शैतान सिंह का बलिदान प्रेरणादायक है।
- दर्शकों को यह फिल्म अवश्य देखनी चाहिए।
मुंबई, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। 1962 में भारत-चीन युद्ध पर आधारित हाल की रिलीज़ फिल्म '120 बहादुर' को दर्शकों के साथ ही फिल्म इंडस्ट्री के कई सितारों से सराहना मिल रही है। इस सराहना की सूची में एक्टर गजराज राव का नाम भी शामिल हो गया है।
अभिनेता ने फिल्म '120 बहादुर' की प्रशंसा के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम की स्टोरीज सेक्शन का उपयोग किया। उन्होंने फिल्म की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए मेजर शैतान सिंह और उनके 120 बहादुर सैनिकों की पलटन को शत-शत नमन किया।
गजराज राव ने फिल्म के एक पोस्टर के साथ कैप्शन में लिखा, “मेजर शैतान सिंह और उनकी वीर पलटन को शत-शत नमन। फरहान और उनकी टीम ने 1962 की इस लड़ाई को अत्यधिक मेहनत और सच्चाई के साथ बड़े पर्दे पर प्रस्तुत किया है।”
फिल्म और उसकी टीम की प्रशंसा करते हुए उन्होंने दर्शकों से '120 बहादुर' देखने की अपील की। उन्होंने कहा, “'120 बहादुर' को एक बार अवश्य देखिए!”
फिल्म '120 बहादुर' 1962 में भारत-चीन के बीच लद्दाख के रेजांग ला पर हुए ऐतिहासिक युद्ध पर आधारित है, जिसमें अहिर कंपनी के 120 बहादुर सैनिकों ने 3000 से अधिक चीनी सैनिकों का सामना करते हुए देश की रक्षा की थी। इस युद्ध में मेजर शैतान सिंह को मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
फरहान अख्तर के प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट और रितेश सिधवानी के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन रजनीश घई ने किया है। फिल्म में मेजर शैतान सिंह की भूमिका में फरहान अख्तर हैं, जबकि अभिनेत्री राशि खन्ना मेजर की पत्नी शगुन कंवर के किरदार में हैं।
फिल्म '120 बहादुर' को एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैपी स्टूडियोज ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। फरहान अख्तर और राशी खन्ना के अलावा फिल्म में अंकित सिवाच भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।