ग्रेटर नोएडा में अधिवक्ता के साथ मारपीट के खिलाफ वकीलों का हंगामा, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग

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ग्रेटर नोएडा में अधिवक्ता के साथ मारपीट के खिलाफ वकीलों का हंगामा, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग

सारांश

ग्रेटर नोएडा के जिला न्यायालय में एक अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन, पुलिस के प्रति गहरा आक्रोश। क्या होगा आगे?

Key Takeaways

  • अधिवक्ता के साथ मारपीट का मामला गंभीर है।
  • वकीलों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
  • सरकार ने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया।
  • हड़ताल के कारण न्यायालय में सुनवाई प्रभावित हुई।
  • बार एसोसिएशन ने न्याय की मांग की है।

ग्रेटर नोएडा, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सूरजपुर के जिला न्यायालय परिसर में, एक अधिवक्ता के साथ हुई कथित मारपीट के खिलाफ सोमवार को वकीलों का आक्रोश व्यापक रूप से देखने को मिला। इस घटना के विरोध में बड़ी संख्या में अधिवक्ता न्यायालय परिसर में एकत्रित हुए और पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि वकीलों ने न्यायालय में मौजूद पुलिसकर्मियों को घेर लिया और उन्हें परिसर से बाहर जाने के लिए मजबूर कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाराज अधिवक्ताओं ने पुलिसकर्मियों को न्यायालय परिसर में प्रवेश करने से भी रोका। इस घटनाक्रम के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों को परिसर से बाहर जाते हुए दिखाया गया है। इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में गहरा रोष व्याप्त है।

वकीलों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथी के साथ अभद्रता और मारपीट की। सभी अधिवक्ता एकजुट होकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाइयाँ नहीं की जातीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित कर दिया है।

हालांकि, वकीलों का कहना है कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस घटना के विरोध में सूरजपुर जिला न्यायालय के सभी वकील हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे कई मामलों की सुनवाई प्रभावित होने की संभावना है।

अधिवक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक वे अपने कार्य पर वापस नहीं लौटेंगे। इस पूरे मामले पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके साथी अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट का बार ने कड़ा विरोध किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बार एसोसिएशन न्यायालय परिसर में किसी भी प्रकार के उपद्रव का समर्थन नहीं करता।

मनोज भाटी ने बताया कि मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यदि कहीं हंगामा हो रहा है, तो वह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए कोर्ट के माध्यम से ही इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी और विधिक तरीके से न्याय की मांग की जाएगी।

Point of View

बल्कि न्याय प्रणाली के लिए भी चिंता का विषय है। वकीलों का आक्रोश उचित है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना भी आवश्यक है।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

इस घटना का मुख्य कारण क्या था?
यह घटना एक अधिवक्ता के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा की गई कथित मारपीट के कारण हुई।
वकील इस मामले में क्या कार्रवाई की मांग कर रहे हैं?
वकील दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
क्या प्रशासन ने कोई कार्रवाई की है?
जी हाँ, प्रशासन ने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
क्या वकील हड़ताल पर गए हैं?
हाँ, हड़ताल के कारण न्यायालय में कई मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई है।
बार एसोसिएशन का क्या कहना है?
बार एसोसिएशन ने इस घटना का कड़ा विरोध किया है और उचित न्याय की मांग की है।
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